बालपुर गोंडा। विभाग में कर्मचारियों के भारी अभाव में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हलधरमऊ का ब्लाक स्तरीय पशु अस्पताल संचालित कर रहा है। इस तरह से हलधरमऊ की पशु चिकित्सा व्यवस्था वेंटिलेटर पर पहुंच गई लगती है। यहां बीमार पशुओं का किस हद तक कितना इलाज होता होगा इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
दो माह पहले हलधरमऊ ब्लाक स्तरीय पशु अस्पताल पर कार्यरत इकलौते पशु चिकित्सक अनिल कटियार की प्रोन्नति कर गैर जिले तबादला कर दिया गया। इससे यहां का डॉक्टर पद रिक्त हो गया। इससे यहां का कार्यभार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वृज नाथ पाण्डेय के कंधो पर आ गया। यहां का काम चलाऊ कार्यभार करनैलगंज में तहसील स्तर पर तैनात डॉक्टर खिलाड़ी शंकर को दिया गया है। इसी तरह से हलधरमऊ विकास क्षेत्र का दूसरा प्रमुख पशु अस्पताल बालपुर लम्बे समय से डॉक्टर विहीन चल रहा है।
यहां का कार्यभार कटरा ब्लाक में कार्यरत डॉक्टर ओम प्रकाश मौर्या को दिया गया था। दो माह पहले विभाग की ओर से उनका भी प्रोन्नत कर गैर जिले तबादला कर दिया गया है। फार्मासिस्ट के पद यहां पंकज चौधरी और चतुर्थ श्रेणी पद पर इसरार सोनू कार्यरत हैं। मैजापुर एवं नहवा परसौरा पशु चिकित्सा केन्द्र पांच सालों से बन्द पड़ा है। भुलभुलिया पशु चिकित्सा केन्द्र ड्रेसर शरद श्रीवास्तव के सहारे संचालित हो रहा है। इस तरह से हलधरमऊ विकास क्षेत्र की पशु चिकित्सा व्यवस्था चरमराई हुई और इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
सावित्री सिंह पशुधन प्रसार अधिकारी बरांव बिना किसी सूचना के लम्बे समय से गायब है। पशु चिकित्सा केंद्र नहवा परसौरा में तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी क्षिप्रा सिंह लम्बी छुट्टी से वापस लौटी है। इस तरह से इन दोनों क्षेत्रों के पशुपालकों को पशुओं के इलाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे यह दोनों पशु चिकित्सा केन्द्र कर्मचारी की तैनाती होने के बावजूद लम्बे समय से बन्द चल रहे हैं। मीटिंग में होने के चलते मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शशि कुमार शर्मा से बातचीत नहीं हो पाई।