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Death

78 वीरता पुरस्कार का ऐलान, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, 13 मरणोपरांत भी शामिल

✍️ Admin 📅 14 August, 2026 ⏰ 08:39 PM 👁 42 views

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अगस्त 2026 (शुक्रवार) की शाम को डिफेंस फोर्सेज और सेंट्रल ऑर्म्ड पुलिस फोर्सेज के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कार को अवॉर्ड्स की मंजूरी दी है. इसमें 13 मरणोपरांत अवॉर्ड्स शामिल हैं. इनमें 09 कीर्ति चक्र, इनमें, 7 मरणोपरांत अवॉर्ड्स शामिल हैं. इनके अलावा 19 शौर्य चक्र अवॉर्ड्स, इनमें 01 मरणोपरांत अवॉर्ड शामिल हैं. साथ ही 36 सेना के मेडल्स, 5 मरणोपरांत अवॉर्ड्स शामिल हैं. 03 नौसेना मेडल और 5 वायुसेना मेडल्स  शामिल हैं.   कीर्ति चक्र अवॉर्ड कब दिया जाता है?  क्रीर्ति चक्कर और शौर्य चक्र प्रमुख सम्मानों में शामिल हैं. 9 कीर्ति चक्रों को मंजूरी दी है. इनमें से सात मरणोपरांत दिए जाने वाले सम्मान हैं. कीर्ति चक्र भारत के शांति काल के प्रमुख वीरता पुरस्कारों में से एक हैं. यह असाधारण बहादुरी के कामों के लिए दिया जाता है. इस लिस्ट में 19 शौर्य चक्रों के साथ-साथ एक बार टू शौर्य चक्र भी शामिल हैं. शौर्य चक्र उन परिस्थितियों में वीरता और साहस के कामों के लिए दिया जाता है, जिनमें दुश्मन से सीधी लड़ाई शामिल नहीं होती है.  सेना मेडल 41 अवॉर्ड्स के साथ लिस्ट में टॉप पर सेना मेडल 41 अवॉर्ड्स के साथ लिस्ट में टॉप पर है. कुल 41 सेना मेडल को मंजूरी दी गई है. इनमें सेना के मेडल के लिए पांच बार और 36 सेना मेडल शामिल हैं. 36 सेना मेडल अवॉर्ड्स में से पांच मरणोपरांत दिए जान के लिए मंजूर किए गए हैं. यह अवॉर्ड उन जवानों को अतिरिक्त वीरतापूर्ण कार्यों को मान्यता देता है, जिन्हें पहले ही सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है.  नौसेना और वायुसेना के जवानों को भी किया गया सम्मानित  इसके अलावा नौसेना और वायुसेना के जवानों को भी सम्मानित किया गया है. राष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना के जवानों के लिए तीन नौसेना मेडल को मंजूरी दी है. भारतीय वायुसेना के जवानों के लिए पांच वायुसेना मेडल को मंजूरी दी गई है. यह भारत की तीनों सशस्त्र सेनाओं के जवानों के योगदान को भी उजागर करता है. बीते एक दशक में देश ने तेजी के साथ तरक्की की- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नीरज राजपूत देश के जाने-माने डिफेंस-जर्नलिस्ट और वॉर-लेखक हैं. पत्रकारिता में करीब ढाई दशक का अनुभव रखते हैं और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया तीनों में गहरी पकड़ है. वर्तमान में वे ABP नेटवर्क से जुड़े हैं, जहाँ युद्ध, रक्षा, नेशनल सिक्योरिटी और जियो-पॉलिटिक्स से संबंधित विषयों को कवर करते हैं. ABP लाइव पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘गेम-चेंजर’ के प्रस्तुतकर्ता भी हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने पहली हिंदी पुस्तक "ऑपरेशन Z लाइव" लिखी, जो बेस्टसेलर सूची में भी शामिल हुई और पाठकों द्वारा खूब सराही गई. रिपोर्टिंग का दायरा- दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन से लेकर आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर और चीन सीमा पर तिब्बत के पठार तक- पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर-स्ट्राइक से लेकर पनडुब्बी के जरिए समुद्र के भीतर तक- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके एक्सक्लूसिव खुलासे और सटीक विश्लेषणों की व्यापक सराहना हुई- यूक्रेन-रूस युद्ध क्षेत्र में मारियुपोल, डोनेत्स्क और लुहांस्क जैसे एक्टिव वॉर-जोन से रिपोर्टिंग. इसी अनुभव पर आधारित उनकी पुस्तक प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई- दुनिया की सबसे संवेदनशील सीमाओं में से एक उत्तर-दक्षिण कोरिया की DMZ- ⁠अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक JBLM, और शीत युद्ध के दौरान "गैर-मौजूद" माने जाने वाले रूसी सैन्य अड्डों से भी ग्राउंड रिपोर्टिंग. - ⁠वे उन चुनिंदा रक्षा जुड़े पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने भारत के पहले स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर LCH-प्रचंड के कॉकपिट में उड़ान भरी है. इसके अलावा फ्रांस में राफेल लड़ाकू विमान निर्माण सुविधा से भी उन्होंने विशेष रिपोर्टिंग की. भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 'Defence Correspondent Course' के Alumni हैं. पूर्व कार्य अनुभव- STAR NEWS में लगभग 6 वर्षों तक चीफ रिपोर्टर (क्राइम) के तौर पर कार्य किया और लोकप्रिय क्राइम शो 'सनसनी' से जुड़े रहे- पत्रकारिता की शुरुआत अंग्रेजी दैनिक नेशनल हेराल्ड से की- इसके बाद B.A.G. Films के साथ जुड़कर STAR NEWS के लिए क्राइम शो बनाए- SAHARA TV में भी लगभग 2 वर्षों तक कार्यरत रहे रक्षा और सुरक्षा के मामलों पर उनकी पकड़, ग्राउंड-जीरो रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण उन्हें देश के सबसे भरोसेमंद डिफेंस जर्नलिस्ट्स में स्थापित करती है.

स्रोत: ABP Hindi

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