सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश के पूर्वी इलाके़ में 18 ड्रोन को गिराया गया है. सरकारी समाचार एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक़, पिछले कुछ दिनों में कई ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया है. हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि ये ड्रोन किसने भेजा थे. कुछ देर बाद यह भी बताया गया कि शायबह तेल ठिकाने की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को रुब अल खली यानी एम्प्टी क्वार्टर रेगिस्तान के किनारे पर इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया. अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर पिछले महीने की आख़िर में हमले शुरू किए थे, जिसके बाद संघर्ष जारी है. वहीं ईरान मध्य पूर्व के देशों में अमेरिका और इसराइल के ठिकानों को निशाना बना रहा है. फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जी-7 देशों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंस के बाद कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में पैदा हुई स्थिति का हवाला देकर रूस पर लगे प्रतिबंध हटाना ग़लत है. मैक्रों ने कहा, "ईरान की स्थिति के कारण यूक्रेन पर हमारा ध्यान, यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर हमारी स्पष्टता कम नहीं होनी चाहिए." यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए थे, जिसके कारण कई देशों को सप्लाई के लिए दूसरे रास्तों की तलाश करनी पड़ी. हाल ही में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अस्थायी रूप से इन प्रतिबंधों में ढील दी है, ताकि भारत जैसे देश समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल ख़रीद सके. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने यह फै़सला इसलिए लिया क्योंकि भारत ने ज़िम्मेदार रवैया दिखाया है और पहले ही उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल ख़रीदना बंद कर दिया था. मैक्रों ने जी-7 बैठक में यह भी कहा कि यह ज़रूरी है कि सभी देश मिलकर समन्वय से काम करें, ताकि होर्मुज़ स्ट्रेट में आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जा सके. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ चल रहे सैन्य अभियान की तारीफ़ करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने कुछ ही घंटों में ईरान की नौसेना और वायुसेना को तबाह कर दिया. ट्रंप ने कहा, 'हम जीत गए. पहले ही घंटे में सब कुछ ख़त्म हो गया था.' ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने दो दिनों में ईरान के 54 जहाज़ों को 'तबाह' कर दिया है. हालांकि कुछ ही पलों बाद उन्होंने यह संख्या 58 बताई. यह आंकड़ा पहले सामने नहीं आया था और बीबीसी स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं करता है. राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी' तेल की क़ीमतों को काफ़ी कम करेगा और दुनिया के लिए ख़तरे को घटाएगा. तेल ही नहीं, पानी भी दांव पर, खाड़ी देशों के लिए क्यों अहम हैं डिसैलिनेशन प्लांट? अमेरिका-इसराइल से चल रही जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने युद्ध ख़त्म करने को लेकर शर्त रखी है. राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा है कि रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई है. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, "जिस युद्ध को इसराइल और अमेरिका ने शुरू किया उसे ख़त्म करने का एकमात्र रास्ता, ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना, युद्ध के नुक़सान की भरपाई और भविष्य में किसी भी हमले को रोकने के लिए मज़बूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना है." पेज़ेश्कियान का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच जारी संघर्ष को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है. वहीं ईरान ने मंगलवार को कहा था कि वह मध्य पूर्व के देशों में अमेरिका और इसराइल के ठिकानों को निशाना बना रहा है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - ओम बिरला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव गिरा, लोकसभा में सुनने को मिली ज़ोरदार बहस - भारत में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने दी 'इच्छा मृत्यु' की इजाज़त, हरीश राणा के पिता ने क्या कहा? - पाकिस्तानी नौसेना के 'ऑपरेशन मुहाफ़िज़ अल-बहर' का मक़सद क्या है? - पीरियड ब्लड में छिपे हो सकते हैं सेहत के राज़ - भारत में एलपीजी संकट: देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसे हालात हैं? ग्राउंड रिपोर्ट
स्रोत: BBC Hindi