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Karnataka: डीके शिवकुमार चुने गए विधायक दल के नेता, पूर्व CM सिद्धारमैया की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

✍️ Admin 📅 30 May, 2026 ⏰ 10:23 PM 👁 57 views

Siddharamiah Congratulate DK Shivakumar: कांग्रेस में चल रही सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान थम गई है. सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद 3 जून को डीके शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इससे पहले शनिवार को हुई बैठक में विधायकों ने दल के नेता के रूप में डीके शिवकुमार को चुना है. अब इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बधाई संदेश डीके शिवकुमार को लिखा है. वहीं डीके शिवकुमार ने भी अपनी तरफ से एक्स पर उनके बधाई संदेश का जवाब दिया है. 

कॉमरेड डीके शिवकुमार को हार्दिक बधाई देता हूं: सिद्दारमैया

उन्होंने एक्स पर साझा किए पोस्ट में कहा कि कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने जाने पर कॉमरेड डी.के. शिवकुमार को हार्दिक बधाई. प्रिय शिवकुमार, एक सहकर्मी के तौर पर, मैंने आपकी अदम्य ऊर्जा, सांगठनिक सूझबूझ और कांग्रेस पार्टी के प्रति आपकी अटूट निष्ठा को करीब से देखा है. मेरी दिली इच्छा है कि इन सभी गुणों का उपयोग राज्य की जनता की भलाई के लिए किया जाए.

सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक न केवल रेवेन्यू के मामले में देश में पहले स्थान पर है, बल्कि धन, सत्ता और अवसरों के न्यायसंगत वितरण के लिए एक आदर्श के रूप में भी उभरा है. यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हमारी शुरू की गई हर योजना को अन्य राज्य एक मॉडल के रूप में अपना रहे हैं और लागू कर रहे हैं.

सिद्धारमैया ने कहा कि कुल आठ सालों तक, कर्नाटक की जनता के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का जो अवसर मुझे मिला, उसने मुझे राज्य को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी प्रदेश के रूप में विकसित करने का मौका दिया, और यह मेरे लिए गर्व का विषय है. विकास के इस रथ को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी अब आपके कंधों पर है मुझे पूरा विश्वास है कि आपके पास इसके लिए आवश्यक दृढ़ता, क्षमता और दूरदर्शिता मौजूद है.

राज्य की जिम्मेदारी अब आप पर है: सिद्धारमैया 

सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसे समय में जब पूरा देश आर्थिक असुरक्षा के भय से ग्रस्त है, राज्य की जनता भी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है. सक्षम शासन के माध्यम से उनमें विश्वास जगाने के साथ-साथ, राज्य को विकास के पथ पर अग्रसर करने की जिम्मेदारी अब आप पर है. हाल के दिनों में, कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर कुछ राजनीतिक झटकों का सामना करना पड़ा है. हम चुनाव हार सकते हैं या जीत सकते हैं. लेकिन हमें वैचारिक रूप से कभी नहीं हारना चाहिए. मेरा मानना ​​है कि यदि कोई राजनीतिक दल वैचारिक रूप से हार जाता है, तो वह चुनाव नहीं जीत सकता और उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा.

सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य के विकास के साथ-साथ अपनी माँ-समान कांग्रेस पार्टी के गौरव को पुनः स्थापित करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा त्याग और संघर्षों के बल पर निर्मित 'समरस भारत' को जाति और धर्म के नाम पर तोड़ा जा रहा है. स्वयं संविधान पर ही प्रश्नचिह्न लगाए जा रहे हैं. जो लोग सरकार पर सवाल उठाते हैं, उन्हें दबाया जा रहा है. जिन लोगों ने गांधी की हत्या की थी, वे अब गोडसे का महिमामंडन करने पर तुले हैं.

स्रोत: ABP Hindi

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