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नेपालः बालेन शाह के पीएम बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ़्तार

✍️ Admin 📅 28 March, 2026 ⏰ 08:03 AM 👁 50 views

इमेज स्रोत, Nepal Photo Library नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभिनारायण काफले ने बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ़्तार कर लिया गया है. काफले ने बीबीसी नेपाली को बताया कि ओली और लेखक दोनों को काठमांडू पुलिस परिसर ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि उन्हें "जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए मंत्रिपरिषद के फ़ैसले के अनुसार" गिरफ़्तार किया गया. रैपर से राजनेता बने बालेन शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर शुक्रवार को शपथ ली थी. पिछले साल युवाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में हुए पहले चुनाव में उन्हें ज़बरदस्त जीत मिली थी. उन्होंने ओली को भारी अंतर से हराया था. काफले ने कहा, "अब उनके ख़िलाफ़ कानूनी प्रक्रिया नियमों के अनुसार चलाई जाएगी. यह गिरफ़्तारी इसलिए की गई है ताकि क़ानून सभी पर समान रूप से लागू हो." ओली को भक्तपुर से गिरफ़्तार किया गया और लेखक को शनिवार सुबह भक्तपुर के ही कटुंजे स्थित उनके आवास से गिरफ़्तार किया गया. इमेज स्रोत, Nepal Photo Library पिछले साल नेपाल में जेन ज़ी के विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए गठित गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले आयोग ने सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली पिछली सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी. इन आंदोलनों में नेपाल में सार्वजनिक और निजी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था. ऐसा माना जा रहा है कि रिपोर्ट में तत्कालीन सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के उच्च पदस्थ अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभिन्न कार्रवाइयों की सिफ़ारिश की गई थी. सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट को औपचारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन इसके विवरण कुछ दिन पहले मीडिया में लीक हो गए थे. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह के नेतृत्व में शुक्रवार को गठित मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में अन्य मुद्दों के साथ-साथ रिपोर्ट को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया गया. इसके कुछ ही समय बाद, नव नियुक्त गृह मंत्री सुधन गुरुंग और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के बीच कई चर्चाओं की ख़बरें सामने आईं. बीबीसी नेपाली के मुताबिक़, मंत्री गुरुंग ने अपने फ़ेसबुक पेज पर पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व गृह मंत्री की गिरफ़्तारी पर टिप्पणी करते हुए एक संदेश लिखा. उन्होंने जेन ज़ी आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपनी एक तस्वीर भी साझा की, जिसे अंतिम संस्कार के लिए पशुपति आर्यघाट के ब्राह्मणाल में रखा गया था. गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने शुरू में अंग्रेजी में लिखा, "वादा वादा होता है. क़ानून से ऊपर कोई नहीं है. हमने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को हिरासत में ले लिया है. यह किसी के ख़िलाफ़ बदला नहीं है, बल्कि इंसाफ़ की शुरुआत है." उन्होंने यह विश्वास भी व्यक्त किया है कि अब देश एक नई दिशा अपनाएगा. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

स्रोत: BBC Hindi

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