Regd. UDYAM-UP-31-0004031
प्रदेश के तेजी से उभरते हुए जनसंवाद समाचार न्यूज चैनल व न्यूज पोर्टल पर अपने व्यवसाय व शिक्षण संस्थान के तेजी से आगे बढ़ोत्तरी के लिए प्रचार प्रसार कराकर लाभ प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें। सम्पर्क सूत्र 9506980980

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'एपस्टीन ने मेरे ख़िलाफ़ साज़िश रची'

अमेरिकी यौन अपराधी और मानव तस्कर जेफ़री एपस्टीन से 'संबंधों' को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को व्हाइट हाउस के ओवल आफ़िस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जेफ़री एपस्टीन से उनका 'कोई लेना-देना नहीं' रहा है. उन्होंने दावा किया कि न्याय विभाग की ओर से हाल ही में जारी फ़ाइलों से साज़िश सामने आती है, जिसका मक़सद उन्हें 'राजनीतिक रूप से नुक़सान पहुंचाना और चुनाव हरवाना था.' ग्रैमी अवॉर्ड्स के प्रसारण और उसके होस्ट ट्रेवर नोआ का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “उन्होंने कहा कि मैंने जेफ़री एपस्टीन के द्वीप पर समय बिताया. मैंने ऐसा नहीं किया. मेरा जेफ़री एपस्टीन से कोई संबंध नहीं है.” ट्रंप ने आगे दावा किया कि एपस्टीन और लेखक माइकल वोल्फ़ ने “डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव हरवाने की साजिश रची थी...तो यहीं से साफ़ है कि मेरा इस व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं था.” ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर एपस्टीन को लेकर फिर से मुद्दा उठाने का आरोप लगाया और कहा कि यह अब “उन्हीं पर पलटकर पड़ रहा है, क्योंकि फाइलों में दूसरे प्रभावशाली नाम सामने आ रहे हैं." उन्होंने कहा, “डेमोक्रेट्स इसे आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि इसमें सामने आ रहा है कि डेमोक्रेट्स ही एपस्टीन के साथ थे और उसके साथ साज़िश में शामिल थे.” इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मैं जेफ़री एपस्टीन का करीबी नहीं था, बल्कि न्याय विभाग की ओर से अभी जारी की गई जानकारी के मुताबिक, एपस्टीन और माइकल वोल्फ़ नाम का एक झूठा लेखक मेरे ख़िलाफ़ साज़िश कर रहा था, ताकि मुझे नुकसान पहुंचाया जा सके.” उन्होंने यह भी कहा कि वह “कभी भी एपस्टीन के आइलैंड पर नहीं गए.” हाल ही में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 लाख से अधिक दस्तावेज जारी किए जिसमें एपस्टीन के सामाजिक और पेशेवर संपर्कों का ब्योरा है जिनमें राजनीति, वित्त और उद्योग से जुड़े कई दिग्गजों के नाम सामने आए हैं. उत्तराखंड में पौड़ी ज़िले के कोटद्वार कस्बे में बीते दिनों एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आए 'मोहम्मद दीपक' के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है. इस पर दीपक ने प्रतिक्रिया देते हुए अपने ऊपर हुई इस एफ़आईआर पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि मेरे ख़िलाफ़ मामला क्यों दर्ज किया गया, जबकि पूरी लड़ाई दूसरी तरफ से शुरू हुई थी. हम किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन नहीं करते, बल्कि एक विचारधारा का समर्थन करते हैं. हनुमान हर जिम में जाने वाले के लिए एक आदर्श हैं, क्योंकि वह मेहनत के लिए प्रेरित करते हैं.” 26 जनवरी के दिन हुई घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि उन्होंने तत्काल मौके पर पुलिस भेजकर 'स्थिति पर काबू' पा लिया और स्वत: संज्ञान लेकर देहरादून से आए कुछ लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की है. दरअसल एक मुस्लिम दुकानदार पर दुकान का नाम बदलने का दबाव डालने का दीपक ने विरोध किया था और बात बढ़ने पर उन्होंने खुद का नाम 'मोहम्मद दीपक' बताया था. बाद में यह घटना सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो गई. इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिसके आधार पर अलग-अलग मुक़दमे दर्ज किए गए हैं. पौड़ी ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने सोमवार को बीबीसी हिन्दी को बताया कि दीपक कुमार उर्फ़ अक्की, विजय रावत और अन्य के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 191(1), 351(2) और 352 के तहत मुक़दमा पंजीकृत किया गया है. जबकि दूसरे पक्ष के 30 से 40 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. 'मैंने खुद को मोहम्मद दीपक बतायाक्योंकि इंसान की पहचान धर्म से तय नहीं होनी चाहिए' भारत पर टैरिफ़ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 'भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई.' ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि वैश्विक स्तर और घरेलू स्तर पर तेल की क़ीमतों में उछाल आ सकता है. हालांकि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि वेनेज़ुएला के तेल के वैश्विक बाज़ार में आने से यह दबाव कम होगा. समाचार एजेंसी एएनआई से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, “यह समझौता काफी लंबे समय से अटका हुआ था. लेकिन तेल के मोर्चे पर मुझे हैरानी नहीं हुई, क्योंकि वेनेज़ुएला, ईरान और रूस के तेल पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के चलते बाकी देश सीमित मात्रा में दूसरे स्रोतों से तेल खरीद रहे थे." "पहले भारत पश्चिमी देशों की सहमति के साथ रूस से तेल खरीदकर सीमित आपूर्ति के दबाव को कम कर पा रहा था. लेकिन जब राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर सख्ती करते हुए भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया, तो यह व्यवस्था टिकाऊ नहीं रह गई... रूस से तेल खरीद में पहले ही काफी गिरावट आ चुकी है." उनका कहना है कि रूसी तेल पर कड़े प्रतिबंध के कारण वेनेज़ुएला के तेल के लिए रास्ता खोलना ज़रूरी हो गया था और जनवरी की शुरुआत में हुई कार्रवाई का मकसद था कि वहां एक ज्यादा सहयोगी प्रशासन आए, जो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में फिर से तेल भेज सके. शशि थरूर ने कहा, "अमेरिकी कंपनियां इसका उत्पादन करेंगी और भारत जैसे देश, जो पहले ईरान और रूस से तेल खरीदते थे, अब वेनेज़ुएला से तेल खरीदेंगे." तेल की क़ीमतों को लेकर उनका कहना है, "भारत के नज़रिए से तर्क यह है कि इससे हमें ज़्यादा क़ीमत नहीं चुकानी पड़ेगी... जब दो देशों पर प्रतिबंध हैं और तीसरे पर से प्रतिबंध हटाए जा रहे हैं, तो वैश्विक बाज़ार में तेल की कुल आपूर्ति बनी रहेगी और क़ीमतें स्थिर रहेंगी.” अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील की संभावनाओं के बीच अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ़ को घटाकर 18 फ़ीसदी कर दिया है. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और पीयूष गोयल समेत कई शीर्ष नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है. अमित शाह ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “भारत-अमेरिका रिश्तों के लिए यह बड़ा दिन है, क्योंकि व्यापार समझौता 18 प्रतिशत के काफी कम टैरिफ के साथ तय हो गया है. इससे व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे और दोनों देशों की साझा वृद्धि का रास्ता खुलेगा.” विदेश मंत्री एस जयशंकर, जोकि इस समय अमेरिका दौरे पर हैं, उन्होंने एक्स पर लिखा, “इस डील से दोनों अर्थव्यवस्थाओं में ज़्यादा नौकरियां बनेंगी, विकास को रफ़्तार मिलेगी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा. यह ‘मेक इन इंडिया’ के प्रयासों को मजबूती देगा और भरोसेमंद तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाएगा. हमारे आर्थिक जुड़ाव में अवसर बहुत बड़े हैं और हमें भरोसा है कि हम उन्हें साकार करेंगे. मजबूत आर्थिक संबंध हमारी रणनीतिक साझेदारी की सबसे ठोस नींव है.” केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर पोस्ट किया, “अमेरिका और भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं. दोनों देश स्वाभाविक सहयोगी हैं. भारत और अमेरिका मिलकर शांति और विकास के लिए काम करने की बड़ी क्षमता रखते हैं. दोनों देशों की ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं. दोनों देश मिलकर तकनीक का सह-निर्माण कर सकते हैं और ऐसे समाधान विकसित कर सकते हैं जिनसे दुनिया को फायदा होगा. भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए उज्ज्वल भविष्य लेकर आएगा. यह एक विन-विन डील है. दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों को इससे बड़ा लाभ होगा.” केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर लिखा, “यह समझौता किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और कुशल कामगारों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोलेगा, जिससे वे दुनिया के लिए मेक इन इंडिया, दुनिया के लिए डिजाइन इन इंडिया और दुनिया के लिए इनोवेट इन इंडिया कर सकेंगे. इससे भारत को अमेरिका से तकनीक हासिल करने में मदद मिलेगी. यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक मोड़ है जो भारत-अमेरिका रिश्तों को नया आकार देगा और विकसित भारत 2047 की यात्रा को तेज़ करेगा.” बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता संदीप राय अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. अमेरिका ने भारत पर टैरिफ़ घटाकर 18 फ़ीसदी किया, ट्रंप बोले- ट्रेड डील पर भी बनी सहमति 'इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं': राहुल गांधी लोकसभा में क्या पढ़ना चाहते थे जिस पर हुआ हंगामा टी-20 वर्ल्ड कप: भारत का बायकॉट करने के फ़ैसले पर क्या बोले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के मैच में सरफ़राज़ अहमद ने ऐसा क्या किया जिसकी है चर्चा

स्रोत: BBC Hindi