इमेज स्रोत, Prodip Guha/Getty Images मशहूर गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने बताया, "12 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोग 'कसा ग्रांडे' बिल्डिंग में आकर मां (आशा भोसले) का अंतिम दर्शन कर सकते हैं." उन्होंने कहा, "शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वहां भीड़ ना करें क्योंकि ज़्यादा लोगों के जुटने की संभावना है." ग़ौरतलब है कि आशा भोसले को शनिवार शाम दिल का दौरा पड़ने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद रविवार को उनका निधन हो गया. इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images ईरान के अधिकारियों ने बताया कि जासूसी, दुश्मन देशों से सहयोग और सरकार विरोधी गतिविधियों के आरोप में कई गिरफ़्तारियां की गई हैं. साथ ही मुक़दमे दर्ज हुए हैं और कई संपत्तियां भी ज़ब्त की गई हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक़, पुलिस कमान ने कहा कि रविवार को देशभर में ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में एक संगठित नेटवर्क को तोड़ा गया, जो संवेदनशील जानकारी दुश्मन तक भेजने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान 50 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं. यह ख़बर सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दी है. आरोप है कि संदिग्धों ने सर्विस इन्फ़्रास्ट्रक्चर, चेकपॉइंट्स और सुरक्षा बलों के ठिकाने दुश्मन को बताए, जिससे इन्हें निशाना बनाने में मदद मिली. संदिग्धों से ख़ास इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सैटेलाइट डिवाइस, हथियार और गोलियां भी ज़ब्त की गईं. इसके अलावा, गिलान प्रांत में इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि हाल की जंग में 'अमेरिका-ज़ायोनिस्ट आतंकी नेटवर्क' से जुड़े 102 लोग गिरफ़्तार किए गए. बयान में यह भी कहा गया कि चार लोगों को मोसाद से जुड़े होने के आरोप में पकड़ा गया. इमेज स्रोत, Julia Demaree Nikhinson - Pool/Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत के लिए फिर तैयार नहीं होगा तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी के पास जॉइंट बेस एंड्रूज़ पर पत्रकारों से कहा, "अगर ईरान बातचीत में वापस नहीं आता तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता." ट्रंप ने कहा, "मुझे परवाह नहीं कि वे वापस आते हैं या नहीं. अगर वे वापस नहीं आते, तो भी ठीक है." इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाक़ेबंदी शुरू करेगी. गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट में दाख़िल होने या वहां से बाहर जाने की कोशिश करने वाले 'किसी भी और हर एक जहाज़' की नाक़ेबंदी शुरू करने जा रहा है. उन्होंने कहा, "जो कोई भी अवैध शुल्क देता है, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा." इमेज स्रोत, Balint Szentgallay/NurPhoto via Getty Images हंगरी में 16 साल बाद विक्टर ओरबान का शासन खत्म हो गया है. क़रीब 98% वोट गिने जाने के बाद शुरुआती नतीजों में 'तिसा पार्टी' को 138 सीटें मिलती दिख रही हैं. 199 सीटों वाली संसद में ओरबान की 'फ़िदेज़ पार्टी' को 55 और धुर दक्षिणपंथी पार्टी 'अवर होमलैंड' को 6 सीटें मिली हैं. तिसा पार्टी के नेता पीटर मागयार ने ओरबान को हराया है. उन्होंने डेन्यूब नदी के किनारे मौजूद भीड़ से कहा, "हमने मिलकर हंगरी की सरकार गिरा दी." उन्होंने यह भी बताया कि विक्टर ओरबान ने उनको फ़ोन कर जीत की बधाई दी. दूसरी ओर, ओरबान ने अपने समर्थकों से कहा, "नतीजे साफ़ और दर्दनाक हैं. हमें 25 लाख लोगों का धन्यवाद करना चाहिए जिन्होंने हमारा साथ दिया. आने वाले दिन हमारे ज़ख़्म भरने के लिए हैं." इमेज स्रोत, Ferenc ISZA / AFP via Getty Images मागयार ने कहा है कि वो ओरबान के समय किए गए बदलावों को पलटेंगे. उन्होंने वादा किया, "शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करेंगे, भ्रष्टाचार पर रोक लगाएंगे, न्यायपालिका को स्वतंत्र बनाएंगे और उस सिस्टम को खत्म करेंगे जिसे एनईआर कहा जाता है. इसने ऑर्बान के समर्थकों को फ़ायदा पहुंचाया और सरकारी संसाधन बर्बाद किए." संविधान में बदलाव करने के लिए मागयार को 133 सीटों की ज़रूरत थी, ताज़ा नतीजे बताते हैं कि तिसा पार्टी को 138 सीटें मिल सकती हैं. इमेज स्रोत, Noushad Variyattiyakkal/SOPA Images/LightRocket via Getty Images अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही है. अब ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि वे समझौते से कुछ ही दूर थे. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "47 साल में सबसे ऊंचे स्तर पर गहन बातचीत हुई. ईरान ने अमेरिका से अच्छे इरादे के साथ युद्ध ख़त्म करने के लिए बात की." "लेकिन जब हम 'इस्लामाबाद समझौते' से बस कुछ क़दम दूर थे, तभी हमारे सामने ज़्यादा मांगें रखी गईं, बदलती हुई शर्तों और प्रतिबंधों को सामने रखा गया." उन्होंने अमेरिका पर तंज़ कसते हुए लिखा, "कोई सीख नहीं मिली. अच्छी नीयत से अच्छी नीयत मिलती है. दुश्मनी से दुश्मनी मिलती है." गौरतलब है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ख़त्म करने को लेकर बातचीत हुई, लेकिन यह बेनतीजा रही. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि अब अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले हर एक जहाज़ की नाकेबंदी करेगा. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. ईरान के साथ बात नहीं बनने के बाद ट्रंप की नई धमकी का क्या है मतलब, आगे क्या होगा? अब तुर्की के ख़िलाफ़ इसराइल की बयानबाज़ी की वजह क्या है? 'बम गिरने से ज़मीन कांप गई': क्या कहते हैं ईरान से लौटे तमिलनाडु के मछुआरे 'तब तक ज़िंदा रहें, जब तक आप काम कर सकते हैं'
स्रोत: BBC Hindi