OBC में क्रीमी लेयर के लिए आरक्षण की मांग करने वालों से SC ने पूछा- तुम्हारे माता-पिता IAS, फिर भी चाहिए कोटा?
देश में आरक्षण की सीमा और क्रीमी लेयर को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (22 मई, 2026) को ओबीसी आरक्षण और क्रीमी लेयर को लेकर सुनवाई में सवाल उठाया कि अगर उम्मीदवार के माता-पिता दोनों ही आईएएस अधिकारी हैं, तो उसे आरक्षण का लाभ क्यों मिलना चाहिए.
जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइंया की बेंच ने कहा कि आरक्षण में आर्थिक के अलावा सामाजिक स्थिति भी देखी जानी चाहिए. ये टिप्पणियां जस्टिस बी वी नागरत्ना ने की हैं. याचिका में उस नियम पर सवाल उठाया गया था, जिसमें माता-पिता की नौकरी को बच्चों को क्रीमी लेयर श्रेणी में डालने का आधार बनाने को गलत बताया गया था.
कोर्ट ने कहा कि आईएएस अधिकारियों के बच्चों का आरक्षण मांगना सही नहीं लगता है. हालांकि, इन टिप्पणियों के बावजूद याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया. सुप्रीम कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें बैकवर्ड क्लास के क्रीमी लेयर उम्मीदवारों के लिए रिजर्वेशन की मांग की गई है.
जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने इस दौरान बेहद अहम टिप्पणी की है. उन्होंने कहा, 'उम्मीदवार के माता-पिता आईएएस अधिकारी हैं, सरकारी नौकरी में हैं. वे अच्छी स्थिति में हैं. अब सरकार ने इन लोगों को रिजर्वेशन से बाहर कर दिया तो ये लोग उस पर सवाल उठा रहे हैं.'
स्रोत: ABP Hindi