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संसद परिसर में कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे के बीच किस बात पर हुई बहस

✍️ Admin 📅 29 July, 2026 ⏰ 09:04 AM 👁 41 views

मंगलवार की रात संसद परिसर में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच बहस हो गई. रात क़रीब 10 बजे निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट किया, "उन्होंने स्वीकार किया कि सांसद ब्रिटिश कम्पनी में डायरेक्टर थे." एएनआई पर जारी वीडियो में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं- नॉमिनी डायरेक्टर कंपनी से लिंक होता है..., इस पर निशिकांत दुबे सवाल करते हैं- डायरेक्टर क्यों हैं. इसके जवाब में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं, "मैं आपको विस्तार से समझाउंगा कि कंपनियां कैसे काम करती हैं." दरअसल उस समय कार्ति चिदंबरम संसद में जा रहे थे और निशिकांत दुबे अपने कार में बैठे हुए थे. बाद में कार्ति चिदंबरम ने एएनआई से कहा, "मुझे नहीं लगता कि दुबे को यह समझ है कि ब्रिटेन में कंपनियां कैसे रजिस्टर होती हैं, कहां स्थित होती हैं या कैसे चलाई जाती हैं. मैं कल उन्हें मुफ़्त में ट्यूटोरियल देने के लिए तैयार हूँ." दरअसल, निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था, “एक भारतीय सांसद हैं जिन्होंने 2003 में ‘बैकप्स लिमिटेड यूके’ नाम की कंपनी रजिस्टर कराई थी. इसका रजिस्टर्ड पता 2 फ़्रांगल वे, लंदन है. इसके दो निदेशक हैं, जिनमें एक का नाम लवग्रोव और दूसरे का नाम मैकनाइट है. लवग्रो 1,056 कंपनियों में निदेशक हैं, जबकि मैकनाइट करीब 256 कंपनियों में निदेशक हैं." "इसके अलावा उसी पते 2 फ़्रांगल वे पर 60 अन्य कंपनियां भी रजिस्टर्ड हैं. उन 60 कंपनियों में कई टीवी चैनल भी शामिल हैं, जिनका एकमात्र काम भारत में घटनाओं को सनसनीख़ेज़ बनाना और राष्ट्रविरोधी ताकतों को एकजुट करना रहा है." "इसलिए मैं संसद में यह पूरा मामला उठाऊंगा कि वह सांसद कौन हैं और उन्होंने यह कंपनी कैसे रजिस्टर कराई? उनका लवग्रोव और मैकनाइट से क्या संबंध है? इमेज स्रोत, Michael Steele/Getty Images भारत के स्टार धावक गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में मंगलवार को इतिहास रच दिया. 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर वह इस इवेंट में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बने. 27 वर्षीय गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहे. इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने जीता, जबकि डेविड मुलार्की ने कांस्य पदक अपने नाम किया. यह उपलब्धि इसलिए भी ख़ास रही क्योंकि लंबी दूरी की दौड़ में परंपरागत रूप से मजबूत माने जाने वाले कीनिया और युगांडा के धावक इस बार पोडियम में जगह नहीं बना सके. गुलवीर सिंह को भारत का सर्वश्रेष्ठ लंबी दूरी धावक माना जाता है और ग्लासगो में उनका यह प्रदर्शन उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारत का यह दूसरा मेडल था. हरजिंदर कौर महिला 69 किलोग्राम भार वर्ग में वेटलिफ़्टिंग में दूसरे नंबर रहीं. इसके साथ ही भारत के कुल मेडल्स की संख्या 12 पहुंच गई है. ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को अमेरिका में ह्यूमनॉइड रोबोटों के नए आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. प्रशासन ने कहा कि ये रोबोट देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 'जोखिम' पैदा कर सकते हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है. यह प्रतिबंध उन्नत रोबोटों पर लागू होगा, जिनमें ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट शामिल हैं. इनमें से कई रोबोट चीन में बनाए जाते हैं. चीन और अमेरिका इस समय रोबोटिक्स और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में बढ़त हासिल करने की प्रतिस्पर्धा में हैं. इमेज स्रोत, VCG via Getty Images अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफ़सीसी) ने पावर इन्वर्टर के आयात पर भी रोक लगा दी है. इन्वर्टर का इस्तेमाल डेटा सेंटर और सोलर पैनलों में होता है. एफ़सीसी का कहना है कि ये उपकरण अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं. एफ़सीसी के अध्यक्ष ब्रेंडन कार ने कहा कि एजेंसी 'अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करने' के लिए अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही है. एफ़सीसी ने इन रोबोटों और इन्वर्टरों को अपनी 'कवर्ड लिस्ट' में शामिल कर लिया है. इस सूची में उन वस्तुओं और सेवाओं को रखा जाता है जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित ख़तरा माना जाता है. अभी तक चीन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है. अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने मध्य पूर्व में उसके ठिकानों पर 'अचानक हमला' कर दिया और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. हालाँकि अमेरिकी सेना का कहना है कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक़ हमला मंगलवार शाम को हुआ. संभावित निशानों या ठिकानों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. इसके जवाब में अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने पूर्वी इराक़ में 'ईरान समर्थित आतंकवादी ठिकानों' पर संयुक्त कार्रवाई की. सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर हुए 30 ड्रोन हमलों के जवाब में की गई, जिनके पीछे ईरान का समर्थन होने का आरोप है. तेहरान ने अभी तक इन आरोपों या कथित मिसाइल हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. ये जवाबी हमले ऐसे समय में हुए जब अमेरिका और ईरान के बीच कुछ दिनों से सीधे हमले नहीं हुए थे और बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ 'बहुत दोस्ताना बातचीत' होने की बात कही थी. ताज़ा घटनाओं ने दोनों देशों के बीच बनी अस्थायी शांति को फिर से ख़तरे में डाल दिया है और मध्य पूर्व में तनाव दोबारा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता संदीप राय अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - 'बलात्कारियों का बचाव करने वाले शिक्षा मंत्री हैं': राहुल गांधी ने प्रल्हाद जोशी पर क्यों लगाए आरोप - बिहार: गिरफ़्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई के लिए महाधिवक्ता ने दिए निर्देश, इंतज़ार में हैं परिजन - कॉमनवेल्थ गेम्स क्या होते हैं, ग्लासगो में हो रहे खेल कितने हैं अलग? - 'मेरी आंखों पर पट्टी बांधी, गाड़ी में डाला और ले गए': जंतर-मंतर पर खाना बांटने वाले जुनैद - जंतर-मंतर पर गोली चलाने की वकालत करने वाले हिंदुत्व विचारक से आरएसएस ने बनाई दूरी

स्रोत: BBC Hindi

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