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पीएम मोदी का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई देना क्यों बहस का मुद्दा बन गया?

✍️ Admin 📅 27 June, 2026 ⏰ 10:43 AM 👁 23 views

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन (26 जून) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें बधाई देने के बाद एक बड़ा विवाद छिड़ गया. विपक्ष और प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में उनकी सीधी ज़िम्मेदारी तय करते हुए एक बार फिर इस्तीफ़े की मांग की है. दरअसल, नीट पेपर लीक होने के बाद से ही देश भर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी हैं. कांग्रेस के अलावा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भी लगातार देश भर के कई शहरों में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफ़े की मांग कर चुकी है. सीजेपी का ताज़ा प्रदर्शन दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर चल रहा है. इस बीच पीएम मोदी की बर्थडे विश के बाद कई बड़े नेताओं ने उनकी और धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना की, जिनमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हैं. इमेज स्रोत, Isabel Infantes / POOL / AFP via Getty Images प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक एक्स हैंडल से 26 जून को सुबह 8 बजे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. वो राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य भारत को ज्ञान, सीखने और नवाचार का केंद्र बनाना है. उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूँ." इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी का यह एक्स पोस्ट शेयर करते हुए आभार जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गर्मजोशी भरी शुभकामनाओं और अनमोल आशीर्वाद के लिए मेरा गहरा आभार. आपका दूरदर्शी नेतृत्व, गहरी समझ, राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण और लगातार प्रोत्साहन हमें लोगों और देश की सेवा में निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है." धर्मेंद्र प्रधान को पीएम मोदी के अलावा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं. बीजेपी और एनडीए शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने भी प्रधान को बर्थडे विश किया. इमेज स्रोत, Atul Kumar Yadav/ The India Today Group via Getty Images वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं. विपक्ष के कई नेताओं ने पीएम मोदी की आलोचना करते हुए धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "प्रिय धर्मेंद्र अंकल, जन्मदिन मुबारक. आज आप 57 साल के हो गए. हम तो आपकी आधी उम्र तक भी नहीं पहुंच पाए." इसके बाद खेड़ा ने उन छात्रों के नाम लिखे, जिन्होंने 'कथित रूप से नीट परीक्षा पेपर लीक की वजह से आत्महत्या' कर ली. इसके बाद राहुल गांधी ने पवन खेड़ा के पोस्ट को शेयर करते हुए कहा कि 'पीएम मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान को बधाई दी, तब उन्होंने इन बच्चों के बारे में नहीं सोचा?' राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, "इस सूची में लिखा हर नाम एक बच्चा था, जिसके पास सपना था, परिवार था, भविष्य था- सब कुछ एक टूटी हुई व्यवस्था और ऐसी सरकार ने ख़त्म कर दिया, जो सीखना या ज़िम्मेदारी लेना नहीं चाहती. इन छात्रों को याद रखो, हर एक को. जब प्रधानमंत्री मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान जी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी, तो क्या उन्होंने इन बच्चों के बारे में एक पल भी सोचा?" राहुल गांधी ने अपने इस पोस्ट को एक्स हैंडल पर पिन भी किया है. (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.) विपक्षी नेताओं के अलावा, सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाले टीचर्स ने भी पीएम मोदी की ओर से दी गई बर्थडे विश पर प्रतिक्रिया दी. टीचर विजेंद्र चौहान ने कहा कि पीएम मोदी नीट, एनटीए, सीबीएसई और एनईपी की 'तबाही का जश्न' मना रहे हैं. विजेंद्र चौहान ने एक्स पर लिखा, "क़ाबिले तारीफ़ कोशिशें, ऐसे ही पीएम नीट, एनटीए, सीबीएसई और एनईपी की तबाही का जश्न मना रहे हैं…जब दर्जनों छात्रों की मौत हुई और हज़ारों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की, तब उन्होंने खुलेआम युवाओं के ज़ख़्मों पर नमक छिड़कना चुना." सोशल मीडिया पर लोकप्रिय टीचर अभिनय शर्मा ने भी कहा कि शिक्षा मंत्रालय का मूल्यांकन शुभकामनाओं से नहीं, परिणामों से होगा. उन्होंने एक्स पर लिखा, "माननीय प्रधानमंत्री जी, जन्मदिन की शुभकामनाएँ अपनी जगह हैं, लेकिन शिक्षा मंत्रालय का मूल्यांकन शुभकामनाओं से नहीं, परिणामों से होगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पूरा क्रियान्वयन अभी तक नहीं हुआ है. उन्होंने आगे लिखा, "अगर राष्ट्रीय शिक्षा नीति इतनी सफलतापूर्वक लागू हो रही है, तो फिर बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएँ क्यों हैं? लाखों युवा वर्षों तक परिणाम और नियुक्ति का इंतज़ार क्यों कर रहे हैं? सरकारी स्कूलों और उच्च शिक्षा की चुनौतियाँ आज भी जस की तस क्यों हैं?" 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए उन्हें जन्मदिन के उपहार के रूप में एक केक भेंट किया. केक बॉक्स पर लिखा था- 'प्रधान गो बैक'. सीजेपी ने एक्स पर लिखा, "बर्थडे बॉय के लिए एक रिमाइंडर वाला केक: प्लीज़ इस्तीफ़ा दे दो! सीजेपी की टीम शिक्षा मंत्रालय गई और धर्मेंद्र प्रधान के लिए केक लेकर पहुंची, ताकि उन्हें शिक्षा मंत्री के तौर पर उनके बेहद ख़राब प्रदर्शन की याद दिलाई जा सके." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

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