हैदराबाद में क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है. शहर के कोंडापुर इलाके में रहने वाले 66 वर्षीय कंसल्टेंट को ठगों ने सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर करीब 3.54 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. इस पूरे मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश के नाम पर हो रही ठगी के खतरे को उजागर कर दिया है.
पुलिस के अनुसार, पीड़ित कोंडापुर के माजिद बंडा इलाके में रहते हैं. उन्हें फेसबुक पर ‘नव्या सर्जे’ नाम की एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी. बातचीत शुरू होने के बाद उस महिला ने धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया और फिर उनका व्हाट्सएप नंबर ले लिया. इसके बाद दोनों के बीच नियमित बातचीत होने लगी.
महिला ने दी क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश करने की सलाह
कुछ समय बाद महिला ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश करने की सलाह दी. उसने दावा किया कि इस निवेश से उन्हें कम समय में भारी मुनाफा मिलेगा. महिला की बातों में आकर पीड़ित ने जून 2024 से एक कथित क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करना शुरू कर दिया. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन जब पीड़ित ने लगभग 1.5 करोड़ रुपये निवेश करने के बाद अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो उनका अकाउंट अचानक ब्लॉक हो गया. कई प्रयासों के बावजूद वह अपने पैसे निकाल नहीं पाए.
पीड़ित को हुआ महिला पर शक
कुछ महीनों बाद नवंबर में उस महिला का फोन नंबर फिर से सक्रिय दिखाई दिया. जब पीड़ित ने संपर्क किया तो व्हाट्सएप प्रोफाइल पर किसी दूसरी महिला की तस्वीर दिखाई दी. उसने खुद को चंडीगढ़ की अनुष्का शर्मा बताया और कहा कि वह एक गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी चलाती है. जांच के दौरान पीड़ित को शक हुआ क्योंकि उसी व्यक्ति के अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अलग नाम दिखाई दे रहे थे. इंस्टाग्राम पर उसका नाम मनीषा था, जबकि लिंक्डइन प्रोफाइल में वह खुद को एक रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म की सीनियर मैनेजर बता रही थी. शक होने के बावजूद पीड़ित को फिर से निवेश करने के लिए मनाया गया. इस बार भी उसे भारी मुनाफे का लालच दिया गया. भरोसा करते हुए उन्होंने चार किश्तों में कुल 3.54 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए. बाद में उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर गिरोह के जाल में फंस चुके हैं.
तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो की जांच
इस मामले में तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारी इस फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं. साइबर अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जरूर जांच लें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें.
स्रोत: ABP Hindi