देशभर में बढ़ते साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए ठगी के मामलों के बीच CBI ने एक बड़ा कदम उठाया है. CBI ने ‘ABHAY’ नाम का AI-बेस्ड नोटिस वेरिफिकेशन सिस्टम लॉन्च किया है. ये ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसकी मदद से आम लोग ये जांच कर सकेंगे कि उनके पास आया सीबीआई का नोटिस असली है या फर्जी.
CBI के मुताबिक, साइबर अपराधी अब लोगों को डराने और ठगने के लिए फर्जी नोटिस, नकली वीडियो कॉल और AI तकनीक का इस्तेमाल कर रहे है. कई मामलों में अपराधी खुद को CBI, पुलिस, ईडी या दूसरी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट में होने का डर दिखाते हैं.
इस तरह के फ्रॉड में पहले पीड़ित को एक फर्जी नोटिस भेजा जाता है. नोटिस में दावा किया जाता है कि उसका नाम किसी मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स या दूसरे बड़े अपराध में आया है. इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए नकली पूछताछ शुरू होती है और पीड़ित को कई घंटों या दिनों तक डराकर रखा जाता है. इसी दौरान उससे बैंक डिटेल, OTP और पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं.
स्रोत: ABP Hindi