नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 469 पहुंची
नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है. नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को ये जानकारी दी. वहीं चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया है कि तिब्बत में बाढ़ के कारण फंसे 555 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इस बीच, भारत, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने कहा है कि इस आपदा के बाद उनके कुछ नागरिक लापता हैं. ऐसे में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लापता लोगों में से कोई तिब्बत की तरफ तो नहीं फंसा हुआ है. नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन के चलते हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है. नेपाल में आई बाढ़ के बाद की कुछ तस्वीरें- इमेज स्रोत, AP Photo/Niranjan Shrestha इमेज स्रोत, REUTERS/Navesh Chitrakar इमेज स्रोत, Prabin RANABHAT / AFP via Getty Images नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ का ख़तरा अभी टला नहीं है. फ्लैश फ़्लड के बाद बनी एक झील से बाढ़ खतरा बढ़ गया है. इससे राहत और बचाव अभियान और मुश्किल हो सकता है. न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा है कि अचानक आई बाढ़ के बाद बनी एक झील के "टूटने और उसका पानी नीचे की ओर बहने का ख़तरा" बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक़, अगले तीन दिनों में लगातार बारिश की वजह झील में करीब 30 लाख घन मीटर पानी जमा हो सकता है. यह मात्रा करीब 1,200 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल के बराबर है. चीनी सरकारी मीडिया ने चेतावनी दी है कि अगर झील का पानी अचानक बाहर निकलता है, तो इससे नीचे की तरफ स्थित इलाक़ों में भारी नुक़सान हो सकता है. इनमें जिरोंग पोर्ट और आसपास के अन्य इलाक़े शामिल हैं. नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद 900 से ज़्यादा लोग लापता हैं और कम से कम 389 लोगों की मौत हो चुकी है. तिब्बत में तीन लोगों की मौत हुई है और 550 से ज़्यादा लोग लापता हैं. यह साफ़ नहीं है कि ताज़ा आंकड़ों में ये संख्याएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं या नहीं. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेज़ाई ने दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिश और उनके छोटे बेटे को जान से मारने की धमकी की ख़बरें इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की "साजिश" हैं. अरब न्यूज़ चैनल अल-मनार से बातचीत में रेज़ाई ने कहा कि नेतन्याहू इन ख़बरों के ज़रिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को डराना चाहते हैं, ताकि अमेरिका को ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध में शामिल किया जा सके. रेज़ाई ने कहा कि नेतन्याहू ने ईरान की ओर से ट्रंप की हत्या की कथित योजना से जुड़ी "झूठी ख़बरें" फैलाकर अमेरिकी राष्ट्रपति में डर पैदा किया और उनके फ़ैसले लेने की क्षमता को प्रभावित किया. उन्होंने कहा, "इन ख़बरों के डर से ट्रंप तुर्की की यात्रा के दौरान एक मजदूर की तरह खाने की सप्लाई करने वाली गाड़ी में सफर करते नज़र आए." रेज़ाई ने आगे कहा, "अगर हम कोई फ़ैसला लेते हैं तो उसे लागू करने से हमें कोई नहीं रोक सकता. लेकिन ये खबरें सिर्फ नेतन्याहू की बकवास हैं." न्यूज़ एजेंसी समेत ईरानी मीडिया ने अल-मनार के साथ रेज़ाई की बातचीत के कुछ हिस्से प्रकाशित किए हैं. हालांकि, ट्रंप की हत्या या उनके बेटे को निशाना बनाने की कथित धमकी को लेकर रेज़ाई ने अपने दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि नेपाल के रसुवा ज़िले में आई बाढ़ के बाद अमेरिका ने नेपाल को हर संभव मदद देने की पेशकश की है. एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नेपाल की लीडरशिप से संपर्क किया है और ज़रूरत के मुताबिक हर तरह की सहायता देने की बात कही है. उन्होंने इस तबाही को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा. ट्रंप ने कहा, "हमने नेपाल से बात की है और उन्हें हर तरह की मदद की पेशकश की है. नेपाल के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं. वहां जो हुआ, वह बेहद भयानक था. यह सिर्फ़ पानी नहीं था, बल्कि पानी और कीचड़ का ऐसा ख़तरनाक मिश्रण था, जिसे शायद किसी ने पहले कभी नहीं देखा. मज़बूत और अच्छी तरह से बने भवन भी ऐसे बह गए, जैसे वे माचिस की तीलियां हों." उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत दुखद घटना है और अमेरिका मदद भेज रहा है. ट्रंप ने कहा, "हमने वहां की लीडरशिप से बात की है और उन्हें बता दिया है कि उन्हें जिस भी तरह की मदद चाहिए, हम उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं." ट्रंप ने यह भी बताया कि प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक मौजूद थे और अभी तक सभी प्रभावित लोगों की पूरी सूची अमेरिका को नहीं मिली है. अमेरिकी विदेश विभाग ने मुताबिक, नेपाल में आई बाढ़ की वजह से करीब 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हुए हैं. नेपाल पुलिस के मुताबिक़, देश में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 389 हो गई है. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया है कि बचावकर्मियों ने अब तक क़रीब 600 लोगों को सुरक्षित बचाया है. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया है कि बाढ़ के बाद 31 देशों के 540 विदेशी नागरिक लापता हैं. इस क्षेत्र में पर्यटकों के रूप में आने वालों में सबसे अधिक संख्या भारत से है, जिनकी तादाद 178 है. बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - नेपाल में किस वजह से आई विनाशकारी बाढ़, वैज्ञानिकों ने क्या बताया? 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स्रोत: BBC Hindi