'35 करोड़ की पेशकश की गई': क्या तमिलनाडु में विजय के विधायक को ख़रीदने की कोशिश हुई?
तमिलनाडु पुलिस ने विजय सरकार को अस्थिर करने के मक़सद से कथित होर्स ट्रेडिंग के मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है. ये कार्रवाई उथंगरई विधानसभा सीट से टीवीके विधायक एन इलैयाराजा की शिकायत के बाद की गई है. विधायक का दावा है कि विधानसभा के स्पीकर के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव में वोट करने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई. पुलिस ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर इस मामले की जानकारी दी है. टीवीके का दावा है कि गिरफ़्तार लोगों का संपर्क डीएमके के वरिष्ठ नेता सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार से था. वहीं डीएमके ने इन आरोपों को निराधार बताया है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों को कोर्ट में पेश किया गया और न्यायाधीश ने उन्हें 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है. कृष्णागिरी ज़िले के उथंगरई निर्वाचन क्षेत्र के विधायक इलैयाराजा ने 29 तारीख को चेन्नई मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उन्होंने कहा कि "कुछ दिन पहले, थिरुनावुक्करासु नाम के शख़्स ने कॉल कर कहा था कि वह इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज़ (आईपीडीएस) नामक एक पोलिंग कंपनी चलाते हैं और एक प्रमुख पार्टी के कुछ लोगों की ओर से वो मुझसे मिलना चाहते थे." वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं. उन्होंने शिकायत में कहा कि उन्होंने फ़ोन काट दिया था लेकिन उन्होंने उनसे दोबारा संपर्क किया और कहा कि वे स्पीकर के ख़िलाफ़ प्रस्ताव में उनके हिसाब से वोट करें. विधायक ने यह भी दावा किया कि उनकी मांगों को पूरा करने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी. इलैयाराजा ने शिकायत में कहा, "मैंने उन्हें साफ़-साफ़ कह दिया है कि वे मुझसे अब और बात न करें." इलैयाराजा ने बताया कि उन्हें धमकी दी गई कि अगर वो यह बात सार्वजनिक करते हैं, तो उन्हें और उनके परिवार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे. इलैयाराजा ने शिकायत में कहा, "उन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने जनता द्वारा चुने गए एक लोक सेवक को सार्वजनिक सेवा न करने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की, उनकी बातों से सहमत होने के लिए मजबूर किया और मेरे परिवार को धमकी दी." शिकायत के आधार पर चेन्नई के थिरुनावुक्करासु को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, उन्हें इस घटना में संलिप्त माना जा रहा है. पुलिस ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा है कि त्रिची के नरेश और चेन्नई के त्यागराजन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक़, जांच के दौरान डीएमके के पूर्व मंत्री और वर्तमान कोयंबटूर दक्षिण विधानसभा सदस्य सेंथिल बालाजी के भाई अशोक कुमार से चेन्नई में नरेश ने मुलाकात की थी. पुलिस का कहना है कि थिरुनावुक्करासु सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार की सलाह पर शिकायतकर्ता इलैयाराजा से संपर्क कर रहा था पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि इस मामले की जांच जारी है. बीबीसी तमिल ने विधायक इलैयाराजा से बात की, जिन्होंने रिश्वत दिए जाने की शिकायत की थी. उन्होंने कहा, "मैंने शिकायत में सब कुछ बता दिया है. उन्होंने मुझे मेरे मोबाइल फ़ोन पर कॉल किया. उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह मुझे सही नहीं लगा." उन्होंने कहा, "उन्होंने किसी भी पार्टी का नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि वे एक महत्वपूर्ण पार्टी की ओर से बोल रहे हैं. उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. मैंने उनकी बातों से यही समझा." "उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने इस संबंध में दस विधायकों और एक मंत्री से बात की है. चूंकि इस मामले की पृष्ठभूमि बहुत महत्वपूर्ण थी, इसलिए मैंने इसे पार्टी नेतृत्व के ध्यान में लाया. मैंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है." तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक को कथित तौर पर रिश्वत दिए जाने की शिकायत के संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने कहा, "इस मामले में गिरफ्तार नरेश.. सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार के सीधे संपर्क में था." "पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. विस्तृत जांच जारी है." दूसरी ओर डीएमके के संगठनात्मक सचिव आरएस भारती ने राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय और एमडीएमके के महासचिव वाइको दो विधायकों के इस्तीफ़े के लिए साज़िश रचने में शामिल थे और उन्होंने राज्यपाल से उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीटीआर निर्मल कुमार ने कहा, "राज्यपाल को पत्र लिखकर इस मामले को आगे बढ़ाने को कहा गया है. अगर कोई सबूत है तो उन्हें पेश करना चाहिए. विधानसभा में हमारी संख्या 120 है." बीबीसी तमिल ने डीएमके के संगठनात्मक सचिव आरएस भारती से सीटीआर निर्मल कुमार की ओर से लगाए गए आरोपों के बारे में बात की. उन्होंने कहा, "डीएमके इस तरह के किसी सौदे में शामिल नहीं है. हम झूठी और निराधार शिकायतों का जवाब नहीं दे सकते." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi