Regd. UDYAM-UP-31-0004031
प्रदेश के तेजी से उभरते हुए जनसंवाद समाचार न्यूज चैनल व न्यूज पोर्टल पर अपने व्यवसाय व शिक्षण संस्थान के तेजी से आगे बढ़ोत्तरी के लिए प्रचार प्रसार कराकर लाभ प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें। सम्पर्क सूत्र 9506980980

तेलंगाना HC का बड़ा एक्शन, माफी मांगने में देरी पर अधिकारी को हटाने का आदेश

तेलंगाना हाई कोर्ट ने सोमवार (27 जुलाई, 2026) को राज्य को मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HYDRAA) के कमिश्नर एवी रंगनाथ को तुरंत बदल दें. यह आदेश तब दिया गया जब लोथकुंटा से जुड़े जमीन विवाद के मामले में कोर्ट द्वारा मांगी गई माफीनामा वाली हलफनामा तय समयसीमा के भीतर दाखिल नहीं की गई. यह आदेश M/s शांता श्रीराम कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया गया.

सुनवाई के बाद कोर्ट ने दिया निर्देश

तेलंगाना हाई कोर्ट और HYDRAA कमिश्नर एवी रंगनाथ कोर्ट के आदेशानुसार, हलफनामा दाखिल न करने और न्यायिक निर्देशों का बार-बार पालन न करने के कारण कमिश्नर को बदलने का निर्देश, सोमवार (27 जुलाई) लोथकुंटा जमीन विवाद की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि कोर्ट के आदेशों का बार-बार उल्लंघन हुआ है, जो अवमानना के बराबर है. मुख्य सचिव से उपयुक्त विकल्प की पहचान करने और नियुक्ति करने के लिए कहकर और यह चेतावनी देकर कि पद पर बने रहना कानून के शासन के खिलाफ होगा.

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद लोथकुंटा की जमीन से जुड़ा है और इससे पहले की कार्यवाही में कोर्ट ने रंगनाथ को निर्देश दिया था कि वे कोर्ट के निर्देशों का पालन न करने के आरोपों के बाद सोमवार तक लिखित माफीनामा दाखिल करें. एडवोकेट जनरल ने हलफनामे के लिए समय मांगा था और उन्हें समय मिल भी गया था हालांकि, बाद में HYDRAA के वकील ने कोर्ट को बताया कि वादे के अनुसार हलफनामा दाखिल करने के बजाय जल्द ही एक याचिका दायर की जाएगी. बेंच ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे कोर्ट द्वारा तय की गई स्पष्ट समय-सीमा का पालन न करना माना. 

मामले में कब आएगा कोर्ट का फैसला?

शांता श्रीराम कंस्ट्रक्शन्स द्वारा दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जुकांती अनिल कुमार ने कहा कि हालांकि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए HYDRAA का काम सराहनीय है, लेकिन उसकी शक्तियों का इस्तेमाल कानून के शासन के दायरे में ही किया जाना चाहिए. कोर्ट ने माना कि न्यायिक निर्देशों का बार-बार पालन न करना अवमानना के बराबर है और मुख्य सचिव संजय जाजु रंगनाथ की जगह किसी उपयुक्त व्यक्ति को नियुक्त करने को कहा है. बेंच ने कहा कि विस्तृत फैसला बाद में आएगा. 

स्रोत: ABP Hindi