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ईरान युद्ध: स्विट्ज़रलैंड ने अमेरिकी सेना को नहीं दी एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाज़त

✍️ Admin 📅 15 March, 2026 ⏰ 09:01 AM 👁 58 views

इमेज स्रोत, Henry Nicholls / AFP via Getty स्विट्ज़रलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र से अमेरिकी सेना के गुज़रने के दो अनुरोधों को ख़ारिज कर दिया है. स्विस सरकार ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. स्विट्ज़रलैंड ने ये फ़ैसला ईरान युद्ध को लेकर किया है. स्विस सरकार ने अपने फ़ैसले के पीछे देश के 'निष्पक्षता क़ानून' का हवाला दिया है. बयान में कहा गया है कि यह क़ानून "संघर्ष में शामिल पक्षों को ओवरफ़्लाइट्स (हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल) की अनुमति देने से रोकता है जो उस संघर्ष से जुड़े सैन्य उद्देश्य को पूरा करते हों". हालांकि स्विस सरकार ने यह भी कहा कि उसने तीन अन्य उड़ानों को अनुमति दी थी. इनमें एक उड़ान रखरखाव के लिए थी और दो परिवहन से जुड़ी थीं. पाकिस्तान और अफ़ग़ान तालिबान के बीच जारी सैन्य संघर्ष को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान पर अब पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की टिप्पणियों को 'बेतुका, बेबुनियाद और ढोंग' बताया है. उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के भीतर 'आतंकवादी ठिकानों' पर पाकिस्तान के हमले को 'वैध' बताया. ताहिर अंद्राबी ने एक बयान में कहा, "अफ़ग़ान ज़मीन से संचालित होने वाले आतंकवादी संगठनों फ़ितना-अल-ख़्वारिज़ और फ़ितना-अल-हिंदुस्तान को भारत के समर्थन और आर्थिक संरक्षण के लिए जाना जाता है. इसलिए अफ़ग़ानिस्तान में अपने आतंकवादी नेटवर्क के नष्ट होने पर भारत की निराशा पूरी तरह समझी जा सकती है." पाकिस्तान ने कश्मीर मामले का ज़िक्र करते हुए भारत पर मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन का भी आरोप लगाया. शनिवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर 'अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा' की थी. बयान में कहा गया, "यह पाकिस्तान की ओर से एक और हमला है, जो एक संप्रभु अफ़ग़ानिस्तान के विचार के ख़िलाफ़ है. भारत दोहराता है कि अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह से सम्मान होना चाहिए." संबंधित कहानी: पाकिस्तान और अफ़ग़ान तालिबान के बीच जारी सैन्य संघर्ष पर आया भारत का बयान इमेज स्रोत, SAUL LOEB / AFP via Getty अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एनबीसी न्यूज़ को दिए एक टेलीफ़ोन इंटरव्यू में कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन वह अभी ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि "अभी शर्तें अच्छी नहीं हैं". हालाँकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि वे शर्तें क्या होंगी. ट्रंप ने कहा कि संभावित समझौते का एक हिस्सा यह होगा कि ईरान परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने का वादा करे. ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के बारे में भी सवाल उठाए. मोजतबा ख़ामेनेई, ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बेटे हैं. ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वह ज़िंदा भी हैं या नहीं. अब तक कोई उन्हें (दुनिया को) दिखा नहीं पाया है." अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बात इसलिए कही क्योंकि ख़ामेनेई ने गुरुवार को कैमरे पर बोलने की बजाय लिखित बयान के ज़रिए अपना पहला बयान जारी किया था. ट्रंप ने आगे कहा, "मैं सुन रहा हूँ कि वह ज़िंदा नहीं हैं, और अगर वह ज़िंदा हैं तो उन्हें अपने देश के लिए बहुत समझदारी भरा क़दम उठाना चाहिए, और वह है सरेंडर करना." इसके बाद ट्रंप ने उनकी मौत की ख़बर को "अफ़वाह" बताया. ट्रंप ने यह भी कहा कि कई देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद करने की प्रतिबद्धता जताई है, हालांकि उन्होंने उन देशों के नाम बताने से इनकार कर दिया. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात के लिए अहम केंद्र खार्ग द्वीप को "पूरी तरह तबाह" कर दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा, "हम मज़े के लिए इसे कुछ और बार निशाना बना सकते हैं". उन्होंने तेल की बढ़ती क़ीमतों को लेकर जताई जा रही चिंताओं को भी ख़ारिज किया. उन्होंने कहा, "दुनिया में बहुत ज़्यादा तेल और गैस है. बहुत कुछ मौजूद है, लेकिन आप जानते हैं कि अभी यह थोड़ा अटका हुआ है. बहुत ज़ल्द यह रुकावट दूर हो जाएगी." बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - दो जहाज़ कौन से हैं जो होर्मुज़ स्ट्रेट पार कर भारत आ रहे हैं, एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन पर सरकार की अहम घोषणा - 'पहले धौंस दिखाई अब भीख मांग रहा': रूस से भारत के तेल ख़रीदने को लेकर ईरान का अमेरिका पर बयान - बेंगलुरु में रहने वालीं बालेन शाह की बहन नेपाल के भावी पीएम के बारे में क्या सोचती हैं? - गैस सिलेंडर न होने पर उससे निपटने के 12 तरीक़े जो आपके आ सकते हैं काम - हरीश राणा के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला किस तरह से ऐत‍िहास‍िक है

स्रोत: BBC Hindi

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