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ईरान युद्ध पर ट्रंप ने की पुतिन से बात, होर्मुज़ को लेकर क्या कहा?

✍️ Admin 📅 10 March, 2026 ⏰ 08:38 AM 👁 54 views

इमेज स्रोत, Roberto Schmidt/Getty Images अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात (भारतीय समयानुसार) कहा कि, ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध 'जल्द ख़त्म हो सकता है.' उनके इस बयान के बाद ग्लोबल शेयर मार्केट्स में फ़ौरन सकारात्मक असर देखा गया और तेल की क़ीमतों में भी गिरावट आई. उन्होंने अमेरिका में बीबीसी के सहयोगी चैनल सीबीएस से कहा, "मुझे लगता है कि युद्ध लगभग खत्म हो चुका है." ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध को लेकर अमेरिका का प्लान 'समय से आगे' चल रहा है और ईरान की सैन्य ताक़त को काफ़ी हद तक ख़त्म या निष्क्रिय कर दिया गया है. ट्रंप ने कहा, "उनके पास अब कोई नौसेना नहीं है, कम्युनिकेशन नहीं है, कोई एयरफ़ोर्स नहीं है. उनकी मिसाइलें बिखरी पड़ी हैं. उनके ड्रोन हर जगह नष्ट किए जा रहे हैं, यहां तक कि उनके ड्रोन कारखाने भी. अगर आप चारों तरफ देखें, तो उनके पास कुछ भी नहीं बचा है, सैन्य दृष्टि से कुछ भी नहीं." जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्ध 'जल्द ख़त्म हो सकता है', तो ट्रंप ने कहा कि 'मेरा भी कुछ ऐसा ही इरादा है.' हालांकि बाद में फ्लोरिडा में एक पत्रकार के पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हमारा ईरान अभियान जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन इस हफ्ते नहीं." उन्होंने कहा, "ईरान के पास जो कुछ था, सब खत्म हो चुका है- उसकी लीडरशिप भी." उन्होंने कहा, "हम बहुत आगे हैं. मुझे नहीं पता, यह निर्भर करता है. इसका अंत मेरे दिमाग में है, किसी और के नहीं." कुछ दिन पहले व्हाइट हाउस ने अनुमान जताया था कि 28 फ़रवरी से शुरू हुआ यह युद्ध एक महीने से ज़्यादा भी चल सकता है. ट्रंप के इन बयानों का शेयर बाज़ारों पर सकारात्मक असर पड़ा. सोमवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए. विश्लेषकों का मानना है कि ईरान संघर्ष के जल्द खत्म होने की ट्रंप की टिप्पणी से बाज़ार को राहत मिली है. वहीं WTI (वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट) और ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें सोमवार सुबह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं, लेकिन दिन के दौरान गिरकर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गईं. डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट क्रूड दुनिया में तेल की कीमत तय करने के सबसे बड़े मानकों में से एक हैं. हालांकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) दोनों ही सोमवार को लगभग 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए. लेकिन ट्रंप का ये बयान भारतीय स्टॉक मार्केट बंद होने के बाद आया तो उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप के बयान का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ारों पर दिख सकता है. इमेज स्रोत, NATALIA KOLESNIKOVA,NICHOLAS KAMM/AFP via Getty Images इसी बीच सोमवार को ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फ़ोन पर बात की. इस साल दोनों के बीच हुई यह पहली बातचीत थी. उन्होंने कहा, "मेरी पुतिन से अच्छी बातचीत हुई. वो हमारी मदद करना चाहते हैं. मैंने उनसे कहा कि यूक्रेन के साथ वॉर ख़त्म करके आप हमारी ज़्यादा मदद कर पाएंगे. लेकिन हमारी अच्छी बात हुई. वो रचनात्मक सहयोग करना चाहते हैं." कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ईरान वॉर के कारण दुनिया भर में तेल की बढ़ती क़ीमतों से चिंतित है और इसी वजह से वो रूस पर तेल से जुड़े प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है. पिछले सप्ताह ही अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए '30 दिन की छूट दी है.' अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की सप्लाई बनाए रखने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी है. पुतिन से सोमवार को ट्रंप की बातचीत के बीच ये गौर करने वाली बात है कि पुतिन ने मोजतबा ख़ामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुने जाने पर बधाई दी और ईरान के प्रति अपना समर्थन दोहराया. यह जानकारी क्रेमलिन की वेबसाइट पर जारी संदेश में दी गई. जबकि ट्रंप ने कहा था कि वो मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाए जाने से 'ख़ुश नहीं हैं.' मोजतबा, ईरान के पूर्व नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बेटे हैं. अली ख़ामेनेई की हाल ही में अमेरिका-इसराइल हमलों में मौत हो गई थी. इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images ईरानी मिसाइलों के बारे में ट्रंप ने कहा, "उन्हें जो कुछ दागना था, सब दाग दिया है. अब उन्हें कोई नई चाल चलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, नहीं तो उस देश का अंत हो जाएगा." उन्होंने धमकी देते हुए कहा, "अगर उन्होंने कोई गलती की तो ईरान का अंत हो जाएगा और उसका नाम फिर कभी नहीं सुना जाएगा." वहीं होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका "उस पर नियंत्रण लेने पर विचार कर रहा है" और वह "बहुत कुछ कर सकता है." दुनिया में समुद्री रास्ते से होने वाली तेल की सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत इसी मार्ग से गुज़रता है. युद्ध के कारण यहां से आवागमन में रुकावट आई है, जिससे हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया. युद्ध की शुरुआत में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने धमकी दी थी कि वो होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर देंगे और कोई जहाज़ वहां से गुज़रा तो उसे उड़ा देंगे. हालांकि बाद में ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबज़ादेह ने कहा था कि उन्होंने होर्मुज़ स्ट्रेट बंद नहीं की है. इमेज स्रोत, Arezoo / Middle East Images / AFP via Getty Images जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या 'उनके ज़ेहन में ईरान के लिए कोई नया नेता है', तो उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में कुछ कहना नहीं चाहता, लेकिन हाँ, मेरे दिमाग में है." इंटरव्यू के बाद ट्रंप ने फ्लोरिडा में रिपब्लिकन सांसदों को संबोधित करते हुए ईरान संघर्ष पर कहा, "हम कई मायनों में पहले ही जीत चुके हैं, लेकिन अभी पूरी तरह नहीं. हम आगे बढ़ रहे हैं, पहले से ज्यादा दृढ़ संकल्प के साथ, ताकि अंतिम जीत हासिल कर इस स्थाई खतरे को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके." उन्होंने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ईरान लंबे समय तक अमेरिका, इसराइल या किसी अमेरिकी सहयोगी पर हमला करने के लिए हथियार विकसित न कर सके. बीबीसी के उत्तरी अमेरिका संवाददाता एंथनी ज़र्चर के अनुसार, ट्रंप को अपना ये लक्ष्य पाने के लिए ईरान में सत्ता परिवर्तन की ज़रूरत पड़ेगी जिसे जिसे ट्रंप अब तक हासिल नहीं कर पाए हैं. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

स्रोत: BBC Hindi

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