पूर्ण संस्करण देखें
⚡ AMP पेज | पूर्ण वेबसाइट देखें
Program

एलबीएस कालेज में तुलसी साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता संगोष्ठी आयोजित

✍️ Admin 📅 19 August, 2026 ⏰ 02:24 PM 👁 64 views

IMG-20260819-WA0096.jpg 189.21 KB


गोंडा 19 अगस्त। लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा के ललिता शास्त्री सभागार में तुलसी जयंती के अवसर पर “तुलसी साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेन्द्र नाथ मिश्र रहे।

मुख्य वक्ता प्रो. शैलेन्द्र नाथ मिश्र ने कहा कि रामचरितमानस मनुष्य-जीवन का संविधान है। उन्होंने तुलसी साहित्य की वैश्विक प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए तुलसीदास के जन्म से संबंधित मतभेदों का उल्लेख किया। उन्होंने अवधी भाषा के महत्व और उसके विकास में रामचरितमानस की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. मिश्र ने बुजुर्ग पीढ़ी के महत्व तथा युवा पीढ़ी के दायित्वों को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज में एकता, प्रेम, मानवता, सभ्यता और सदाचार को मजबूत करने के लिए युवा पीढ़ी को रामचरितमानस एवं तुलसी साहित्य का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने तुलसी साहित्य पर किए गए शोध-कार्यों का भी उल्लेख किया।

विषय प्रवर्तन एवं स्वागत करते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. जयशंकर तिवारी ने तुलसीदास के जन्म, जीवन-संघर्ष और जन्मभूमि से संबंधित मतभेदों पर चर्चा की। उन्होंने तुलसी साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता के संदर्भ में यांत्रिक बुद्धि की उपयोगिता और उसके दुष्प्रभावों पर विचार रखा तथा रामचरितमानस के माध्यम से जीवन-मूल्यों को समझने पर बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में तुलसी साहित्य और युवा चेतना के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के प्रारंभ में छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रो. शैलेन्द्र नाथ मिश्र को पुष्पगुच्छ भेंट किया गया तथा प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने उन्हें स्मृति-चिह्न एवं पट्टिका से सम्मानित किया।

जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविन्द शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए छात्रों से तुलसी साहित्य से जुड़े स्थलों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से जनसामान्य तक पहुँचाने का आह्वान किया। पुष्कर बाबू और शुभी पाण्डेय ने भी तुलसी साहित्य पर अपने विचार व्यक्त किए। मंच संचालन डॉ. मुक्ता टंडन ने किया। वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा शर्मा ने राष्ट्रगान की प्रस्तुति द्वारा कार्यक्रम का समापन कराया।

कार्यक्रम में शिवाकांत मिश्रा विद्रोही, सुरेंद्र सिंह झंझट, डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. ममता शुक्ला, डॉ. हरीश शुक्ल, शिवपूजन, श्रवण, कृष्ण मोहन तिवारी, पिंकी शुक्ला, सूफी गोंडवी, रामभरोस, शंकर दयाल सहित कई शिक्षक एवं सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

📤 शेयर करें: