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Meeting

एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ की समीक्षा संगोष्ठी दिए जरूरी निर्देश

✍️ Admin 📅 03 April, 2026 ⏰ 12:44 PM 👁 86 views


          गोंडा। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा कैम्प कार्यालय में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर लंबित अभियोगों की विवेचना, लंबित जांच प्रार्थना पत्रों, लंबित प्रारंभिक जांच आदि की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने सर्वप्रथम काफी दिनों से लंबित चल रही विवेचनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी कर लम्बी अवधि तक विवेचनाओं के लंबित रखने का कारण जानते हुए विवेचनाओं की स्थिति में आ रही परेशानियों के बारे जाना तथा गुण-दोष के आधार पर जल्द से जल्द विवेचनाओं के निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। महोदय द्वारा लंबित विवेचनाओं विशेषकर अनावरित अभियोगों के निस्तारण तथा इनामिया, जिलाबदर अभियुक्तों की जानकारी हासिल की गयी तथा गैंगस्टर के प्रकरणों में अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 14(1) के तहत कितने प्रकरणों में सम्पत्ति जब्ती करण की कार्यवाही आदि के बारे में समीक्षा की गयी तथा कितने अपराधियों के विरूद्ध एच०एस० खोले गए, कितने अभियुक्तों के विरूद्ध गुण्डा एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी व कितने गैंग पंजीकरण की कार्यवाही की गयी के बारे में समीक्षा की गयी। 

पुलिस अधीक्षक ने पेशेवर अपराधियों को चिन्हित कर ज्यादा से ज्यादा गैंग रजिस्ट्रेशन हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने ऑपरेशन कनविक्शन के अन्तर्गत चिन्हित वाद/मुकदमों की समीक्षा की गयी तथा नये मुकदमों को चिन्हित करने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही वाहन चोरी/नकबजनी के हॉटस्पॉट की समीक्षा करते हुए चोरी/नकबजनी के अपराधों में अंकुश लगाने हेतु रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी करने तथा प्रमुख चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों व जनपदीय सीमा पर बैरियर लगवाकर संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं एवं वाहनों की चेकिंग हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। महोदय द्वारा समस्त राजपत्रित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पीड़ित फरियादियों के आने पर उनकी समस्याओं को सहानुभूति पूर्वक सुनकर उसका तत्काल निस्तारण किया जाए। 
महोदय द्वारा समस्त अधिकारी गण को अवगत कराया गया कि *धारा 107 BNSS* के अंतर्गत अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही किए जाने के प्रावधानों के संबंध में विशेष रूप से जानकारी रखें। ऐसे अपराधियों को चिन्हित किया जाए, जिन्होंने अपराध के माध्यम से अवैध संपत्ति अर्जित की है तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए, सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाए, जिससे अवैध कमाई पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। 

साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि न्यायालय से आदेश प्राप्त होने पर संबंधित संपत्तियों को नियमानुसार सील/कुर्क करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समयावधि में विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कार्यवाही की जाए। इस प्रकार की कार्यवाही का उद्देश्य अपराधियों की अवैध आर्थिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना, उनकी आर्थिक क्षमता को कमजोर करना एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने *यक्ष ऐप* के संबंध में बताया गया कि यह पुलिस का एक डिजिटल टूल है, जो अपराधों के अन्वेषण में डाटा विश्लेषण व साक्ष्य संकलन के माध्यम से त्वरित व प्रभावी कार्रवाई में सहायक है। विवेचकों को निर्देशित करते हुए कहा कि अधिक से अधिक अभियोगों में यक्ष ऐप का उपयोग करते हुए समय से डाटा फीडिंग व तकनीकी विश्लेषण सुनिश्चित करें, ताकि आपराधिक अभियोगों का गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निस्तारण हो सके। महोदय ने *बीट आरक्षियों हेतु निर्देश* दिए कि बीट क्षेत्र की गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों व जनसमस्याओं की जानकारी को नियमित रूप से यक्ष ऐप की ऑनलाइन बीट बुक में अंकित करें। जिससे पुलिस के कार्यों को अधिक डिजिटल, पारदर्शी व प्रभावी बनाया जा सके ।

गोण्डा पुलिस द्वारा 01 जनवरी 2026 से 28.02.2026 तक *गैंगस्टर एक्ट* के तहत कुल 20 अभियुक्तों के विरुद्ध 05 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं । गैंगस्टर एक्ट की *धारा 14(1)*  के तहत 02 प्रकरणों में अपराध से अर्जित की गयी ₹52,44,689/- की सम्पत्ति जब्त की गयी है। 25 अभियुक्तों पर गुण्डा एक्ट के तहत *जिलाबदर* की कार्यवाही की गयी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) महोदय उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे *"ऑपरेशन कन्विक्शन"* के तहत गोण्डा पुलिस व अभियोजन विभाग द्वारा अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकता से प्रभावी पैरवी करते हुए हत्या, लूट, नकबजनी आदि के 82 अभियोगों में 142 अभियुक्तों को सजा करायी गयी है इनमें से 03 अपराधियों को आजीवन कारावास, 03 अभियुक्तों को 10 वर्ष से अधिक का कारावास, 07 अपराधियों को 05 वर्ष से अधिक का कारावास और 129 अपराधियों को 05 वर्ष से कम/अर्थदंड की सजा हुई है।

इस अवसर पर जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय व जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारीगण मौजूद रहे।


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