डीएम के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुपालन विभाग ने लगाया चिकित्सा शिविर भूसा का वितरण
गोण्डा 10 सितम्बर,2026*
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर पशुपालन विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तहसील तरबगंज अंतर्गत बाढ़ प्रभावित ग्राम दत्तनगर, ऐलीपरसौली, साकीपुर, महेशपुर तथा चौखड़िया आदि गांवों में पशुपालन विभाग की टीम द्वारा विशेष चिकित्सा एवं टीकाकरण कैम्प लगाए गए।
कैम्प के माध्यम से बाढ़ प्रभावित पशुपालकों को आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। विभागीय टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार पशुओं के लिए दवाओं का वितरण किया गया। इससे बाढ़ की स्थिति के बीच पशुपालकों को अपने पशुओं के उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ा और उन्हें मौके पर ही आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो सकी।
बाढ़ के दौरान पशुओं में विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोग फैलने की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा सभी उपलब्ध पशुओं का टीकाकरण भी किया गया। विभागीय कर्मचारियों एवं पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।
पशुपालकों को सलाह दी गई कि बाढ़ के दौरान पशुओं को यथासंभव सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखा जाए तथा उन्हें स्वच्छ पेयजल और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही किसी भी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशुपालन विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया, जिससे समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के चारे की समस्या को देखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को भूसा भी वितरित किया गया। इससे बाढ़ के कारण चारे की उपलब्धता प्रभावित होने वाले पशुपालकों को काफी राहत मिली। विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं की आवश्यकताओं का जायजा लेते हुए दवा, टीकाकरण और चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर संचालित इस अभियान का उद्देश्य बाढ़ की विषम परिस्थितियों में पशुधन को सुरक्षित रखना तथा पशुपालकों को आवश्यक पशु चिकित्सा एवं चारा संबंधी सहायता उपलब्ध कराना है। पशुपालन विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार चिकित्सा सेवाएं एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।