चेतावनी: इस ख़बर में कुछ जानकारियां परेशान कर सकती हैं. हरियाणा के पंचकुला के एक स्कूल में क्लासरूम के अंदर 6 साल की बच्ची के साथ 8 साल के बच्चे की मारपीट के मामले में पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल समेत तीन लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. पुलिस की ओर से दर्ज एफ़आईआर के मुताबिक़, यह घटना 28 अक्तूबर 2026 को पंचकुला के एक स्कूल में हुई थी. पुलिस ने शनिवार को इस मामले में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125(बी) के तहत मामला दर्ज किया है. जिन तीन लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है, उनमें स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार शामिल हैं. पुलिस की ओर से दर्ज एफ़आईआर के मुताबिक़, पंचकुला के इस स्कूल में 6 साल की छात्रा पर 28 अक्तूबर 2026 को हमला किया गया था. स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की उम्र 8 साल बताई गई है. उसने स्कूल की इमारत की पहली मंज़िल पर एक कमरे में बच्ची के साथ मारपीट की. इसके बाद बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह घटना स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल, क्लास टीचर, दूसरे स्टाफ सदस्यों और सुरक्षा कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई. शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि स्कूल का समय ख़त्म होने के बाद भी घायल बच्ची क़रीब दो घंटे तक उसी कमरे में पड़ी रही. बच्ची के पिता ने बीबीसी न्यूज़ पंजाबी को बताया, "28 अक्तूबर को स्कूल की छुट्टी होने के बाद भी जब बच्ची नहीं मिली तो हम उसे स्कूल के अंदर ढूंढने गए. वहां किसी को नहीं पता था कि बच्ची कहां है." "फिर एक छोटे बच्चे ने ही मुझे बताया कि वह ऊपर किसी क्लासरूम में है. मैं वहां गया तो बच्ची अंदर थी और कमरे को ताला लगा हुआ था. ताला खुलवाया गया तो बच्ची को बाहर निकाला." उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल बच्ची को हमले के बाद स्थानीय अस्पतालों में दिखाया गया. बाद में उसे चंडीगढ़ के पीजीआई रेफ़र कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक़, बच्ची ख़तरे से बाहर है, लेकिन उसे अब भी काफ़ी चोटें आई हैं. हालांकि, इस मामले में पीजीआई ने बच्ची की सेहत को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है. पंचकुला पुलिस की डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (डीसीपी) अदिति सिंह की ओर से जारी वीडियो बयान के मुताबिक़, "छात्रा पीजीआई में भर्ती है और फ़िलहाल ख़तरे से बाहर है. "इस मामले में एक नाबालिग छात्र शामिल है, जिसकी उम्र 8 साल है. जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत विशेषज्ञों से उसका आकलन कराया जा रहा है. इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी." उन्होंने कहा, "बच्ची के साथ मारपीट के मामले की शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है. इसलिए स्कूल प्रबंधन के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है." पंचकुला के डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने बताया कि भारतीय क़ानून के मुताबिक़, 8 साल के बच्चे को सज़ा नहीं दी जा सकती और न ही उसे जेल भेजा जा सकता है. ऐसे मामलों में बच्चे के ख़िलाफ़ दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय उसके सुधार और काउंसलिंग पर ज़ोर दिया जाता है. इसलिए इस मामले में बच्चे की मानसिक स्थिति को समझने की कोशिश की जा रही है. अमरिंदर सिंह ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बच्चे को ऑब्ज़र्वेशन होम भेज दिया है. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई है. शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जांच में अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पंचकुला के ज़िला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने शिक्षकों की ड्यूटी, सीसीटीवी फ़ुटेज, हाज़िरी का रिकॉर्ड और स्कूल की ओर से की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है. आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने बच्ची के परिवार से मुलाक़ात की और उसकी सेहत के बारे में जानकारी ली. हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने भी स्कूल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि अगर किसी शिक्षक, प्रिंसिपल या दूसरे अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो सरकार से कार्रवाई की सिफ़ारिश की जाएगी. शिक्षा विभाग ने भी ज़िला स्तर पर एक जांच कमेटी बनाई है. उसे दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
स्रोत: BBC Hindi