चक्रवाती तूफान अर्नब के चलते ओडिशा के कई जिलों में हाहाकर मचा है. लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है तो वहीं दूसरी ओर गंजाम जिले में बाढ़ के पानी ने दुर्लभ काले हिरणों (ब्लैकबक) को खतरे में डाल दिया है. खबरों के अनुसार गंजाम ब्लॉक के बदमाधापुर और कैंचापुर इलाकों में ई जानवरों को तेज बहाव में बहते हुए देखा गया है.
खबरों के अनुसार ये दोनों इलाके ब्लैकबक (एक दुर्लभ मृग प्रजाति) के प्राकृतिक आवास हैं. बाढ़ का पानी बढ़ने से उनके आवास का बड़ा हिस्सा डूब गया है. जिससे कई जानवर पानी के तेज बहाव से जूझ रहे हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों की तस्वीरों में काले हिरणों को बाढ़ के पानी से जूझते देखा जा सकता है.
वन्यजीव प्रेमियों ने जताई चिंता
इसे लेकर स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों ने गहरी चिंता जाहिर की है. स्थानीय रेंजर सहित वन अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया, ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और जानवरों की सुरक्षा के उपाय तलाशे जा सकें
इस भीषण बाढ़ ने खेती को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. हजारों एकड़ में लगी धान और सब्जियों की फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बता दें कि ओडिशा के मलकानगिरी, कोरापुट, रायगडा, नबरंगपुर, कालाहांडी, नुआपाडा और कंधमाल जिले चक्रवाती तूफान से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
गजपति में भी बुरा हाल
गजपति जिले में बाढ़ के चलते 711 गांव प्रभावित हुए हैं. बचाव दलों ने 17,441 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. सरकार ने घोषणा की है कि इन दोनों जिलों में आंगनवाड़ी केंद्र और शिक्षण संस्थान 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में गंजाम और गजपति जिलों में जितनी बारिश हुई है, वो इस इलाके में पूरे साल होने वाली बारिश के बराबर है.
गंजाम में 300 से अधिक टीमें तैनात
चक्रवात अर्नब से भारी तबाही के बाद सरकार ने बाढ़ प्रभावित गंजाम और 8 अन्य जिलों में बचाव कार्यों के लिए कई एजेंसियों की 300 से अधिक टीमों को तैनात किया है. बाढ़ का पानी घरों में घुसने के कारण 59,028 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनमें गंजाम के 11,882 लोग शामिल हैं.
स्रोत: ABP Hindi