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नेपाल में आई बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के पर्यटकों का क्या है हाल, परिजन चिंतित

✍️ Admin 📅 27 August, 2026 ⏰ 06:42 PM 👁 10 views

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद फंसे तमिलनाडु के पर्यटकों के रिश्तेदारों ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं. नेपाल पुलिस के मुताबिक़, रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में अब तक 277 से ज़्यादा लोगों के मारे गए हैं. आपदा के समय इस इलाक़े में मौजूद 500 से ज़्यादा पर्यटकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है. गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिए लिखा है कि तमिलनाडु के 21 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर लिया गया है. उन्होंने बचाए गए लोगों की सूची जारी की है. तमिलनाडु से 57 और 49 लोगों के दो अलग-अलग समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए थे. टूर ऑपरेटरों से मिली जानकारी के मुताबिक़, तमिलनाडु और पुडुचेरी के कम से कम 106 तीर्थयात्री इस समय नेपाल में फंसे हुए हैं. तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से 49 तीर्थयात्रियों का एक समूह चेन्नई के पास क्रोमपेट में स्थित निजी पर्यटन कंपनी महादेव कैलाश यात्रा के जरिए रवाना हुआ था. 57 तीर्थयात्रियों का एक अन्य समूह कुंभकोणम स्थित एक टूर ऑपरेटर के जरिए गया था. अब कुंभकोणम की टूरिज़्म कंपनी ने बताया है कि इनमें से 21 यात्री सुरक्षित हैं. बीबीसी तमिल के मुताबिक़, ये 21 लोग दो अलग-अलग समूहों में हैं, जिनमें एक समूह में 11 और दूसरे में 10 लोग हैं. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. वल्लीनायकी की रिश्तेदार वसंती ने बीबीसी तमिल को बताया कि त्रिची की वल्लीनायकी, शिवरंजनी और करपगम सुरक्षित हैं और उन्हें आज रात काठमांडू लाया जाएगा. उन्होंने कहा, "हमने आज सुबह उनसे वीडियो कॉल पर बात की थी. उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर से उन्हें एक सुरक्षित जगह पर लाया गया. उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर बारिश हो रही है और वे आज दोपहर बाद या कल काठमांडू पहुंचेंगे." होसुर के रघुनाथन भी कुंभकोणम टूरिज़्म कंपनी के जरिए यात्रा करने वालों में शामिल थे. उनके रिश्तेदार आकाश ने बीबीसी तमिल को बताया, "कल शाम सेना के हेलीकॉप्टरों से उन्हें त्रिशूली के सेना शिविर में लाया गया था. यहां 11 लोग थे. वे आज सुबह सड़क के रास्ते काठमांडू के लिए रवाना हुए. बाकी समूह किसी दूसरी जगह पर है. काठमांडू पहुंचने के बाद वे भी अपने गांव लौटने का फैसला करेंगे." मानसरोवर यात्रा पर गए कुछ श्रद्धालुओं के रिश्तेदारों का कहना है कि वे उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. 49 तीर्थयात्रियों का समूह 17 तारीख़ को क्रोमपेट की महादेव कैलाश यात्रा के जरिए रवाना हुआ था और चेन्नई एयरपोर्ट से नेपाल होते हुए गया था. बाढ़ आने के समय वे पिछले नौ दिनों से नेपाल में यात्रा कर रहे थे. बीबीसी तमिल से बात करते हुए महादेव कैलाश यात्रा के कुमारवेल नागप्पन ने कहा, "हमारी संस्था के जरिए कुल 49 लोग गए थे. बाढ़ के समय वे सभी नेपाल की एक इमिग्रेशन पोस्ट पर थे." उन्होंने कहा, "इस समूह में सिर्फ चेन्नई के तीर्थयात्री ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु के कई ज़िलों के लोग भी शामिल हैं. हम अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनमें से कितने लोग सुरक्षित हैं और इस समय उनकी स्थिति क्या है." कुंभकोणम की एक अन्य ट्रैवल कंपनी सुपर यात्रा एजेंसी 57 तीर्थयात्रियों को कैलाश यात्रा पर लेकर गई थी. इसके मालिक सैयद सादिक ने बीबीसी तमिल को बताया, "नेपाल से हमें मिली ताजा जानकारी के मुताबिक़, काठमांडू से भेजे गए हेलीकॉप्टरों ने कुछ भारतीय नागरिकों को बचाया है. हालांकि, हमें अभी यह पता नहीं है कि वे किस-किस राज्य से हैं." उन्होंने कहा, "हमारी एजेंसी के जरिए गए 30 से ज़्यादा लोगों से हम संपर्क नहीं कर पाए हैं. इनमें मेरा बेटा उमर फारूक भी शामिल है, जो टूर ग्रुप के गाइड के तौर पर गया था. मैंने उससे आखिरी बार मंगलवार रात को बात की थी, बाढ़ आने से पहले." परिवार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. कुंभकोणम के करनाकोल्लई अग्रहारम के साईनाथ सुब्रमणियम अपनी पत्नी जयलक्ष्मी रामनाथन और बेटी केथारा गौरी के साथ नेपाल गए थे. अब तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है. चिंतित रिश्तेदार और स्थानीय लोग कुंभकोणम स्थित टूर एजेंसी के बाहर जुटे हैं. वे नेपाल गए अपने परिजनों के बारे में जानकारी मांग रहे हैं. जिन लोगों का पता नहीं चल पा रहा है, उनमें धर्मपुरी की प्रेमा वाणी और पुष्पा भी शामिल हैं. दोनों महिलाओं ने आपदा से एक शाम पहले अपने परिवारों से बात की थी, लेकिन उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है. इस बीच, धर्मपुरी के तहसीलदार सुकुमार के नेतृत्व में अधिकारियों ने पुष्पा के परिवार से मुलाकात की और उन्हें बताया कि पुष्पा और प्रेमा वाणी दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें घर वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है. पुष्पा की बेटी लक्ष्मी प्रिया ने अधिकारियों से फ़ोन पर बात कराने की व्यवस्था करने की अपील की है, ताकि परिवार उनसे सीधे बात कर सके. तिरुवरूर ज़िले के परिवार भी जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. रिश्तेदारों के मुताबिक़, तिरुकन्नमंगई गांव की कलाईचेल्वी और वडुवूर इलाक़े के बालासुब्रमणियन से संपर्क नहीं हो पा रहा है. कलाईचेल्वी ने बुधवार सुबह अपने बेटों सुरेशकुमार और विजयकुमार से बात की थी और उन्हें बताया था कि वह अभी भी नेपाल में हैं. इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ है. उनके लापता होने की ख़बरों के बाद तिरुवरूर के तहसीलदार इलंगोवन ने परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, स्थिति का जायजा लिया और मदद की पेशकश की. इसी तरह, कुंभकोणम के पोट्टारा नॉर्थ इलाके के तिरुमलाई राजन और उनकी पत्नी थायलनायकी भी सुपर यात्रा एजेंसी के जरिए नेपाल गए थे. उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर थायलनायकी की रिश्तेदार महेश्वरी ने अधिकारियों से उनके सुरक्षित बचाव और तमिलनाडु वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है. इसके अलावा कुड्डालोर जिले के चिदंबरम, भुवनगिरी और नेवेली से 15 तीर्थयात्री भी कुंभकोणम स्थित एजेंसी के जरिए नेपाल गए थे. उनके परिवारों के मुताबिक़, समूह नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित तिमुरे कस्बे में ठहरा हुआ था. परिवार के सदस्यों ने कहा, "उन्होंने बताया था कि मुथु कुमारेशन, मैथिली, त्यागराजन, कृपागिरी, नवु कबीरदास, विजया भुवनेश्वरी, मारन और शांति अपने ठिकाने पर रुक गए थे, जबकि बाकी लोग दो वैन में घूमने गए थे." उन्होंने कहा, "बताया गया है कि दोनों वैन भूस्खलन की चपेट में आ गईं. वाहनों में सवार लोगों की स्थिति के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है." वहीं पुडुचेरी के एक परिवार के लिए कुछ अच्छी ख़बर मिली है. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नेपाल में तीर्थयात्रा के लिए गई एक ही परिवार की तीन महिलाओं के रिश्तेदारों को बताया कि वे सुरक्षित हैं. गीता के बेटे विष्णु राम ने बताया कि उनकी मां गीता, बहन वैष्णवी और रिश्तेदार आनंदा सुंदरी ने बुधवार सुबह फ़ोन पर परिवार से बात की थी. उन्होंने कहा, "उन्होंने सुबह करीब 6.15 बजे मुझे फ़ोन किया और बताया कि वे चीनी सीमा की ओर जा रही हैं और पासपोर्ट की जांच के बाद चीन में प्रवेश करेंगी." विष्णु राम ने बताया कि परिवार को बाद में ख़बरों के जरिए ही आपदा की भयावहता का पता चला. उन्होंने कहा, "इसके बाद राज्य आपदा प्रबंधन टीम के अधिकारियों ने हमसे संपर्क किया और बताया कि हमारे सभी रिश्तेदार सुरक्षित हैं. इससे हमें कुछ राहत मिली. हालांकि, हम अब तक उनसे सीधे बात नहीं कर पाए हैं. हमें पूरी तरह राहत तभी मिलेगी, जब हम खुद उनकी आवाज सुनेंगे." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. 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स्रोत: BBC Hindi

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