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जिन देशों में चल रहा संघर्ष, वहां से तेल लाकर समंदर में बेचते थे तस्कर, ICG ने कर दिया भंडाफोड़

✍️ Admin 📅 07 February, 2026 ⏰ 03:28 PM 👁 47 views

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने 6 फरवरी 2026 को एक साहसिक मध्य-समुद्र अभियान (मिड ऑशियन ऑपरेशन) चलाकर इंटरनेशनल तेल और तेल-आधारित कार्गो की तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह कार्रवाई समुद्री और हवाई निगरानी के संयुक्त नेटवर्क के जरिए अंजाम दी गई. तटरक्षक बल के अनुसार, तस्कर गिरोह संघर्ष प्रभावित देशों से सस्ता तेल और तेल आधारित माल बड़ी मात्रा में लाकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मोटर टैंकरों को बीच समुद्र में ट्रांसफर करता था और भारी मुनाफा कमाता था. इस पूरे नेटवर्क में कई देशों से जुड़े हैंडलर शामिल थे, जो समुद्री जहाजों के बीच सौदे और ट्रांसफर का समन्वय करते थे. कैसे हुआ इस तस्करी रैकेट का भंडाफोड़? आईसीजी ने 5 फरवरी 2026 को मुंबई से लगभग 100 नॉटिकल माइल पश्चिम में तीन संदिग्ध जहाजों को रोका. विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम ने जहाजों की गहन तलाशी ली, ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक डेटा और दस्तावेजों का मिलान किया तथा क्रू से पूछताछ कर तस्करी की पूरी कार्यप्रणाली और घटनाक्रम की कड़ी स्थापित की. तकनीकी निगरानी सिस्टम के जरिए आईसीजी को भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में एक मोटर टैंकर की संदिग्ध गतिविधि का पता चला था. इसके बाद डिजिटल जांच और डेटा पैटर्न विश्लेषण के माध्यम से दो अन्य जहाजों को भी चिन्हित किया गया, जो समुद्र में अवैध रूप से तेल आधारित कार्गो ट्रांसफर कर रहे थे और तटीय देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, के टैक्स और ड्यूटी से बच रहे थे. कानून से बचने के लिए छिपाते थे पहचान, मालिक विदेशी 5 फरवरी को आईसीजी की विशेष टीमों ने जहाजों पर चढ़कर जांच की और डिजिटल सबूतों की पुष्टि के बाद तीनों को पकड़ लिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये जहाज कानून से बचने के लिए बार-बार अपनी पहचान बदलते थे और इनके मालिक विदेशी देशों में रहते हैं. तटरक्षक बल ने बताया कि पकड़े गए जहाजों को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए मुंबई लाया जा सकता है, जहां उन्हें भारतीय कस्टम और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपा जाएगा. यह ऑपरेशन डिजिटल सर्विलांस और समुद्र में बढ़ती तटरक्षक मौजूदगी के जरिए संभव हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. सूरज ओझा 2021 से एबीपी न्यूज से जुड़े हैं. अंडरवर्ल्ड, साइबर जगत से जुड़े मामलों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने वाले संवेदनशील केसों पर बारीकी से नजर रखते हैं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग, आतंकी संगठन आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ी खबरें भी कवर करते रहे हैं. पत्रकारिता करियर के दौरान तीन क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों और दो राष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों में काम किया है. इसके अलावा टैब्लॉयड और ब्रॉडशीट अख़बारों में भी काम करने का अनुभव रहा है.

स्रोत: ABP Hindi

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