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राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ी, बीजेपी में शामिल होने पर केजरीवाल और भगवंत मान ने क्या कहा

राज्य सभा में सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का एलान किया है. शुक्रवार को संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस काफ्रेंस कर राघव चड्ढा ने कहा, "हमने तय किया है कि हम, राज्य सभा में आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सदस्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार बीजेपी में शामिल हो रहे हैं." आम आदमी पार्टी ने बीजेपी की आलोचना करते हुए इसे 'ऑपरेशन लोटस' करार दिया. जबकि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ताज़ा घटनाक्रम को लेकर एक्स पर राघव चड्ढ का नाम लिए बिना सिर्फ़ इतना लिखा, "बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का." आम आदमी पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर की ज़िम्मेदारी राघव चड्ढा की जगह अशोक कुमार मित्तल को दे दी थी. राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के फ़ैसले पर सवाल उठाया था और कहा था कि वह जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और सवाल पूछा कि इससे आम आदमी पार्टी का क्या नुक़सान हुआ होगा. राघव चड्ढा ने कहा, "आम आदमी पार्टी, जिसे मैंने अपने खून पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी युवावस्था के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकताओं से पूरी तरह भटक चुकी है. अब यह पार्टी देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है, बल्कि निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है." उन्होंने कहा, "आप में से कई लोग पिछले कुछ वर्षों से मुझसे यह कहते आ रहे हैं, और मैंने भी व्यक्तिगत रूप से यह महसूस किया है कि मैं सही आदमी हूं, लेकिन ग़लत पार्टी में हूँ. मैं दोहराता हूँ, 'मैं सही आदमी हूँ, लेकिन गलत पार्टी में हूं.' इसलिए, आज मैं घोषणा करता हूँ कि मैं आम आदमी पार्टी से खुद को अलग कर रहा हूँ और जनता के पास जा रहा हूं." मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने कहा, "राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं. इनमें से दो-तिहाई से ज़्यादा हमारे साथ हैं. उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं और आज सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज़ राज्य सभा के सभापति को सौंप दिए. इनमें से तीन यहां आपके सामने मौजूद हैं. हमारे अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं." राघव चड्ढा के साथ प्रेस कांफ्रेंस में शामिल सांसद संदीप पाठक ने कहा, "मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी नहीं सोचा था कि ऐसी स्थिति आएगी लेकिन ऐसा हुआ. मैं पिछले 10 सालों से इस पार्टी का हिस्सा था. आज मैं आम आदमी पार्टी (आप) से अपना रास्ता अलग कर रहा हूं." "जब किसी पार्टी से जुड़ने की बात आई, तो मैंने 'आप' इसलिए जॉइन की क्योंकि वह नई राजनीति और काम की राजनीति की बात करती थी. पिछले 10 सालों में मैंने पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम किया. मैंने जो भी राजनीतिक फैसले लिए, वे हमेशा पार्टी के हित को सबसे ऊपर रखकर लिए. आज मैं भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहा हूँ और 'आप' में अपने सभी पदों से इस्तीफ़ा दे रहा हूं." आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में नेता और नेशनल मीडिया प्रभारी संजय सिंह ने शुक्रवार शाम चार बजे प्रेस कांफ्रेंस कर राघव चड्ढा समेत पार्टी के 7 सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को 'ऑपरेशन लोटस' करार दिया. संजय सिंह ने कहा, "आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को विधायक, सांसद बनाया. सब कुछ दिया लेकिन उन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया. पंजाब के लोग उन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे." उन्होंने कहा, "राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी, हरभजन सिंह को आप और जनता ने ज़मीन से उठाकर संसद में पहुंचाया. इन सातों ने पंजाब की जनता की पीठ में छुरा घोंपा है, धोखा दिया है. भगवंत मान की सरकार को धोखा दिया है." उन्होंने कहा, "भगवंत मान सरकार अच्छा काम कर रही है इसलिए ऑपरेशन लोटस खेला जा रहा है, ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है. अशोक मित्तल के घर दो-चार दिन पहले ईडी का छापा पड़ा, भय दिखाया और तोड़ लिया." उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "यह ऑपरेशन लोटस है, अमित शाह, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब के लोगों को धोखा देने के लिए है चलाया गया है." राघव चड्ढा के दो-तिहाई सांसदों के बीजेपी में विलय करने का एलान करने के बाद और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. उन्होंने कहा, "पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, लोग बड़े नहीं होते हैं. ये 6-7 लोग जो गए हैं, वो पंजाब नहीं हैं. ये गद्दार हैं. पंजाबियों के गद्दार हैं. बैठे-बिठाए गद्दी मिल गई, इन्हें वोट तो मांगने नहीं पड़े. न कहीं हाथ जोड़ने पड़े, न कहीं गलियों में जाकर लोगों के मुद्दों पर बात करनी पड़े. बस बनी-बनाई सीट मिल गई, चलो जी वहां राज्य सभा में जाकर तिकड़मबाजियां करने लगे." "होना इनका वहां भी कुछ नहीं है, क्योंकि वह बीजेपी है. वह रंग लगाकर छोड़ देते हैं. कैप्टन साहब खुद बोलते हैं कि मुझे कोई नहीं पूछता. मैंने मनप्रीत बादल का कभी नाम नहीं सुना. बिट्टू का थोड़ा चलता है, उसे मंत्री बना दिया है. जिस दिन उन्हें पता चलेगा कि उनकी पंजाब में नहीं चलती है, उस दिन उन्हें भी बाहर कर देंगे." इमेज स्रोत, Kabir Jhangiani/NurPhoto via Getty Images साल 2013 में जब अन्ना हज़ारे का इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन अपने आख़िरी दौर में था, तभी राघव चड्ढा की मुलाकात अरविंद केजरीवाल से हुई. पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव चड्ढा राघव उस समय लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई कर के भारत लौटे थे. डेली ओ की एक रिपोर्ट के अनुसार राघव चड्ढा का पार्टी में पहला असाइनमेंट दिल्ली जनलोकपाल बिल का ड्राफ़्ट तैयार करने वाले अधिवक्ता राहुल मेहरा को असिस्ट करना था. उन्हें ये ज़िम्मेदारी अरविंद केजरीवाल ने सौंपी थी. राघव चड्ढा पार्टी के सबसे युवा प्रवक्ता बने और कुछ ही समय में राघव चड्ढा टेलीविज़न पर आम आदमी पार्टी का चेहरा बन चुके थे. आम आदमी पार्टी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार राघव साल 2013 में आम आदमी पार्टी के घोषणापत्र बनाने वाली टीम के सदस्य थे. कुछ समय के लिए वह पार्टी के कोषाध्यक्ष भी बनाए गए. एक दशक पहले एक वॉलंटियर के तौर पर अरविंद केजरीवाल की टीम में शामिल हुए राघव चड्ढा अब उनके सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों में गिने जाते हैं. साल 2019 में राघव चड्ढा दक्षिणी दिल्ली की संसदीय सीट पर चुनाव लड़े, लेकिन असफल रहे. इसके बाद 2020 विधानसभा चुनाव में उन्होंने दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से जीत दर्ज की. मार्च 2022 में राघव चड्ढा और चार अन्य लोगों को आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. उस समय राघव चड्ढा 33 साल के थे और सबसे युवा सांसद बने. ये माना जाता है कि साल 2022 में पंजाब में मिली आम आदमी पार्टी की बड़ी जीत में राघव चड्ढा ने अहम भूमिका निभाई. पंजाब की सफलता को देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें 2022 के आख़िर में गुजरात विधानसभा चुनाव की भी ज़िम्मेदारी सौंपी और सह प्रभारी बनाया. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. 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स्रोत: BBC Hindi