गोंडा। जिले में नया विश्वविद्यालय बनाने के मुद्दे को अब कोई जनप्रतिनिधि उठाने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने का ऐलान कर रखा है। इसके बावजूद जिले के सात विधायकों एवं दो सांसदों में से कोई गोंडा में नया विश्वविद्यालय बनाया जाने की मांग उठाने से पता नहीं क्यों डरा सहमा हुआ सा लगता हैं। जबकि हाल ही में यूपी के दो जिलों में नया विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा सरकार ने कर दिया है। जिले में एक केन्द्रीय मंत्री होने के बावजूद विश्वविद्यालय जैसा उच्च शिक्षा का संस्थान जिले में न बन पाना एक तरह से जिलेवासियों का दुर्भाग्य माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार भदोही और शाहजहांपुर में दो नए विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है। बजट सत्र के पहले दिन विधानमंडल में इस संबंध में अध्यादेश पेश किए गए। शाहजहांपुर में शुकदेवानंद विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2026 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश-2026 को विधानमंडल में पेश किया।
विधान परिषद में नगर विकास मंत्री ने उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश-2026 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश-2026 की सूचना सदन के पटल पर रखी। इसके अलावा, 12 नए अधिनियमों के निर्माण की भी सूचना दी गई। सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण का अनुसरण करते हुए सदस्यों को नए विश्वविद्यालयों और अधिनियमों के महत्व की जानकारी दी। इन कदमों से राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।