डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने काला झंडा फहराकर डीलिमिटेशन के फ़ैसले का विरोध किया है. केंद्र सरकार के इस फ़ैसले का विरोध करने के लिए उन्होंने अपने समर्थकों के साथ काले कपड़े भी पहन रखे थे. केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है. इससे पहले मंगलवार को सांसदों को तीन ड्राफ़्ट बिल (मसौदा विधेयक) भेजे गए हैं, उनमें दो बड़े ऐतिहासिक बदलाव प्रस्तावित हैं- पहला, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करना और दूसरा, संसद के निचले सदन यानी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना. लोक सभा सीटों की संख्या 850 करने के मामले को दक्षिण भारत के कई राज्य भेदभावपूर्ण बता रहे हैं. डीलिमिटेशन का सबसे मुखर विरोध करने वालों में डीएमके शामिल है. डीएमके का आरोप है कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों की केंद्र की राजनीति में ताक़त कम होगी. विपक्षी दलों का आरोप है कि इससे उत्तर भारत के राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ेगी, जहाँ बीजेपी तुलनात्मक तौर पर ज़्यादा ताक़तवर है और इससे उसके लिए केंद्र में सरकार बनाना आसान हो जाएगा. 33% महिला आरक्षण और लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव- क्यों उठ रहे सवाल? तुर्की के गृह मंत्री मुस्तफ़ा सिफ़्सी ने बताया है कि दक्षिणी तुर्की के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में कम से कम आठ छात्र और एक शिक्षक मारे गए हैं. उन्होंने बताया है कि इस गोलीबारी में कई अन्य घायल हुए हैं. यह घटना कहरामनमारास इलाके के आयसर कैलिक सेकेंडरी स्कूल में हुई, जहाँ सिफ़्सी के अनुसार 13 लोग घायल भी हुए, जिनमें से छह की हालत गंभीर है. अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के दौरान 14 साल का एक हमलावर भी मारा गया. बुधवार को हुए हमले का मकसद अभी तक पता नहीं चला है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है. तुर्की मीडिया ने बताया कि अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि हमलावर एक छात्र था, वह दो क्लासरूम में घुसा. उसके पास पांच बंदूकें और सात मैगज़ीन थीं. स्थानीय गवर्नर ने आरोप लगाया कि ये हथियार उस छात्र के पिता के थे, जो पहले पुलिस अधिकारी रह चुके हैं. इससे एक दिन पहले ही देश के दक्षिणी हिस्से में ही एक अन्य हाई स्कूल में एक पूर्व छात्र ने गोलीबारी की थी, जिससे 16 लोग घायल हो गए थे, और उसके बाद उसने ख़ुद को भी गोली मार ली थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो होर्मुज़ स्ट्रेट को हमेशा के लिए खोल रहे हैं. ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "चीन इस बात से बहुत खुश है कि मैं होर्मुज़ स्ट्रेट को हमेशा के लिए खोल रहा हूँ. मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूँ और दुनिया भर के लिए भी. ऐसी स्थिति फिर कभी नहीं आएगी." ट्रंप ने दावा किया, "वे (चीन) ईरान को हथियार न भेजने पर सहमत हो गए हैं." डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की जल्द ही मुलाक़ात होने वाली है. ट्रंप ने कहा है कि चीनी राष्ट्रपति उनके इस फ़ैसले की वजह से गले लगाकर उनका धन्यवाद करेंगे. इससे पहले चीन ने कहा था कि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का बेहद अहम व्यापारिक मार्ग है और उसकी नाकाबंदी करना सही फ़ैसला नहीं है. 12 अप्रैल को ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया था कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज़ स्ट्रेट में आने-जाने की कोशिश करने वाले हर जहाज़ की नाकाबंदी शुरू करेगी. उन्होंने यह भी जोड़ा था कि इसमें दूसरे देश भी शामिल होंगे. अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की नाकाम बातचीत पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी मध्यस्थों ने ज़बरदस्त भूमिका निभाई है. हम उनकी दोस्ती और इस समझौते को अंतिम रूप देने के उनके प्रयासों की सचमुच सराहना करते हैं." लेविट ने कहा, "राष्ट्रपति का मानना है कि पाकिस्तानियों के माध्यम से इस संवाद को सुचारू रूप से जारी रखना महत्वपूर्ण है." अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान में युद्ध खत्म कराने के लिए बातचीत इस हफ़्ते फिर शुरू हो सकती है. पिछले शनिवार को इस्लामाबाद में ये बातचीत बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गई थी, जिसके बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी थी. खाड़ी क्षेत्र, पाकिस्तान और ईरान के अधिकारियों ने भी कहा है कि अमेरिका और ईरान की टीमें इस हफ़्ते के आख़िर में फिर पाकिस्तान लौट सकती हैं, हालांकि अभी तक कोई तारीख़ तय नहीं हुई है. न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, क्या पाकिस्तान फिर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करा पाएगा? 'उम्मीद है युद्ध फिर न शुरू हो, लेकिन लगता है होगा': अमेरिका से बातचीत नाकाम होने पर ईरानियों की चिंता झारखंड: हाईकोर्ट के दख़ल के बाद आठ महीने से लापता छात्रा का कंकाल बरामद, थाना सस्पेंड 33% महिला आरक्षण और लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव- क्यों उठ रहे सवाल?
स्रोत: BBC Hindi