अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की एक समिति से कहा कि एपस्टीन से जुड़े मामले में उन्होंने "कुछ नहीं देखा" और "कुछ भी ग़लत नहीं किया." न्यूयॉर्क में बंद कमरे में पूरे दिन चली इस सुनवाई में पूर्व राष्ट्रपति से फ़ाइनेंसर जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी हाल में जारी फ़ाइलों में उनके नाम आने को लेकर सवाल किए गए. इनमें एक तस्वीर भी शामिल है, जिसमें बिल क्लिंटन एक अज्ञात व्यक्ति के साथ हॉट टब में दिखाई दे रहे हैं. उनकी गवाही ऐसे समय आई जब एक दिन पहले उनकी पत्नी और अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने समिति से कहा था कि उन्हें भी एपस्टीन के अपराधों की "कोई जानकारी नहीं थी." इन फ़ाइलों में नाम आने का मतलब ग़लत काम में शामिल होना नहीं है और एपस्टीन मामले में अब तक सामने आए पीड़ितों में से किसी ने भी क्लिंटन दंपती पर किसी प्रकार के दुराचार का आरोप नहीं लगाया है. बिल क्लिंटन ने कहा कि अगर उन्हें "ज़रा भी अंदेशा" होता कि एपस्टीन क्या कर रहा है, तो वह उससे संबंध तोड़ लेते और उसके विमान में कभी यात्रा नहीं करते. उन्होंने अपने ओपनिंग स्टेटमेंट में कहा, "मैं ख़ुद उसे अधिकारियों के हवाले कर देता." इमेज स्रोत, Bloomberg via Getty Images मीडिया रिपोर्ट्स में दमकल अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि बोलीविया के दूसरे सबसे बड़े शहर एल आल्टो में एक सैन्य कार्गो विमान क्रैश हो गया है. इस हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है. बोलीविया के एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल अथॉरिटी ने कहा कि यह घटना शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम 06:20 बजे घटी, जब विमान सांता क्रूज़ शहर से यात्रा कर एल आल्टो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर रहा था. हादसे के बाद एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि विमान रनवे से फिसलकर पास के एक हाईवे पर पहुंच गया और वहां मौजूद वाहनों से टकरा गया. इमेज स्रोत, Celal Gunes/Anadolu via Getty अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ हुई हालिया बातचीत के बाद वह ईरान से ख़ुश नहीं हैं. हालांकि, उन्होंने कहा है कि उन्होंने अभी यह फ़ैसला नहीं किया है कि वह ईरान पर हमला करेंगे या नहीं. ट्रंप ने कहा, "मुझे यह बात पसंद नहीं आई कि वे हमें वह देने के लिए तैयार नहीं हैं जो हमें चाहिए. इसलिए मैं ख़ुश नहीं हूं." अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में हुई बातचीत पर यह पहली टिप्पणी की है. गुरुवार को हुई यह बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि वह ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी "आपको करना पड़ता है." ईरान पर संभावित अमेरिकी हमलों की आशंका को लेकर शुक्रवार को कई देशों ने क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की. ब्रिटेन ने तेहरान स्थित अपने दूतावास से अस्थायी रूप से कर्मचारियों को हटा लिया और अपनी ट्रैवल एडवाइज़री जारी की. चीन, भारत और कनाडा सहित कई देशों ने संभावित संघर्ष को देखते हुए अपने नागरिकों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की अपील की है. जर्मनी और फ़्रांस ने इसराइल की यात्रा को लेकर एडवाइज़री जारी की. इस बीच, अमेरिका ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों से "तुरंत" देश छोड़ने को कहा. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया को 'डिस्चार्ज' करते हुए क्या अहम बातें कहीं? - पाकिस्तान-अफ़ग़ान तालिबान संघर्ष का क्या भारत पर भी होगा असर? - नेपालः सांप्रदायिक राजनीति के चक्रव्यूह में फंस सकता है मधेश-तराई इलाका -कैसे हैं ज़मीनी हालात? - क्या ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी ख़तरा बना हुआ है? - हम भी हैं गौरा देवी...जलते जंगल को बचाने वाली चार पहाड़ी महिलाओं की कहानी
स्रोत: BBC Hindi