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Death

मार्क कार्नी ने अपने बयानों को वापस लेने से किया इनकार, ट्रंप से बातचीत के बाद क्या बोले

✍️ Admin 📅 28 January, 2026 ⏰ 09:03 AM 👁 61 views

इमेज स्रोत, Renaud Philippe/Bloomberg via Getty कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपनी उन हालिया टिप्पणियों को वापस लेने से इनकार किया है, जिनकी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज़ हो गए थे. कार्नी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फ़ोन पर हुई उनकी बातचीत के दौरान उन्होंने वही बात कही जो उन्होंने दावोस में कही थी. मंगलवार को जब एक पत्रकार ने मार्क कार्नी से सवाल किया कि 'अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत में आप दावोस में दिए अपने बयानों से पीछे हट गए?' इस पर मार्क कार्नी ने कहा, "राष्ट्रपति ने कल (सोमवार) मुझे फ़ोन कॉल किया. हमारे बीच व्यापक तौर पर यूक्रेन, वेनेज़ुएला, आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर बहुत अच्छी चर्चा हुई...." उन्होंने कहा, "मैंने राष्ट्रपति से यही कहा कि दावोस में जो कुछ मैंने कहा वही मेरा मतलब था. यह स्पष्ट था कि यह एक ऐसे मुद्दों का बड़ा दायरा है, जिसे सबसे पहले कनाडा ने समझा कि अमेरिका की व्यापार नीति में बदलाव हुआ है. इसकी शुरुआत उन्होंने की और हम उसी के जवाब में क़दम उठा रहे हैं." हाल ही में स्विज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के दौरान मार्क कार्नी ने 'नए वर्ल्ड ऑर्डर' पर भाषण दिया था. कार्नी ने दुनिया में बड़े देशों के दबदबे के ख़िलाफ़ अपनी बात रखी थी. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाराज़गी दिखाई थी और कनाडा को 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए दिए गए न्योते वापस ले लिया था. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर चीन के लिए रवाना हो गए हैं. साल 2018 के बाद यह किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा है. स्टार्मर गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात करने वाले हैं. उनके साथ क़रीब 60 ब्रिटिश कारोबारी और सांस्कृतिक शख़्सियतें भी गई हुई हैं. इनमें एचएसबीसी बैंक, दवा कंपनी जीएसके, जगुआर लैंड रोवर और नेशनल थिएटर के प्रतिनिधि शामिल हैं. यह चीन के साथ ब्रिटेन के रिश्तों को दोबारा मज़बूत करने की सरकार की कोशिशों का अब तक का सबसे ताज़ा और सबसे अहम क़दम माना जा रहा है. लेकिन आलोचकों का कहना है कि चीन की सोच बिल्कुल अलग है, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता और सरकार को उसकी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ रिश्तों में कहीं ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए. प्रधानमंत्री स्टार्मर से जब यह पूछा गया कि क्या वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाएंगे, तो उन्होंने कहा कि वह उन मुद्दों को उठाएंगे 'जहां हितों और मूल्यों में अंतर है'. चीन पर उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग में वीगर आबादी और अन्य मुस्लिम जातीय समूहों के ख़िलाफ़ मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगते रहे हैं. इमेज स्रोत, Scott Morgan/Bloomberg via Getty अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका का 'एक और नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा' है. इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि ईरान, अमेरिका के साथ समझौता कर लेगा. ट्रंप ने मंगलवार को एक भाषण के दौरान कहा, "एक और ख़ूबसूरत जहाजों का बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है. देखते हैं क्या होता है." उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि वे समझौता कर लेंगे." इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले हफ़्ते भी कहा था कि 'एक बड़ा अमेरिकी सैन्य बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा.' बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, अमेरिकी युद्धपोत 'अब्राहम लिंकन' फ़ारस की खाड़ी में पहुंच चुका है. यह एक परमाणु ऊर्जा से संचालित युद्धपोत है. 'अब्राहम लिंकन' युद्धपोत अमेरिका के सबसे बड़े और सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ़्ट कैरियर में से एक है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - अरिजीत सिंह प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नया गाना अब नहीं गाएंगे - शी जिनपिंग ने चीनी सेना के सबसे बड़े जनरल को हटाया, क्या है वजह? - गोल्डी बराड़ के माता-पिता को क्यों गिरफ़्तार किया गया, उनके वकील और पुलिस ने क्या कहा? - सोने के दाम अब कहां जाएंगे, क्या गोल्ड ख़रीदने का ये सही समय है?

स्रोत: BBC Hindi

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