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दो-तिहाई बहुमत के बिना संविधान संशोधन बिल लाने के पीछे मोदी सरकार का मक़सद क्या था?

✍️ Admin 📅 18 April, 2026 ⏰ 11:37 AM 👁 55 views

लोकसभा में शुक्रवार को 131वां संविधान संशोधन बिल पेश हुआ और इस पर वोटिंग हुई, लेकिन यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका. संविधान संशोधन के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत होती है और एनडीए गठबंधन इसे हासिल करने में नाकाम रहा. बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, वहीं इसके विरोध में 230 वोट पड़े. इस बिल को पास कराने के लिए कम से कम 352 वोटों की ज़रूरत थी. इस बिल का उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फ़ीसदी महिला आरक्षण से जुड़े क़ानून को लागू करना, 2026 से पहले की जनगणना के आधार पर सीटों के परिसीमन की इजाज़त देना और लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करना था. लेकिन इस बिल की टाइमिंग और सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं. जब सरकार को पता था कि उसके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी यह बिल क्यों लाया गया? इस बिल को लाने के पीछे सरकार की मंशा क्या थी?

स्रोत: BBC Hindi

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