'हमने पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों को...', ऑपरेशन सिंदूर को लेकर वायु सेना के वाइस चीफ का बड़ा खुलासा
एयर फोर्स के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा किया है. एबीपी न्यूज के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के किराना हिल या किसी अन्य परमाणु ठिकाने पर हमला नहीं किया था. उन्होंने बताया कि भारतीय कार्रवाई सिर्फ पाकिस्तान के आतंकी ढांचे और सैन्य ठिकानों तक सीमित थी.
पाकिस्तान की ओर से दुष्प्रचार की आशंका
वाइस चीफ ने संकेत दिया कि परमाणु ठिकानों पर हमले की खबरें या तो पाकिस्तान के उग्रवादी संगठनों की ओर से फैलाई गई होंगी या फिर यह पाकिस्तान की इंफो वॉरफेयर रणनीति का हिस्सा हो सकता है. उन्होंने कहा कि भारत का संदेश साफ था-आतंकवाद किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.
‘सुदर्शन चक्र’ एक्सरसाइज नहीं, एक डेमोंस्ट्रेशन
एयर मार्शल कपूर ने कहा कि ‘सुदर्शन चक्र’ कोई सामान्य अभ्यास नहीं बल्कि एक 'डिमॉन्स्ट्रेशन' है. उन्होंने कहा, 'यह एक्सरसाइज नहीं है, यह वायुशक्ति का प्रदर्शन है.' ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई सैन्य अभ्यास किए गए हैं और वायुसेना लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लंबी दूरी की टार्गेटिंग क्षमता को सार्वजनिक मंच पर पूरी तरह प्रदर्शित नहीं किया जा सकता.
27 फरवरी को जैसलमेर में ‘वायुशक्ति’ युद्धाभ्यास
इस महीने की 27 तारीख को पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय वायुसेना की ‘वायुशक्ति’ एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी. यह युद्धाभ्यास हर दो साल में एक बार होता है, जिसमें वायुसेना अपनी फायर-पावर और ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन करती है. इस संबंध में वायुसेना की ‘कर्टन रेजर’ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें वाइस चीफ नागेश कपूर ने जानकारी दी. इस दौरान ‘वायुशक्ति’ का टीजर वीडियो भी जारी किया गया.
277 हथियार और 12 हजार किलो बारूद का इस्तेमाल
वायुशक्ति एक्सरसाइज में इस बार 277 हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें करीब 12 हजार किलो विस्फोटक सामग्री (बारूद) का उपयोग होगा. युद्धाभ्यास में 77 फ्रंटलाइन फाइटर जेट, 43 हेलीकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे.
स्रोत: ABP Hindi