इमेज स्रोत, Mohamed Abd El Ghany / POOL / AFP via Getty Images चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बीजिंग से भारत के लिए रवाना हो गए. चीनी मीडिया आउटलेट ग्लोबल टाइम्स ने इसकी जानकारी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक़, शी जिनपिंग के साथ भारत आ रहे प्रतिनिधिमंडल में चीनी के विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं. इस बीच, भारत में चीन के राजदूत शू फ़ेहॉन्ग ने शुक्रवार देर रात एक्स पर लिखा कि चीन और भारत राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारियों में जुटे हैं. चीनी राजदूत ने कहा कि चीन भारत से संवाद बढ़ाने, सहयोग को मज़बूत करने और मतभेदों का उचित तरीक़े से समाधान करने पर ज़ोर देगा. शू फ़ेहॉन्ग ने कहा कि चीन और भारत को अच्छे पड़ोसी और ऐसे साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए, जो एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करें. गौरतलब है कि शी जिनपिंग इससे पहले 2019 में भारत आए थे. उस दौरान चेन्नई के पास मामल्लापुरम में दोनों देशों के नेताओं के बीच अनौपचारिक शिखर वार्ता हुई थी. संबंधित स्टोरी: शी जिनपिंग का सात साल बाद भारत दौरा कितना अहम, क्या हैं मायने इमेज स्रोत, Murtadha Al-Sudani/Anadolu via Getty Images सऊदी अरब में हुए ड्रोन हमलों के बाद इराक़ ने एहतियाती क़दम उठाते हुए इराक़-ईरान सीमा पर स्थित शलामचेह बॉर्डर क्रॉसिंग को बंद कर दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने शनिवार को सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी. सऊदी अरब का दावा है कि उसके यहां हुए ड्रोन हमले इराक़ी क्षेत्र से किए गए थे. इसके बाद इराक़ में हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों की तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है. अधिकारियों ने हमलावरों का पता लगाने के लिए कार्रवाई तेज़ कर दी है. सऊदी अरब को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले इराक़ के मैसान प्रांत के भीतर स्थित एक जगह से शुरू किए गए थे. इसकी पुष्टि होने के बाद इराक़ के प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ़ अली फ़ालिह अल-ज़ैदी ने मैसान ऑपरेशंस कमांड की लीडरशिप की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही मैसान प्रांत के ऑपरेशंस कमांडर को उनके पद से हटा दिया गया है. इराक़ के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सऊदी अरब पर हमले के लिए इस्तेमाल किए गए स्थान की पुष्टि के बाद ऑपरेशंस कमांडर को पद से हटाने का फ़ैसला लिया गया. गौरतलब है कि सऊदी अरब ने कहा था कि वह फिलहाल जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा. सऊदी सरकार ने इसके बजाय इराक़ी सरकार की ओर से हमलों की जाँच और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के प्रयासों का समर्थन करने का फ़ैसला किया है. इमेज स्रोत, Sameera Peiris/Getty Images श्रीलंका ने लगातार दूसरी बार महिला एशिया कप के फ़ाइनल में जगह बना ली है. दुबई में शुक्रवार को खेले गए दूसरे सेमीफ़ाइनल में श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान को चार विकेट से हराया. अब फ़ाइनल में श्रीलंका का सामना भारतीय महिला टीम से होगा. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 130 रन बनाए. कप्तान फ़ातिमा सना ने 36 गेंदों पर 47 रन की अहम पारी खेली. शवाल जुल्फ़िकार ने 24 और गुल फ़िरोज़ा ने 21 रन बनाए. श्रीलंका की ओर से कप्तान चमारी अथापट्टू और चामुदी प्रबोदा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि नीलाक्षिका और सुगंधिका को 1-1 सफलता मिली. लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत ख़राब रही. फ़ातिमा सना ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर श्रीलंका पर दबाव बना दिया. टीम ने 40 रन के भीतर चार विकेट गंवा दिए. कविशा ने 33 और हर्षिता ने 36 रन बनाए. नीलाक्षिका ने 18 और इमेशा दुलानी ने 24 रन का योगदान दिया. श्रीलंका ने 18.4 ओवर में 6 विकेट पर 134 रन बनाकर मुक़ाबला अपने नाम किया. पाकिस्तान के लिए फ़ातिमा सना ने 4 विकेट लिए. भारत पहले से ही फ़ाइनल में पहुंच चुका है. उसने पहले सेमीफ़ाइनल में बांग्लादेश को हराया था. भारत और श्रीलंका के बीच फ़ाइनल 13 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. इमेज स्रोत, Handout/Houthi Media Center via Getty Images सऊदी अरब ने शुक्रवार को एलान किया कि उसने ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया. इसी पाइपलाइन पर गुरुवार को कई ड्रोन हमले हुए थे. सऊदी के अधिकारियों के मुताबिक़, इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं और पाइपलाइन को भी नुक़सान पहुंचा है. सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि 10 सितंबर की सुबह ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर कई हमले किए गए. इसके बाद किसी बड़े नुक़सान को रोकने और सुरक्षा के मद्देनज़र पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. सऊदी के विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले में मानवीय क्षति तो हुई ही है, लेकिन इसके साथ जो बाकी नुक़सान हुआ, उसकी मरम्मत और बहाली का काम किया जा रहा है. मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पाइपलाइन को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन इराक़ी क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे. हालांकि, सऊदी अरब का कहना है कि वो फ़िलहाल जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा. सऊदी विदेश मंत्रालय ने बताया, "इराक़ के प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब से अपील की है कि इराक़ सरकार को अपने देश से होने वाले ऐसे हमलों को रोकने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने का समय दिया जाए." इसी अनुरोध को देखते हुए सऊदी अरब ने फ़िलहाल जवाबी कार्रवाई नहीं करने और इराक़ी सरकार के प्रयासों का समर्थन करने का फ़ैसला किया है. हालांकि, सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है. गौरतलब है कि ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन है. यह देश के पूर्वी हिस्से में मौजूद तेल क्षेत्रों को पश्चिमी तट से जोड़ती है. पाइपलाइन पर यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक करें. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - ब्रिक्स पर बंटी कांग्रेस: चिदंबरम ने उठाए सवाल तो थरूर ने गिनाए फ़ायदे - बाब अल-मंदेब के क़रीब एक टापू पर हूती विद्रोहियों का कब्ज़ा, अब तक क्या पता - एक मैसेज, एक ज़िप फ़ाइल, और कंपनी के खाते से 1.5 करोड़ रुपये ग़ायब, क्या है बॉस स्कैम? - भारत क्या चीन के मामले में अमेरिका के लिए अब उपयोगी देश नहीं रहा?
स्रोत: BBC Hindi