बालपुर गोंडा। हलधरमऊ विकास क्षेत्र की ग्राम छतौरा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों की पोल खोलने के साथ-साथ प्रशासनिक उदासीनता की पराकाष्ठा को भी दर्शाती है। यहाँ स्थित एक पुलिया वर्तमान में इतनी जर्जर अवस्था में पहुँच चुकी है कि वह किसी भी क्षण धराशायी होकर एक बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है।
ग्रमीणों के मुताबिक इस पुलिया के नीचे की पूरी मिट्टी पानी के बहाव के कारण बह चुकी है। वर्तमान में स्थिति यह है कि कंक्रीट का भारी-भरकम स्लैब बिना किसी ठोस आधार के हवा में झूल रहा है। तकनीकी दृष्टि से देखा जाए तो यह ढांचा अब केवल एक चमत्कार के सहारे टिका है।
यह मार्ग ग्रामीणों, किसानों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों के आवागमन का मुख्य जरिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ से गुजरते समय हमेशा मन में डर बना रहता है। किसानों को अपने कृषि उत्पादों को ले जाने में भारी कठिनाई हो रही है, अभिभावक अपने बच्चों को इस रास्ते से स्कूल भेजने में कतरा रहे हैं।
आगामी वर्षा ऋतु इस समस्या को और अधिक विकराल बना सकती है। यदि बारिश से पहले इस पुलिया का नवनिर्माण या ठोस मरम्मत नहीं कराई गई, तो यह पूरी तरह ढह जाएगी। ऐसी स्थिति में गाँव का मुख्य संपर्क मार्ग टूट जाएगा और आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य आवश्यक सेवाओं का पहुँचना असंभव हो जाएगा।
इस गंभीर मुद्दे पर संबंधित विभाग और जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करता है। क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी के होने का इंतज़ार कर रहा है? जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए यह आवश्यक है कि पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन तत्काल इसका संज्ञान ले और युद्धस्तर पर पुलिया के नवनिर्माण की प्रक्रिया शुरू करे।
ग्राम छतौरा की जर्जर पुलिया ढहने के कगार पर बरसात में आवागमन बन्द होने का खतरा
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