UPI पेमेंट पर चार्ज का मामला बुधवार (16 सितंबर 2026) को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. 2 हजार से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4 फीसदी MDR लगाने की अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. अंजन दत्ता नाम के याचिकाकर्ता ने कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में इसे कानून की नजर में समानता और व्यापार के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है. याचिकाकर्ता ने कहा है कि इस व्यवस्था को बिना उचित चर्चा के लाया जा रहा है. इसे लाते समय जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया है. इससे छोटे व्यापारियों पर बोझ पड़ेगा. UPI के अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए दोबारा नकद भुगतान की मांग शुरू हो सकती है. यह डिजिटल अर्थव्यवस्था लागू करने के लक्ष्य पर असर डालेगा. केंद्र सरकार ने सरकार ने 15 अक्टूबर से व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 फीसदी शुल्क लगाए जाने की घोषणा की. हालांकि, आम लोगों के बीच होने वाले लेनदेन और छोटी रकम के भुगतान को किसी भी शुल्क से अलग रखा गया है. UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने के सरकार के फैसले के बाद देश में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इसे लेकर सरकार पर हमलावर है. लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूपीआई पर लगने वाले टैक्स को वापस लेने की मांग की है. UPI पेमेंट को लेकर बड़ी बातें
स्रोत: ABP Hindi