
गोंडा। जिले के तरबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत परास पट्टी मझवार का माझा क्षेत्र घाघरा की बाढ़ से पूरी तरह घिर गया है। यहां के 26 मजरों की करीब 6 हजार की आबादी टापू बन गई है। ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
धान, गन्ना, मक्का कीं फसलों समेत पशुओं का चारा भी पानी में डूब गया है। गांव की सड़कें और मुख्य मार्ग भी जलमग्न हैं। नदी का कटान तेज होने से कई ग्रामीणों के आशियाने उजड़ गए हैं और लोग पलायन को मजबूर हैं। बुधवार सुबह माझा क्षेत्र निवासी जगदीश का घर कटकर घाघरा में समा गया। बचा हुआ सामान ग्रामीण नाव के सहारे मड़हा टटिया लेकर पलायन कर रहे हैं। घाघरा ने माझा क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई है।
ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि बबलू सिंह का कहना है कि जगदीश, लली यादव और जुग्गू राज का आधा मकान कटकर नदी में समा गया है। पलायन कर रहे ग्रामीण पंचायत के डीहा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शरण लिए हुए हैं। लगभग 800 लंच पैकेट की जरूरत है, लेकिन तीन दिन से बाढ़ झेल रहे ग्रामीणों को लंच पैकेट तक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी एवं माननीय मांग के अनुरूप भोजन तक बाढ़ प्रभावितों को समय रहते नहींं मुहैयां करा पा रहे हैं। जबकि अधिकारियों की ओर से बाढ़ प्रभावितों के लिए किए गए अनेक व्यवस्थाओं को लेकर दावे काफी बढ़ा चढ़ा कर किये जा रहे हैं।
हल्का लेखपाल पंकज सैनी ने बताया कि बाढ़ प्रभावितों के लिए ब्लॉक प्रमुख के माध्यम से माझा क्षेत्र में लंच पैकेट भिजवाकर बंटवाए जा रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित परास पट्टी मझवार में सरकारी राहत ऊंट के मुंह में जीरा कई घर कटकर नदी में समाए
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