प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में 'मध्य पूर्व में चल रही जंग' पर सदन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के सामने भी 'अप्रत्याशित चुनौतियाँ' हैं. उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान भी सप्लाई चेन में संकट पैदा हुआ था और देश ने एकजुटता से उसका मुकाबला किया. पीएम मोदी ने कहा, "पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है. इस संकट को तीन हफ्तों से अधिक हो रहा है. इस जंग से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर असर पड़ रहा है." "भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं. ये चुनौतियाँ आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हैं. साथ ही मानवीय चुनौतियाँ भी हैं." बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में मध्य पूर्व में मौजूदा हालात, ऊर्जा ढांचा पर हमले, होर्मुज़ स्ट्रेट में स्वतंत्र आवाजाही में बाधा को लेकर बात की. साथ ही उन्होंने देश के अंदर पेट्रोल, डीज़ल, गैस और फ़र्टिलाइज़र्स के स्टॉक और सप्लाई को लेकर भी बात कही. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मध्य पूर्व के देशों के नेताओं ने भारतीयों की सुरक्षा का विश्वास दिलाया है. हालांकि दुर्भाग्य से कुछ भारतीयों की मृत्यु हुई है." उन्होंने कहा, "प्रभावित देशों में मौजूद भारतीय मिशन वहां गए भारतीय पर्यटकों और वहां रह रहे लोगों के साथ 24 घंटे जुड़ा हुआ है और उनकी मदद कर रहा है." "युद्ध शुरू होने से लेकर अबतक 3 लाख 75 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं. ईरान से 1000 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं. इनमें 700 से अधिक मेडिकल पढ़ाई करने वाले युवा हैं. इन देशों में सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी है." मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. प्रधानमंत्री ने कहा, "कच्चा तेल, गैस और फ़र्टिलाइजर होर्मुज़ स्ट्रेट से आते हैं, युद्ध के बाद से ही जहाज़ों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है. पेट्रोल डीज़ल, गैस की सप्लाई प्रभावित न हो." उन्होंने कहा कि भारत ने कच्चे तेल के 53 लाख मिट्रिक टन का स्ट्रेटेजिक रिज़र्व है. 65 लाख मिट्रिक टन पर काम कर रहा है. तेल कंपनियों के पास अलग रिज़र्व है. हमारा प्रयास है, तेल, गैस, फर्टिलाइज़र वाले जहाज भारत सुरक्षित पहुंचे. सभी वैश्विक सहयोगियों से बातचीत कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज़ स्ट्रेट में फंसे कई जहाज भारत आए भी हैं. संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी बहुत काम आ रही है. पिछले 10 साल में इथेनाल के उत्पादन और ब्लेंडिंग बढ़ी है. आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनाल ब्लेंडिंग कर रहे हैं. इससे साढ़े चार करोड़ बैरल आयल कम तेल आयात करना पड़ रहा है. रेलवे के बिजलीकरण से तेल बच रहा है, जिससे हर साल 180 करोड़ डीज़ल की बचत हो रही है. आज मेट्रो का नेटवर्क 1100 किलोमीटर हो गया है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया. केंद्र ने राज्यों को 15 हज़ार इलेक्ट्रिक बसें दी हैं. वैकल्पिक ईंधन पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा. भारत इस संकट में एक रणनीति के तहत काम कर रही है. हम हर सेक्टर के स्टेक होल्डर्स के साथ चर्चा कर रहे हैं. भारत सरकार ने एक इंटरमीनिस्ट्रियल ग्रुप भी बनाया है जो हर दिन मिलता है और आवश्यक समाधान पर काम करता है. सरकार और उद्योग के साझा प्रयास से परिस्थितियों का सामना कर सकेगा. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi