कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने और अपीलों के निपटारे में देरी की वजह से पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP को शायद बड़ा फायदा मिला हो. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 207 सीटें जीतीं, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सिर्फ 80 सीटें मिलीं. इसके बाद राज्य में पहली बार BJP की सरकार बनी और शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने.
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे. इनमें से करीब 34 लाख लोगों ने अपील दायर कर दावा किया कि वे असली और जीवित वोटर हैं और उन्हें मतदान का अधिकार मिलना चाहिए. थरूर ने कहा, 'नियमों के मुताबिक हर मामले की अलग-अलग जांच जरूरी थी, लेकिन चुनाव से पहले सिर्फ कुछ सौ मामलों पर ही फैसला हो पाया. इसका मतलब है कि लाखों लोग ऐसे थे, जो शायद सही वोटर साबित हो सकते थे, लेकिन वे वोट नहीं डाल पाए.'
स्रोत: ABP Hindi