ब्रिटेन की दिवंगत प्रिंसेस डायना के भाई ने बीबीसी से एक ख़ास बातचीत में कहा है कि अपनी बहन की मौत के कुछ दिनों बाद किंग चार्ल्स के साथ हुई फ़ोन पर बातचीत को लेकर वह 'सच बोल रहे हैं.' प्रिसेंस डायना के भाई अर्ल स्पेंसर ने अपनी नई किताब में दावा किया है कि तत्कालीन 'प्रिंस ऑफ़ वेल्स' चार्ल्स ने डायना के अंतिम संस्कार में प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी के शामिल होने को लेकर हुई बहस के दौरान कहा था, "हम जल्द ही उसे भूल जाएंगे." बकिंघम पैलेस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, ''किंग इस बात से वाकिफ़ हैं कि बहन या भाई की मौत का दुख तर्क शक्ति पर भारी पड़ता है." "इसका फ़ैसले लेने की क्षमता पर असर होता है. ये यादों को इस कदर प्रभावित कर सकता है, जिसे दूसरे लोग कई साल बाद भी, समझ नहीं पाते.'' हालांकि अपने पहले इंटरव्यू में अर्ल स्पेंसर ने कहा, "मैं आपको अभी और यहीं बता सकता हूं कि उन्होंने बिल्कुल यही शब्द कहे थे." कभी कभार आने वाले पैलेस के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्ल स्पेंसर ने कहा, "तो क्या वह नाराज़ हैं? क्या वह बहुत नाराज़ हैं या उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो रही है?" अपने अल्थॉर्प एस्टेट में बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी में प्रिंस चार्ल्स से फ़ोन पर सिर्फ दो बार बात की है." उन्होंने कहा, "मैं उनकी कही हर बात को लेकर बेहद सजग था और उन्होंने ठीक यही शब्द कहे थे. मैं आपसे सच में कह रहा हूं कि उन्होंने बिल्कुल यही कहा था. मैं तो ये नहीं सुन पा रहूं कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था." जब उनसे पूछा गया कि इस दावे के समर्थन में उनके पास कोई सबूत है या नहीं, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने उस समय परिवार और दोस्तों को बताया था कि क्या कहा गया था, "क्योंकि वह बात इतनी भयावह थी." देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. पैलेस की ओर से उनकी बात पर सवाल उठाए जाने के जवाब में अर्ल स्पेंसर ने कहा, "उन्होंने उस याद को थोड़ा धुंधला कर दिया है, है ना? उन्होंने कहा है कि लोगों की यादें अलग-अलग हो सकती हैं." जब उनसे पूछा गया कि जनता को किसकी बात पर भरोसा करना चाहिए, तो उन्होंने कहा, "मैं सच बोल रहा हूं." बकिंघम पैलेस ने अर्ल स्पेंसर की ताज़ा टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. इन टिप्पणियों से पैलेस और किंग के पूर्व साले के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप पर एक बार फिर सबका ध्यान जा सकता है. 'डेली मेल' में छपी अपनी किताब के अंशों के मुताबिक़ अर्ल स्पेंसर ने दावा किया है कि 'यह फ़ोन कॉल तब हुई थी, जब उन्होंने कहा था कि डायना नहीं चाहतीं कि उनके दोनों छोटे बेटे उनकी शवयात्रा में जाएं.' बीबीसी के इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "किंग बहुत भड़क गए और कुछ देर तक गुस्से में बोलते रहे." उनके मुताबिक़, किंग चार्ल्स ने उनके परिवार पर यह आरोप लगाया था कि उनमें कर्तव्य निभाने की पर्याप्त भावना नहीं है. अर्ल स्पेंसर ने कहा, "फिर वह अचानक रुक गए और मैंने सोचा, अब वह खुद को संभालेंगे और कुछ अधित उचित बात कहेंगे." "लेकिन फिर उन्होंने कहा, 'हम उसे जल्द ही भूल जाएंगे.'" उन्होंने कहा कि उस वक़्त उनके मन में क्या चल रहा था, यह वह ठीक-ठीक नहीं बता सकते क्योंकि वह उस समय 'सिर्फ़ आवाक' रह गए थे. उन्होंने कहा, "कुछ देर की ख़ामोशी के बाद मैंने कहा, 'मुझे यकीन नहीं हो रहा कि आपने अभी यह कहा है.' और मैंने फ़ोन काट दिया." अर्ल स्पेंसर की किताब 'स्वान सॉन्ग: डायना, माई सिस्टर' अगले हफ़्ते प्रकाशित होने वाली है. माना जा रहा है कि इसमें शाही परिवार की काफ़ी आलोचना की गई है. इस किताब के अन्य अंशों में उन्होंने दावा किया कि डायना की कार दुर्घटना में मौत के बाद जब किंग ने उन्हें फ़ोन किया, तो चार्ल्स की आवाज़ में 'अजीब तरह की ख़ुशी' थी. उनके मुताबिक़, चार्ल्स ऐसे लग रहे थे जैसे 'लॉटरी जीत गए हों.' डायना की मौत 31 अगस्त 1997 को पेरिस में एक कार हादसे में हुई थी. अर्ल स्पेंसर ने बताया कि उन्हें दक्षिण अफ़्रीका के केपटाउन स्थित अपने घर में आधी रात को उनकी बहन जेन के फ़ोन कर इस दुर्घटना की ख़बर मिली थी. इसके बाद जिन लोगों ने उन्हें फ़ोन किया, उनमें चार्ल्स भी शामिल थे. अर्ल स्पेंसर का आरोप है, "मेरे बाकी फ़ोन करने वाले लोग सदमे में थे. वे मुश्किल से अपनी संवेदनाएं और मदद की पेशकश कर पा रहे थे. लेकिन किंग की आवाज़ में अजीब तरह की ख़ुशी थी. मुझे उस वक़्त लगा था जैसे कोई लॉटरी जीत गया हो." डायना बेहद लोकप्रिय थीं और उनकी मौत के बाद ब्रिटेन में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था. शाही परिवार पर भावनाएं और संवेदनाएं ज़ाहिर न करने और जनता के मूड से कटा हुआ होने के आरोप लगे थे. डायना के अंतिम संस्कार में अर्ल स्पेंसर के भावुक और आलोचना भरे भाषण ने भी उनकी मौत के बाद शाही परिवार के ख़िलाफ़ पैदा हुए असंतोष को और बढ़ा दिया था. प्रिंस हैरी पहले भी कह चुके हैं कि 12 साल की उम्र में अपनी मां के ताबूत के पीछे चलना ऐसी चीज थी, जिसके लिए किसी बच्चे से 'कभी नहीं कहा जाना चाहिए.' साल 2017 में बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा था कि वह यह राय नहीं देना चाहते कि ऐसा करना सही था या ग़लत. लेकिन पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें ख़ुशी है कि वह उस दिन उस जुलूस का हिस्सा बने. लॉरा कून्सबर्ग के साथ पूरा इंटरव्यू रविवार को शाम 8:30 बजे बीबीसी आई प्लेयर पर और रात 11 बजे बीबीसी वन पर. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
स्रोत: BBC Hindi