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'सभी विभाग तालमेल बनाकर करें काम', कम बारिश को लेकर कैबिनेट मीटिंग में बोले PM मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (1 जुलाई, 2026) को कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में कम बारिश होने की वजह से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा की गई. 

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में सभी प्रभावित विभागों को आपस में तालमेल बनाकर योजना के तहत काम करने का निर्देश दिया गया, जिसमें कृषि, पावर, जलशक्ति समेत केंद्र सरकार के 10 मंत्रालय शामिल हैं. बैठक में इन सभी मंत्रालयों ने आपस में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है. 

कमजोर मानसून से देश में खेती पर असर

इस साल जून महीने में 38% बारिश की कमी दर्ज की गई, जिससे कुल खरीफ बुवाई 23% घटी, 236.46 से घटकर 182.72 लाख हेक्टेयर हो गई. इसमें तिलहन पर सबसे ज्यादा असर - 53% की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, कपास बुवाई 35% घटी, धान बुवाई में करीब 25% की कमी, दलहन बुवाई 30% कम रही और मोटा अनाज बुवाई में 12% की गिरावट दर्ज की गई. 

दक्षिण-पश्चिम मानसून का नहीं दिखा असर

यह बैठक देश के कई राज्यों में मानसून की कमी की वजह से उत्पन्न हुई परिस्थितियों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी. दरअसल, देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत को एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान समेत मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों में आसमान से लगातार सिर्फ गर्मी बरस रही है. बारिश की आस में लोग आसमान की तरफ देख रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग ने कहा कि मध्य भारत के राज्यों में अब तक औसतन 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं, जुलाई के महीने से भी ज्यादा उम्मीद नहीं है. 

दिल्ली से गुजरात तक, कहां क्या रहा बारिश का आंकड़ा 

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल देश के मध्य हिस्से में औसतन 50 प्रतिशत से कम बारिश हुई है. वहीं, उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश का आंकड़ा 40 प्रतिशत से कम है, जबकि दक्षिण भारत में इस साल करीब 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है. 

राज्यों के मुताबिक आंकड़ा देखें, तो दिल्ली में 50 प्रतिशत, हरियाणा में 29 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत, बिहार में 47 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 33 प्रतिशत, गुजरात में 82 प्रतिशत, झारखंड में 59 प्रतिशत, पंजाब में 47 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 47 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में औसतन 32 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. 

स्रोत: ABP Hindi