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कॉपरेटिव बैंक में बड़े 21.47 करोड़ के घोटाले का भंडाफोड़ 16 पर मुकदमा

✍️ Admin 📅 13 January, 2026 ⏰ 07:20 PM 👁 392 views

गोंडा। जिले में कोऑपरेटिव बैंक में एक बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ हो गया है। ऋण वितरण में भारी अनियमितता करते हुए करीब 21.47 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अन्य मैनेजर कैशियर और 12 खाताधारकों सहित कुल 16 लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह मामला उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानीगंज शाखा से जुड़ा है। बैंक के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल शिकायत किया था। आंतरिक जांच में 205 खातों और 5 आंतरिक खातों से 2147.78 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।

जांच में सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने अपने परिवार और करीबी लोगों के साथ मिलकर एक सिंडिकेट बनाया। बिना पात्रता और बिना सही दस्तावेजों के फर्जी तरीके से लोन स्वीकृत कराए गए।

फर्जी और कूटरचित कागजातों के जरिए ऋण पास किए गए और फिर उन पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निजी इस्तेमाल में लाया गया। कुछ मामलों में नए लोन की रकम से ही पुरानी किस्तें जमा कर खातों को NPA होने से बचाया गया ताकि बैंक मुख्यालय को भनक न लगे।


  पवन कुमार पाल (तत्कालीन शाखा प्रबंधक)
 अजय कुमार (तत्कालीन प्रबंधक)
 सुशील कुमार गौतम (तत्कालीन सहायक कैशियर)
  सुमित्रा पाल, संजना सिंह, राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह, फूल मोहम्मद, राघव राम, शिवाकांत वर्मा, रितेंद्र पाल, गीता देवी वर्मा, दुष्यंत प्रताप सिंह
 मोहम्मद असलम और प्रतीक कुमार सिंह समेत 16 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया।

नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि बैंक की जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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