गोंडा। जिले में नया विश्वविद्यालय बनाने के मुद्दे को लेकर अब कोई जनप्रतिनिधि उठाने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने का ऐलान कर रखा है। इसके बावजूद जिले के सात विधायकों एवं दो सांसदों में से कोई गोंडा में नया विश्वविद्यालय बनाए जाने की मांग को गंभीरता से उठाने से पता नहीं क्यों कतरा रहे हैं।
गोंडा में उच्च शिक्षा के विस्तार एवं विकास को लेकर कोई जनप्रतिनिधि आखिर गम्भीर क्यों नहीं दिखाई पड़ रहा है। इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाने से उन्हें कौन रोक रहा है या किसका डर उनमें समाया हुआ है। जिले के जनप्रतिनिधि उच्च शिक्षा के सबसे बड़े संस्थान विश्व विद्यालय की मांग करने के बजाय स्पोर्टस कालेज, नवोदय विद्यालय एवं केंद्रीय विद्यालयों की मांग कर रहे हैं। यही इस जिले की सबसे बड़ी विडम्बना बन कर रह गया है। वर्तमान परिवेश में जिले के लाखों युवाओं को उच्च शिक्षा संस्थान की सर्वाधिक आवश्यकता है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिले के छात्र छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा हेतु सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दा विश्व विद्यालय जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार होकर रह गया है।
इतना ज्यादा विकास होने के बावजूद देवी पाटन मण्डल मुख्यालय गोंडा में छात्र छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय न होना बहुत बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है। माध्यमवर्ग के छात्र छात्राओं को विश्व विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे बड़े शहरों में जाकर रहना पड़ता है। इससे उनके अभिभावकों पर खरचे का बोझ बढ़ जाता है। इसके चलते ज्यादातर छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु विश्व विद्यालय के बजाय डिग्री कॉलेजों पर निरभर रहना पड़ता है। आखिर बाबा आदम के समय से चला आ रहा यह सिलसिला कब समाप्त होगा।
जबकि उत्तर प्रदेश सरकार भदोही और शाहजहांपुर में दो नए विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी कई महीने पहले दे चुकी है। बजट सत्र के पहले दिन विधानमंडल में इस संबंध में अध्यादेश पेश किए गए। शाहजहांपुर में शुकदेवानंद विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2026 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश-2026 को विधानमंडल में पेश किया। विधान परिषद में नगर विकास मंत्री ने उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश-2026 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश-2026 की सूचना सदन के पटल पर रखी। इसके अलावा, 12 नए अधिनियमों के निर्माण की भी सूचना दी गई। सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण का अनुसरण करते हुए सदस्यों को नए विश्वविद्यालयों और अधिनियमों के महत्व की जानकारी दी। इन कदमों से राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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