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Death

ममता बनर्जी के क़रीबी पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में मिला

✍️ Admin 📅 16 August, 2026 ⏰ 09:03 AM 👁 44 views

ममता बनर्जी सरकार में मंत्री और विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे तृणमूल कांग्रेस नेता आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह उनके आवास से सटे पार्टी के दफ्तर में बरामद किया गया. वो पश्चिम बंगाल में बीरभूम ज़िले की रामपुरहाट सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनका शव फंदे से लटका मिला था. फिलहाल मौत के कारण की जांच की जा रही है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है. लेकिन अधिकारियों ने उसके बारे में कुछ बताने से मना कर दिया. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. आशीष साल 2001 से ही इस सीट से लगातार चुनाव जीतते रहे थे. लेकिन इस साल बीजेपी उम्मीदवार ध्रुव साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. इलाक़े के लोगों ने सबसे पहले आशीष के शव को फंदे से लटकते देखा और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची रामपुरहाट थाने की पुलिस ने शव को बरामद किया. आशीष बनर्जी, ममता बनर्जी सरकार में स्कूली शिक्षा और कृषि मंत्री रहे थे. साल 2021 में उनको विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया गया था.आशीष ने बर्दवान विश्वविद्यालय से बांग्ला में डॉक्टरेट करने के बाद रामपुरहाट कॉलेज में अध्यापन से करियर शुरू किया था. लेकिन बाद में राजनीति में शामिल हो गए. उनको ममता बनर्जी का क़रीबी माना जाता था. (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.) इमेज स्रोत, Doordarshan National पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विजय घाट स्थित उनके स्मारक ‘सदैव अटल’ पहुंचकर श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "पुण्यतिथि पर अटल जी को याद कर रहा हूं. वह असाधारण दूर दृष्टि वाले महान राजनेता थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया. उनके विचारों और प्रयासों ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया और उनके नेतृत्व ने देश को मज़बूत बनाया. सुशासन और जनकल्याण पर उनका जोर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा." भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे. 1996 में पहली बार वो मात्र 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री रहे. वो दूसरी बार 1998 में प्रधानमंत्री बने मगर सरकार 13 महीने चली. तीसरी बार वो 1999 से 2004 तक प्रधानमंत्री रहे. उनका देहांत 16 अगस्त 2018 को हुआ था. संबंधित ख़बर- अटल बिहारी वाजपेयी और इंदिरा गाँधी के बीच 70 के दशक में कैसे रिश्ते थे? इमेज स्रोत, AFP via Getty Images ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ़ की लापता लोगों की तलाश से जुड़ी समिति के प्रमुख ने दावा किया है कि तीन ईरानी पायलट क़तर की क़ैद में हैं. उन्होंने उनकी स्थिति स्पष्ट कराने में मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (आईसीआरए) से अपील की है. ईरानी मीडिया के मुताबिक़, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बाक़रज़ादेह ने आईसीआरए की अध्यक्ष मैरियाना स्पोल्यारिक को लिखे पत्र में कहा कि दो सुखोई-24 लड़ाकू विमान 2 मार्च 2026 को क़तर में मौजूद एक 'दुश्मन सैन्य अड्डे' को निशाना बनाने के मिशन पर भेजे गए थे. उनके मुताबिक़, मिशन पूरा करने के बाद वापस लौटते समय विमानों को दुश्मन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जिसके चलते चार ईरानी पायलट प्रभावित हुए. इन चार पायलटों में से एक माजिद काज़ेमी का शव बाद में ईरान लाया गया और उन्हें 29 अगस्त को शिराज में दफ़नाया गया. ब्रिगेडियर जनरल बाक़रज़ादेह ने दावा किया कि बाकी तीन पायलटों जवाद सालेही, अब्दुलमजीद दश्तियान और इमरान बहरूशियान को क़तर की सेना ने ज़िंदा पकड़ लिया था. क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने ईरान के इस दावे को ख़ारिज किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं. ऐसे में “इस समय इस तरह के भ्रामक बयानों” को लेकर उन्हें काफ़ी हैरानी हुई है. माजिद अल-अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान में कहा कि मार्च में क़तर के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन होने के बाद उन्होंने ईरानी पायलटों से संपर्क किया था और उनके उड़ान मार्ग की पुष्टि की थी. उनके मुताबिक़, जब पायलटों की ओर से संदेशों का कोई जवाब नहीं मिला तो क़तर ने “संघर्ष के नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानून की ज़रूरतों के तहत” अपनी रक्षा के लिए कार्रवाई की. उन्होंने आगे कहा कि क़तर की खोज और बचाव टीमों ने इन पायलटों की तलाश के लिए अभियान चलाया था. प्रवक्ता ने बताया कि एक पायलट का शव बरामद हुआ था और उसे ईरान को सौंपने के लिए क़तर सरकार ने तेहरान से संपर्क भी किया था. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास स्थित एक मंदिर के 66 साल के मैनेजर को एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यह घटना 13 अगस्त को मंदिर परिसर के अंदर हुई थी. बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची. एजेंसी ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि आरोपी के ख़िलाफ़ रामचंद्रपुरम पुलिस थाने में पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. इमेज स्रोत, Anna Moneymaker/Getty Images ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी है. अज़ीज़ी ने कहा कि ट्रंप को होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर लगातार धमकियां देने के बजाय अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अपनी सुरक्षा के लिए ट्रंप को शायद 'खाने के ट्रक' में छिपना पड़ सकता है. अज़ीज़ी का यह बयान ट्रंप के उस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने पिछली रात कहा था कि वह 'होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे.' बाद में व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ने यह बात मज़ाक में कही थी. हालांकि, उनके इस बयान की मीडिया में काफ़ी चर्चा हुई है और ईरान के कई अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. संबंधित ख़बर- ट्रंप ने कहा- होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करेंगे बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - आज़ादी की सारी ख़ुशियों से एक फ़ोन कॉल ने नेहरू को जुदा कर दिया था - लाल क़िले से युवाओं की बात, लेकिन परीक्षा और भर्ती विवादों का ज़िक्र क्यों नहीं - क्या विश्व कप में बदलेगी भारतीय महिला हॉकी की किस्मत? 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स्रोत: BBC Hindi

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