रामलीला मैदान में विपक्ष की 'महारैली' को लेकर बीजेपी ने कहा, 'राहुल गांधी ने ग़लत दिन चुना'
इमेज स्रोत, Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images मनीषा भानवाला वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं की फ़्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गई हैं. मनीषा ने भारत पहुंचने के बाद कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और मैं बहुत गर्व महसूस कर रही हूं. यह साल मेरे लिए मानसिक रूप से काफ़ी मुश्किल रहा, क्योंकि इस साल एशियन गेम्स भी थे. मैं काफ़ी परेशान थी, क्योंकि एशियन गेम्स मेरे लिए बहुत ज़रूरी थे और किसी वजह से मैं वहां मेडल नहीं जीत पाई." "जब मैं वापस लौटी, तो मेरे मन में बार-बार यही बात आ रही थी कि मैं वहां मेडल क्यों नहीं जीत पाई. इसके बाद मेरे पास 10 दिन थे, इसलिए मैंने लगातार अभ्यास किया और फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप आई." मनीषा ने कहा, "मुझे अंदर से लग रहा था कि इस बार मैं इतिहास रचूंगी और मैंने ऐसा कर दिखाया. भारतीय कुश्ती महासंघ ने मेरा साथ दिया है और आगे भी देता रहेगा. जैसे-जैसे हम सीनियर होते हैं, हमारा अनुभव बढ़ता जाता है. मुझे लगता है कि अगला साल इससे भी बेहतर होगा. अपना पूरा दम लगाकर मेहनत करते रहिए, आपको सफलता ज़रूर मिलेगी." गौरतलब है कि मनीषा भानवाला ने 59 किलोग्राम भार वर्ग के रोमांचक फ़ाइनल मुक़ाबले में अमेरिका की अबीगेल नेट को 8-6 से हराया. इमेज स्रोत, Ishant Chauhan/Hindustan Times via Getty Images कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल रविवार को रामलीला मैदान में चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं के विरोध में महारैली कर रहे हैं. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने इस रैली के लिए ग़लत दिन चुना है. केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली पर कहा, "विरोध प्रदर्शन का एक कार्यक्रम उन्होंने हाथ में लिया है. उनके घटक दलों के नेता भी 1 नवंबर नहीं चाहते हैं, क्योंकि 1 नवंबर को दिल्ली में एक बेहद संवेदनशील दिन के रूप में याद किया जाता है." "31 अक्तूबर 1984 को इंदिरा जी की हत्या हुई. उसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली में जिस तरह मारकाट हुई, सिख भाइयों पर अत्याचार हुए, ख़ून-ख़राबा हुआ और उसी दिन को राहुल गांधी जी ने चुना. उनके मन में थोड़ी-बहुत भी संवेदना नहीं है. 1 नवंबर को लेकर सिख प्रतिनिधियों ने भी उन्हें चेताया कि आप अपने आंदोलन की तारीख़ आगे-पीछे कर लें." मेघवाल ने कहा, "दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भी उन्हें पत्र लिखा और उनके घर जाकर मुलाक़ात की. उन्होंने कहा कि आप तारीख़ आगे-पीछे कर लें, क्योंकि दिवाली का त्योहार आ रहा है... हम साल भर इंतज़ार करते हैं. हम थोक व्यापारी हैं. इतने लाख लोग इकट्ठा करेंगे तो बाज़ार प्रभावित होगा, दुकानें बंद हो जाएंगी और जो लोग हमसे सामान ख़रीदना चाहते हैं, वे नहीं आ पाएंगे." वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "1 नवंबर को दिल्ली के सबसे बुरे दिनों की शुरुआत हुई थी. अब इसके 42 साल पूरे हो रहे हैं. सिख परिवारों के लिए यह तारीख़ अपनों को खोने और घरों के जलकर राख हो जाने की दर्दनाक यादें लेकर आती है." उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या एक दुखद घटना थी, लेकिन इसके बाद सिख समुदाय को जिस तरह सामूहिक रूप से सज़ा दी गई, उसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता." समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आज़म ख़ान शनिवार को रामपुर जेल से रिहा हुए, लेकिन रिहाई के तुरंत बाद जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ़्तार कर लिया. इस मामले पर उनके वकील नासिर सुल्तान ने शनिवार रात को कहा कि उन्होंने आज तक ऐसा नहीं देखा. उन्होंने इसे सरकार का 'तानाशाहीपूर्ण रवैया' बताया. वकील नासिर सुल्तान ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "जिस तरह से मोहम्मद आज़म ख़ान को जेल से निकलते ही उठाया गया, उठाने का कोई आधार नहीं बताया गया. कहां लेकर जा रहे हैं और कौन उठा रहा है, कुछ नहीं बताया गया. इस तरह किसी को जेल से निकलते हुए उठाना या हिरासत में लेना हमने आज तक नहीं देखा." उन्होंने कहा, "तीन दिन की मेहनत और मशक्कत के बाद वो जेल से रिहा हुए और तब उन्हें उठा लिया गया. मैं यही कहूंगा कि यह सरकार का एक तानाशाहीपूर्ण रवैया है. मोहम्मद आज़म ख़ान से किसे ख़तरा है? 2027 का चुनाव क़रीब है तो जिसे ख़तरा होगा, वही ये सब काम करवा रहे हैं. "आज़म ख़ान इस देश के सबसे बड़े सेक्युलर नेता हैं. उनकी आवाज़ पूरे देश में सुनी जाती है. सरकार नहीं चाहती कि वो बाहर आएं. सरकार में रहने वाली पार्टी को उनसे नुक़सान होगा." 14 अक्तूबर 2026 को प्रवर्तन निदेशालय ने आज़म ख़ान को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी फंड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नामज़द किया था. इसी मामले में उन्हें शनिवार को गिरफ़्तार किया गया है. इमेज स्रोत, Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपील की है कि रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने वाले लोग यहां ख़रीदारी कर व्यापारियों की मदद करें. राहुल गांधी ने शनिवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक वीडियो जारी कर यह अपील की. उन्होंने कहा, "कल लाखों लोग रामलीला मार्च के लिए दिल्ली आ रहे हैं.त्योहारों का मौसम है. दिवाली, छठ, भाईदूज का समय है. मैं चाहता हूं जो लाखों लोग बाहर से दिल्ली आ रहे हैं, वो यहां के व्यापारियों की मदद करें." "प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी सी ख़रीदारी भी कीजिए - व्यापारियों का फ़ायदा हो जाएगा. मैं जानता हूं व्यापारियों को रैली नुक़सान नहीं पहुंचाएगी. बीजेपी डरी हुई है इसलिए अफ़वाह फैला रही है." राहुल ने कहा, "दोनों काम करते हैं. कल मार्च होगा, रैली होगी और लाखों लोग हमारे व्यापारियों की छोटी-छोटी दुकानों में से सामान ख़रीदेंगे." गौरतलब है कि दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) राहुल गांधी से 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली को टालने की मांग की थी. व्यापार संगठन ने अपील की थी कि त्योहारों के इस सीज़न में इस रैली को दीपावली के बाद (10 नवंबर के बाद) आयोजित किया जाए. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - आंध्र प्रदेश: क्लासरूम में घुसकर छात्रा पर आरी से हमला, आख़िर हुआ क्या था? - यूपी में सरकारी नौकरी की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इस नए नियम पर क्यों उठ रहे सवाल? - न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी से मिले कोल्हापुर के दर्शन मगदूम, मगर वो हैं कौन? - 'मॉक संसद' में राहुल गांधी का दावा- 2024 का लोकसभा चुनाव 'अवैध' था
स्रोत: BBC Hindi