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ईरानी प्रतिनिधिमंडल जिस फ़्लाइट से इस्लामाबाद पहुँचा, उसका नाम 'मिनाब 168' क्यों रखा गया

ईरान की सरकार के मुताबिक़, अमेरिका से बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल जिस विमान से पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुँचा है, उसका नाम 'मिनाब 168' रखा गया है. ईरान में पिछले दिनों लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले पर इस फ़्लाइट का नाम रखा है. इस हमले में मारे गए लोगों में ज़्यादातर बच्चे थे. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फ़रवरी को हुए मिसाइल हमले में ये लोग मारे गए थे, जिसमें ईरान के मिनाब शहर में स्थित लड़कियों का प्राथमिक स्कूल तबाह हो गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अमेरिकी जाँचकर्ताओं का मानना है कि संभव है कि अमेरिकी बलों ने अनजाने में इस स्कूल को निशाना बना दिया हो. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पहले ही कह चुके हैं कि इस मामले की जाँच की जा रही है. पाकिस्तान में उतरने के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें विमान की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें रखी हुई दिखती हैं. हर तस्वीर के साथ एक स्कूली बैग और एक-एक फूल रखा गया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "इस फ़्लाइट में मेरे साथी". अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि अमेरिका-ईरान वार्ता एक बार में ख़त्म हो जाएगी या आने वाले हफ़्तों में जारी रहेगी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई बैकअप प्लान है, तो उन्होंने कहा, "बैकअप प्लान की ज़रूरत नहीं है". ट्रंप ने ये बातें वर्जीनिया के शार्लोट्सविले जाने के लिए विमान में सवार होते समय पत्रकारों से बातचीत में कही हैं. उनसे यह भी पूछा गया कि इस्लामाबाद में वार्ता के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से क्या कहा, तो ट्रंप ने जवाब दिया, "मैंने उन्हें शुभकामनाएँ दीं". एक अन्य पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि उनके मुताबिक़ ईरान के साथ एक अच्छा समझौता कैसा होगा. इस पर उन्होंने कहा, "कोई परमाणु हथियार नहीं", और यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि सत्ता में बदलाव पहले ही हो चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट ईरान के सहयोग के साथ या बिना भी खुल जाएगा, हालाँकि उन्होंने कहा कि अमेरिका को इसकी ज़रूरत नहीं है. ट्रंप ने कहा, "हम इसे बहुत जल्द खुलवा देंगे". अमेरिकी राष्ट्रपति से उन रिपोर्ट्स के बारे में भी पूछा गया जिनमें कहा गया है कि ईरान होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाज़ों पर शुल्क लगा सकता है, इस पर उन्होंने जवाब दिया, "हम ऐसा नहीं होने देंगे". ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँच गया है. बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँच गया है. स्थानीय मीडिया का कहना है कि नूर ख़ान हवाई अड्डे पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने उनका स्वागत किया. इस दौरान नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक, सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और गृह मंत्री सैयद मोहसिन रजा नक़वी भी मौजूद रहे. ईरान के सरकारी टीवी के टेलीग्राम चैनल के मुताबिक़, इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक़ उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्मती और ईरानी संसद के कई सदस्य भी आए हुए हैं. इमेज स्रोत, Foreign Ministry, Pakistan बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - आर्टेमिस-2: चांद का चक्कर लगाकर धरती पर सुरक्षित लौटे अंतरिक्ष यात्री - एक ऐसा विमान जो परमाणु हमले की चपेट में आए बिना सात दिनों तक उड़ान भर सकता है - सीज़फ़ायर टिके या न टिके, मध्य पूर्व में बदलाव अभी अधूरा है - बिहार: अररिया में डबल मर्डर के बाद उठे सवाल, तेजस्वी बोले - 'सिस्टम चौपट' - पश्चिम बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' बनाने की बात करने वाले हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो पर विवाद क्यों?

स्रोत: BBC Hindi