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Death

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में एक इमारत ढही, कई लोगों के दबे होने की आशंका

✍️ Admin 📅 06 September, 2026 ⏰ 02:44 PM 👁 83 views

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में रविवार दोपहर एक इमारत ढह गई. हादसा मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास हुआ. इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना स्थल पर पहुंचे बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने कहा, "कुछ स्टूडेंट्स अंदर से फ़ोन भी कर रहे हैं और लगता है कि अभी भी कुछ और लोग अंदर फंसे हुए हैं." उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह बेहद दुखद घटना है. छात्र अलग-अलग जगहों से यहां पढ़ने आते हैं और इस इमारत में पीजी में रहते हैं. इमारत गिर गई है. यह बताना मुश्किल है कि अंदर पांच, दस या बीस छात्र हैं, लेकिन इतना तय है कि छात्र अंदर फंसे हुए हैं. बचाव अभियान जारी है." अनिल शर्मा ने बताया कि 'अब तक दो स्टूडेंट्स को बचाया गया है.' समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली अग्निशमन विभाग को दोपहर करीब 1.30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया. फ़िलहाल मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है. हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पांच दमकल गाड़ियों और पुलिस की टीमों को मौके पर भेजा गया है और बचाव अभियान जारी है. घटना के बाद आपातकालीन कर्मचारी मौके पर पहुंचे और यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि कितने लोग फंसे हुए हैं और कितना नुकसान हुआ है. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने आशंका ज़ाहिर की है कि इमारत के मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र दबे हो सकते हैं. एनएसयूआई ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की ख़बर बेहद चिंताजनक है. ख़बरें आ रही हैं कि डीयू के छात्र मलबे में फंसे हुए हैं." "छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ लापरवाही किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डीयू प्रशासन और सरकार को तुरंत युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू करना चाहिए, हर छात्र और व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना चाहिए और इस घटना की निष्पक्ष जांच कर ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना चाहिए." "छात्रों की जान के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मोदी जी, आप छात्रों की बात करने के लिए बड़े मंचों पर जाते हैं, लेकिन जब छात्रों की सुरक्षा और उनकी जान का सवाल आता है, तो सरकार उन्हें भूल जाती है." "केंद्र में बीजेपी की सरकार, दिल्ली में बीजेपी की सरकार, एमसीडी में बीजेपी का मेयर, जब सब कुछ आपका है, तो छात्रों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? आखिर कब तक छात्रों को लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी?" बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi

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