अवैध मिट्टी खनन बेलगाम थाने एवं पुलिस चौकी से होकर धड़ल्ले से निकल रही ट्रैक्टर ट्रालियां
गोंडा। जिले में शहर कोतवाली देहात और कर्नलगंज थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध मिट्टी खनन के बड़े गढ़ बन गये हैं। हालात यह हैं कि पुलिस चौकी और थानों के सामने से ही मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। ग्रामीणों के मुताबिक अवैध खनन का यह कारोबार पुलिस और खनन विभाग के कुछ जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है। थानों और चौकियों से सेटिंग कर खनन माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से खुलेआम मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं। जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाज से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सद्भावना पुलिस चौकी के सामने से रात में मिट्टी लदे वाहन गुजरते देखे जा सकते हैं। वहीं, कोतवाली देहात क्षेत्र के खोरहंसा चौकी से लगभग 500 मीटर की दूरी पर तकिया गांव के पास रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। कर्नलगंज कोतवाली के भंभुआ चौकी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर खनन जारी है। वर्तमान में भंभुआ गांव के पास जेसीबी से खुदाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। इसी तरह नगर कोतवाली क्षेत्र के तिवारी बाजार चौकी से करीब 300 मीटर दूर, केला गोदाम के पास रात के अंधेरे में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई की जा रही है।
इस अवैध गतिविधि से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात हो रहे अवैध खनन से खेतों, खाली जमीनों और जल स्रोतों को नुकसान पहुंच रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस मामले में कब तक सख्ती दिखाता है और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाती है।