Regd. UDYAM-UP-31-0004031
प्रदेश के तेजी से उभरते हुए जनसंवाद समाचार न्यूज चैनल व न्यूज पोर्टल पर अपने व्यवसाय व शिक्षण संस्थान के तेजी से आगे बढ़ोत्तरी के लिए प्रचार प्रसार कराकर लाभ प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें। सम्पर्क सूत्र 9506980980

महिला पत्रकार ने बताया- योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने के बाद क्या हुआ, बीजेपी और अखिलेश यादव क्या बोले?

इमेज स्रोत, ANI and Divya Shrivastava FB उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इस वायरल वीडियो में एक महिला पत्रकार मुख्यमंत्री से सवाल पूछने की कोशिश करती दिखाई देती हैं और मुख्यमंत्री उन्हें हाथ दिखाते हुए आगे बढ़ जाते हैं. मंच पर मौजूद बीजेपी के दूसरे नेता भी उनके साथ चले जाते हैं. महिला पत्रकार की पहचान दिव्या श्रीवास्तव के तौर पर हुई है. 'टॉप सीक्रेट' नाम के एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में इस पत्रकार ने दावा किया है कि "मुख्यमंत्री से सवाल पूछने की कोशिश के बाद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ अभद्रता की." हालांकि, बीजेपी ने दावा किया है कि सीएम के इस कार्यक्रम में सवाल-जवाब का सेशन था ही नहीं. इस यूट्यूब चैनल से बातचीत में उनका आरोप है कि "कुछ लोगों ने उनके घर पर बुलडोज़र चलाने जैसी धमकी भी दी." बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने दिव्या श्रीवास्तव बात की. दिव्या ने हमें बताया कि वह स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर काम करती हैं और इससे पहले भी बीजेपी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जाती रही हैं. उनके मुताबिक़, वह मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद जलभराव और एक्सप्रेस-वे पर सामने आ रही समस्याओं को लेकर सवाल पूछना चाहती थीं. उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मुख्यमंत्री के करीब आधे घंटे तक बोलने के बाद जब वह जाने लगे तो उन्होंने सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सवाल पूछने का मौका नहीं मिला. दिव्या ने यह भी दावा किया कि इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके वीडियो को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वह लखनऊ में अकेली रहती हैं और इस वजह से उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर है. इस मामले में यूथ कांग्रेस ने अपने एक्स पोस्ट में पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. इमेज स्रोत, Divya Shrivastava FB बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. बीबीसी हिन्दी से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस बीजेपी के 'सेवा संकल्प अभियान' के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित की गई थी और इसमें सवाल-जवाब का सत्र रखा ही नहीं गया था. उनके मुताबिक़, "प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मॉडरेटर यह तय करता है कि सवाल-जवाब होंगे या नहीं." उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के जाने के बाद महिला पत्रकार ने वीडियो बनाने के उद्देश्य से इस तरह की बातें कहीं. बीजेपी प्रवक्ता ने इस पत्रकार की पत्रकारिता की पहचान पर भी सवाल उठाया और कहा कि "उन्हें नहीं पता कि वह किस संस्थान से जुड़ी हैं." हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "अगर किसी पत्रकार या महिला को सोशल मीडिया पर धमकी मिलती है तो उसे पुलिस में शिक़ायत करनी चाहिए और पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए." समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमारे मुख्यमंत्री जी भी कमाल के हैं. नाम बदलने वाले, प्रेस वार्ता बुलाने वाले लेकिन एकतरफ़ा रहे. सवालों के जवाब नहीं दे पाए. वो मुंह मोड़ के चले गए या यूं कहो कि मैदान छोड़कर चले गए. सोचो जो प्रेस के सवालों के जवाब ना दे पाए वो चुनाव में जनता के सवालों का जवाब कैसे देगा." आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल (एक्स) पर पोस्ट किया, "सवालों से भागने की बीजेपी की पुरानी आदत है. महिला पत्रकार के सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं हुई तो मुख्यमंत्री योगी भाग खड़े हुए. नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी जी भागे थे, अब योगी जी की भागने की बारी है. इन्हें सवालों से इतना डर क्यों लगता है?" उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, "दिव्या जी, आप अकेली नहीं हैं. आपकी आवाज़ को दबाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ हम आपके साथ खड़े हैं. पत्रकार का काम सत्ता से सवाल पूछना है. सवाल पूछने पर धमकी देना लोकतंत्र का अपमान है. डर के आगे पत्रकारिता नहीं झुकेगी. सवाल पूछने वाली हर आवाज़ के साथ हम खड़े हैं." ऑल इंडिया महिला कांग्रेस प्रमुख अलका लांबा ने लिखा, "इस पूछताछ के डर से ही तो कोई सत्ता से सवाल करने की हिम्मत नहीं करता. देख लिया अंज़ाम. महिला पत्रकार हिम्मतवाली मूर्ख निकली और पुरुष पत्रकार समझदार. यूपी में है डर-वंदे मातरम्." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi