Regd. UDYAM-UP-31-0004031
प्रदेश के तेजी से उभरते हुए जनसंवाद समाचार न्यूज चैनल व न्यूज पोर्टल पर अपने व्यवसाय व शिक्षण संस्थान के तेजी से आगे बढ़ोत्तरी के लिए प्रचार प्रसार कराकर लाभ प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें। सम्पर्क सूत्र 9506980980

चकमार्ग विवादों पर मंडलायुक्त का बड़ा फैसला पैमाइश के तत्काल बाद मिट्टी पटाई संग लगेगा खड़ंजा





गोण्डा, 05 मई 2026*   -   देवीपाटन मण्डल की आयुक्त ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के आकस्मिक निरीक्षण के बाद चकमार्गों पर हो रहे अतिक्रमण और अवरुद्ध रास्तों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। तहसील कर्नैलगंज में जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे प्रार्थना-पत्र सामने आने पर *आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल पैमाइश कर देना पर्याप्त नहीं है। जब तक चकमार्गों पर मिट्टी पटाई या खड़ंजा निर्माण नहीं होगा, तब तक रास्ते स्थायी रूप से अतिक्रमणमुक्त नहीं हो पाएंगे और विवाद की स्थिति बनी रहेगी। इसे देखते हुए राजस्व और विकास विभाग के बीच अनिवार्य समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है।

निर्देशों के अनुसार, क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा पैमाइश के बाद चकमार्गों की सूची ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर शीघ्र निर्माण कार्य कराया जा सके। साथ ही, तहसील स्तर पर लेखपालों से प्राप्त सूची को तहसीलदार के माध्यम से उप जिलाधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा, जहां से वित्तीय प्रबंधन कराकर कार्य सुनिश्चित होगा। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र पंचायतवार चिह्नित चकमार्गों की सूची जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी को भेजी जाए, ताकि बड़े और छूटे हुए चकमार्गों पर भी प्राथमिकता से कार्य हो सके। अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए आयुक्त ने कहा कि जहां चकमार्गों पर अस्थाई निर्माण हैं, उन्हें न्यायालय के माध्यम से न कराकर सीधे अतिक्रमणमुक्त कराया जाये। आयुक्त ने देवीपाटन मण्डल के सभी जिलाधिकारियों से इस सम्बन्ध में 15 दिनों के भीतर विस्तृत सूचना मांगी है। साथ ही, अवशेष चकमार्गों का सीमांकन कराकर फोटो सहित संकलित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस सख्ती से साफ संकेत है कि अब चकमार्गों पर कब्जा और रास्तों की बाधा को लेकर प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति पर काम करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद कम हों और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।