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ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को ईडी ने गिरफ़्तार किया

✍️ Admin 📅 12 May, 2026 ⏰ 09:01 AM 👁 53 views

इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images अमेरिका ने ईरान के युद्ध ख़त्म करने वाले प्रस्ताव को अस्वीकार दिया है. इसके बाद ईरान ने कहा है कि अमेरिका के सामने 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर लिखा, "ईरानी लोगों के अधिकारों को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है, जैसा कि 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव में लिखा गया है." उन्होंने लिखा, "कोई और तरीका पूरी तरह बेकार होगा, लगातार नाकामियों के अलावा कुछ नहीं मिलेगा. जितनी देर वे टालेंगे, उतना ही अमेरिकी टैक्स देने वालों को अपनी जेब से ख़र्च करना पड़ेगा." दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग ख़त्म करने के लिए अमेरिका के प्रस्तावों पर ईरान के जवाब को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया है. ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, पाकिस्तान के ज़रिए भेजे गए ईरान के प्रस्ताव में कई मांगें शामिल थीं. इन मांगों में तुरंत जंग ख़त्म करने, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और भविष्य में ईरान पर दोबारा हमला न करने की बात कही गई है. संबंधित कहानी: जंग ख़त्म करने के लिए ईरान के प्रस्ताव में ऐसा क्या है जो ट्रंप को है नामंज़ूर पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को सोमवार देर रात गिरफ़्तार कर लिया. इससे पहले उनसे ईडी के दफ़्तर में क़रीब दस घंटे तक पूछताछ की गई. ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि बोस को मंगलवार को कोलकाता की एक अदालत में पेश किया जाएगा. इससे पहले एक मई को भी वो ईडी के सामने हाज़िर हुए थे. अधिकारी ने बताया, "नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के तहत दक्षिण दमदम नगरपालिका में अवैध रूप से उम्मीदवारों की सिफ़ारिश करने के मामले में उनको पूछताछ के लिए बुलाया गया था." ईडी सूत्रों ने बताया, "ऐसी सूची में कम से कम डेढ़ सौ उम्मीदवारों के नाम हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर चुनावी नतीजों के बाद वो साल्टलेक स्थित ईडी के दफ़्तर पहुंचे थे." ईडी ने इससे पहले सुजीत बोस के घर और दफ़्तर की भी तलाशी ली थी. ईडी ने विधानसभा चुनाव से पहले भी बोस को कई बार समन भेजा था. लेकिन चुनाव में व्यस्त रहने के कारण वो ईडी के दफ़्तर नहीं जा सके थे. इस मामले में ईडी सुजीत के बेटे और परिवार के कई दूसरे सदस्यों से भी पूछताछ कर चुकी है. ईडी की ओर से बार-बार समन भेजने के बाद सुजीत ने दावा किया था कि इस मामले में सीबीआई पहले ही चार्जशीट जमा कर चुकी है और उसमें उनका नाम नहीं है. गौरतलब है कि ममता बनर्जी की सरकार में फ़ायर ब्रिगेड मंत्री रहे सुजीत इस बार विधाननगर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे. इमेज स्रोत, Anuwar Hazarika/NurPhoto via Getty Images हिमंत बिस्वा सरमा आज यानी मंगलवार को दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के बड़े नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हिमंत बिस्वा सरमा के अलावा चार और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, दो बीजेपी से और एक-एक सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ से. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार रात ही गुवाहाटी पहुंच गए. वे असम में तीसरी बार बनने जा रही बीजेपी-एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. बीजेपी और एनडीए के बड़े नेता शामिल होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शपथ समारोह का हिस्सा होंगे. शपथ ग्रहण में शामिल होने वालों में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सर्बानंद सोनोवाल, शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और चिराग पासवान भी हैं. इन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गोवा के प्रमोद सावंत, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, बिहार के सम्राट चौधरी, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, ओडिशा के मोहन चरन माजी और मध्य प्रदेश के मोहन यादव भी गुवाहाटी के पहुंचे हैं. पूर्वोत्तर के राज्यों में त्रिपुरा, नगालैंड, मिज़ोरम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी गुवाहाटी पहुंचे हैं. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नगालैंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के उपमुख्यमंत्री भी गुवाहाटी पहुंचे हैं. शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी खानापारा वेटरनरी कॉलेज के मैदान में होगा. यहां हज़ारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है और मेहमानों के लिए अलग मंच भी बनाया गया है. एनडीए ने विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल की है. बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 10-10 सीटें जीतीं. संबंधित कहानी: हिमंत बिस्वा सरमा: असम में ज़ोरदार जीत से बीजेपी में कितना बढ़ा क़द? इमेज स्रोत, Aaron Schwartz/Sipa/Bloomberg via Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से चल रहा युद्धविराम "लाइफ़ सपोर्ट पर है." व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अभी जारी है, लेकिन यह "बहुत ही कमज़ोर" स्थिति में है. ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर लिखा, "ईरान की सेना किसी भी हमले का जवाब देने और सबक़ सिखाने के लिए तैयार है." दरअसल, रविवार को ईरान ने अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें युद्ध ख़त्म करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने की शर्तें रखी गई थीं. ट्रंप ने इस प्रस्ताव को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया. ईरान के इस प्रस्ताव में तुरंत सभी मोर्चों पर युद्ध ख़त्म करने की बात शामिल थीं. लेबनान पर हो रहे इसराइली हमले रोकने की मांग भी की गई थी. इसके अलावा इसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ख़त्म करने और ईरान पर आगे कोई हमला न करने की गारंटी की मांग की गई थी. संबंधित कहानी: जंग ख़त्म करने के लिए ईरान के प्रस्ताव में ऐसा क्या है जो ट्रंप को है नामंज़ूर इमेज स्रोत, PETER NICHOLLS/POOL/AFP via Getty Images ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर पर इस्तीफ़े का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले हफ़्ते इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के बाद स्टार्मर के इस्तीफ़े की मांग तेज़ हुई. कुल 403 लेबर सांसदों में से 71 सांसद अब तक खुले तौर पर कह चुके हैं कि पीएम स्टार्मर को इस्तीफ़ा देना चाहिए या कम से कम यह बताना चाहिए कि इस्तीफ़ा कब देंगे. गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा है कि प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर को अब साफ़-साफ़ बताना चाहिए कि वो कब इस्तीफ़ा देंगे. लेकिन कैबिनेट (यानी मंत्रियों की टीम) में इस मुद्दे पर सबकी राय एक जैसी नहीं है. ज़्यादातर मंत्री चाहते हैं कि स्टार्मर अपने पद पर बने रहें. लेबर पार्टी की बैकबेंच सांसद कैथरीन वेस्ट ने पहले स्टार्मर के ख़िलाफ़ लीडरशिप चैलेंज शुरू करने की बात कही. लेकिन बाद में उन्होंने क़दम पीछे खींच लिए. हालांकि, कैथरीन ने साफ़ कहा है कि स्टार्मर को सितंबर तक पद छोड़ देना चाहिए. गौरतलब है कि इससे पहले स्टार्मर ने कहा था कि वह "संदेह करने वालों" को ग़लत साबित करेंगे. उन्होंने माना कि उनकी सरकार से 'ग़लतियां' हुईं, लेकिन दावा किया कि "बड़े राजनीतिक फ़ैसले सही लिए गए." बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. - पीएम मोदी के 'तेल बचाने' की अपील के एक दिन बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा - कुश्ती महासंघ से तकरार के बीच गोंडा पहुँचीं विनेश फोगाट, बोलीं - 'वे चाहते हैं कि मैं संन्यास ले लूं' - क्या चिकन के पंजे खाए जा सकते हैं? 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स्रोत: BBC Hindi

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