पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान ख़ान के बेटों क़ासिम ख़ान और सुलेमान ख़ान ने दावा किया है कि पिछले सात महीनों से उन्हें अपने पिता से मिलने की अनुमति नहीं मिली है. दोनों ने अमेरिकी चैनल सीएनएन से बातचीत में इमरान ख़ान की सेहत को लेकर चिंता जताई. क़ासिम और सुलेमान ने कहा, "हमारी आख़िरी बार मार्च में फ़ोन पर बात हुई थी. इसके बाद से परिवार के किसी भी सदस्य को उनसे मिलने या बात करने की इजाज़त नहीं दी गई." उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश के मुताबिक़, हर दो हफ़्ते में परिवार की इमरान ख़ान से बात कराई जानी चाहिए, लेकिन इस बार सबसे लंबा अंतराल हो गया है. इमरान ख़ान के बेटों ने यह भी दावा किया कि उन्हें अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान का वीज़ा नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा, "हमारे पाकिस्तानी पासपोर्ट की अवधि ख़त्म हो चुकी है. हमें समझ नहीं आ रहा कि अब तक वीज़ा क्यों नहीं दिया गया." उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान ख़ान के साथ क़ानून के मुताबिक़ व्यवहार नहीं किया जा रहा है और इसे उन्होंने 'एक तरह की हिंसा' बताया. भ्रष्टाचार के मामलों में इमरान ख़ान की सज़ा पर क़ासिम और सुलेमान ने कहा, "हमारे पिता बचपन से ही हमें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ खड़ा होने की सीख देते थे. जब हम पांच और सात साल के थे, तब भी वह ईमानदारी की सीख देते थे. ऐसे में उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में देखना हमारे लिए बेहद दर्दनाक है." उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान को जेल में रखना उनके करोड़ों समर्थकों और मतदाताओं के साथ भी अन्याय है. किसी संभावित समझौते के सवाल पर दोनों ने कहा कि उनके पिता अपनी रिहाई के बदले किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे. इमेज स्रोत, Ishant Chauhan/Hindustan Times via Getty Images प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले विवाद खड़ा हो गया है. प्रयागराज के कायस्थ पाठशाला प्रबंधन ने 8 अगस्त को कांग्रेस के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए केपी कॉलेज के खेल मैदान का आवंटन रद्द कर दिया है. कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष जितेंद्र नाथ सिंह ने एक पत्र लिखा है. इसमें बताया गया है कि कॉलेज के प्राचार्य ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश का ज़िक्र करते हुए चिंता जताई है कि इससे छात्रों की पढ़ाई और खेल गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं. शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से दो स्कूलों के छात्रों को परेशानी हो सकती है. इसमें लिखा, "कार्यक्रम के कारण स्कूल की गतिविधियां प्रभावित होंगी. साथ ही, बरसात के पानी से खेल का मैदान खराब हो सकता है, जिसे ठीक करने में काफ़ी समय और मेहनत लगेगी. इसलिए कार्यक्रम की तारीख़ ऐसी रखी जाए, जिससे स्कूल की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में कोई बाधा न आए." हाई कोर्ट के आदेश और मौजूदा हालात को देखते हुए कार्यक्रम को बरसात के बाद छुट्टियों के समय आयोजित करने का सुझाव दिया गया है. इन्हीं कारणों का हवाला देते हुए प्रबंधन ने पहले दी गई अनुमति रद्द कर दी है. पत्र में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के लिए जमा की गई धनराशि वापस ली जा सकती है और आयोजन की नई तारीख़ बरसात के बाद, स्कूल के अवकाश के दौरान तय की जाए. वहीं, 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के संयोजक अनिल यादव ने मैदान का आवंटन रद्द किए जाने के फ़ैसले का विरोध किया है. अनिल यादव ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "हमें कायस्थ पाठशाला की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है लेकिन कांग्रेस पार्टी कार्यक्रम की तैयारी में जुटी है. राहुल गांधी का कार्यक्रम तय समय पर होगा. हम कार्यक्रम करेंगे, चाहे इसके लिए सड़क पर ही आयोजन क्यों न करना पड़े." झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ आंदोलन चल रहा है. छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बुधवार को कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करना चाहती है. रवींद्र पासवान ने बताया, "बुधवार को हमें एसडीओ के ज़रिए सरकार का संदेश मिला कि वह हमारे प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करना चाहती है." "हमें अभी अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का भी चयन करना था, यानी टीम के लिए सही लोगों को चुनना था. इसलिए एसडीओ को बता दिया है कि आज यह संभव नहीं है. हम प्रतिनिधिमंडल का चयन करके उन्हें गुरुवार 10 बजे तक जानकारी दे देंगे." रवींद्र पासवान ने कहा, "पिछले 12 दिनों से विपक्ष के नेता ख़ुद हमसे मिलने आ रहे हैं. सामान्य शिष्टाचार के तौर पर बेहतर होता कि मुख्यमंत्री कम से कम किसी मंत्री को हमसे मिलने भेजते. वे हमारा हाल-चाल पूछते और यह बताते कि वे बातचीत करना चाहते हैं." उन्होंने कहा, "लेकिन बातचीत का संदेश एसडीओ के ज़रिए भेजा गया. फिर भी, हम इस पर विचार करेंगे और अपना पक्ष साफ़ कर देंगे." गौरतलब है कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो इस मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. संबंधित स्टोरी: झारखंड में आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो कौन हैं, स्टूडेंट्स की क्या है मांग इमेज स्रोत, Facebook/@umashankarsinghballia उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार रात को निधन हो गया. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बलिया ज़िले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह 55 साल के थे और लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे. उनका इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीएसपी प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उमाशंकर सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी. साल 1990-91 में वह बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज में छात्रसंघ के महासचिव चुने गए थे. वह पहली बार साल 2012 में रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे. इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने जीत हासिल की. इमेज स्रोत, Fatemeh Bahrami/Anadolu via Getty Images ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की आवाजाही के लिए एक नए रूट पर ओमान के साथ सहमति बना ली है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि यह समझौता अंतिम चरण में है, हालांकि, उन्होंने इसके बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की. बक़ाई ने स्पष्ट किया कि ओमान के साथ हुए इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह सुरक्षित हो गया है. उनका आरोप है कि अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी और अन्य आक्रामक गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र की सुरक्षा अब भी प्रभावित है. वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए से कहा कि नया समुद्री मार्ग अस्थायी होगा और इसे दो से चार महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है. अमेरिका और ओमान की ओर से इस प्रस्ताव पर फ़िलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज़ स्ट्रेट को जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को 'बहुत कड़ी कीमत' चुकानी पड़ेगी. इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि जहाज़ों की आवाजाही बहाल करने को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है और इस सप्ताह के अंत तक शिपमेंट दोबारा शुरू हो सकती है. हालांकि, ईरान ने इन दावों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि वह अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं कर रहा है और न ही ऐसी कोई योजना है. बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. इस समय बीबीसी हिंदी के पन्ने पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं. - पीएम मोदी के वीडियो विवाद के बीच ज़करबर्ग ने यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों के लिए मांगी माफ़ी - अचानक शराब छोड़ने के बाद क्या होता है, हर रोज़ कितनी मात्रा में शराब पीना सुरक्षित है? - ई20 पेट्रोल से जुड़े किस मामले पर नितिन गडकरी के पक्ष में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाया फ़ैसला - सीजेपी के प्रदर्शन के बाद मोहन भागवत क्यों करने जा रहे हैं जेन ज़ी से बातचीत
स्रोत: BBC Hindi